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Kurukshetra News: डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी काबू
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कुरुक्षेत्र। पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर बाकी आरोपियों को धोखाधड़ी में प्रयुक्त बैंक खाते उपलब्ध करवाने का आरोप है।
थाना साइबर की टीम ने बताया कि इन दोनों आरोपियों की पहचान राजस्थान के जोधपुर निवासी मोहम्मद सारीक अली और मोहम्मद समीर के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस प्रवक्ता नरेश सागवाल ने बताया कि 4 अक्टूबर 2024 को साइबर पोर्टल के माध्यम से सेक्टर-सात निवासी एक सेवानिवृत्त महिला शिक्षिका की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 13 सितंबर 2024 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई।
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कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में इंटरनेट पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने का मामला दर्ज है। इसके बाद कॉल को मुंबई क्राइम ब्रांच से जोड़ा गया, जहां एक व्यक्ति ने खुद को सिपाही विक्रम बताया और सीबीआई जांच अधिकारी से बात कराने की बात कही।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बताया कि उनका फोन नंबर मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है और उनके आधार कार्ड का उपयोग कर विभिन्न बैंकों में खाते खोले गए हैं जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं। उन्हें मुंबई बुलाया गया और ऐसा न करने पर 90 दिन की जेल की धमकी दी गई।
उम्र और बीमारी का हवाला देने पर आरोपियों ने स्काइप एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर वीडियो कॉल के जरिये उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर विभिन्न खातों में दो करोड़ 46 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाद में पीड़िता को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना प्रभारी महेश कुमार की टीम ने जांच के दौरान पहले सात आरोपियों बलविंदर सिंह, गुरसेवक सिंह, सुरेश कुमार, मनजीत, केशव प्रकाश, प्रकाश देवड़ा और विष्णु राम को गिरफ्तार किया था। अब जांच को आगे बढ़ाते हुए कार्रवाई में मोहम्मद सारिक अली और मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने मुख्य आरोपियों को धन ट्रांसफर के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाए थे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
साथ ही नागरिकों से अपील है कि वे अनजान कॉल्स और डिजिटल अरेस्ट जैसे दावों पर भरोसा न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।
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थाना साइबर की टीम ने बताया कि इन दोनों आरोपियों की पहचान राजस्थान के जोधपुर निवासी मोहम्मद सारीक अली और मोहम्मद समीर के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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पुलिस प्रवक्ता नरेश सागवाल ने बताया कि 4 अक्टूबर 2024 को साइबर पोर्टल के माध्यम से सेक्टर-सात निवासी एक सेवानिवृत्त महिला शिक्षिका की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 13 सितंबर 2024 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई।
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कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ मुंबई के अंधेरी पुलिस स्टेशन में इंटरनेट पर अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने का मामला दर्ज है। इसके बाद कॉल को मुंबई क्राइम ब्रांच से जोड़ा गया, जहां एक व्यक्ति ने खुद को सिपाही विक्रम बताया और सीबीआई जांच अधिकारी से बात कराने की बात कही।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बताया कि उनका फोन नंबर मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है और उनके आधार कार्ड का उपयोग कर विभिन्न बैंकों में खाते खोले गए हैं जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं। उन्हें मुंबई बुलाया गया और ऐसा न करने पर 90 दिन की जेल की धमकी दी गई।
उम्र और बीमारी का हवाला देने पर आरोपियों ने स्काइप एप्लिकेशन डाउनलोड करवाकर वीडियो कॉल के जरिये उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर विभिन्न खातों में दो करोड़ 46 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। बाद में पीड़िता को धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
साइबर थाना प्रभारी महेश कुमार की टीम ने जांच के दौरान पहले सात आरोपियों बलविंदर सिंह, गुरसेवक सिंह, सुरेश कुमार, मनजीत, केशव प्रकाश, प्रकाश देवड़ा और विष्णु राम को गिरफ्तार किया था। अब जांच को आगे बढ़ाते हुए कार्रवाई में मोहम्मद सारिक अली और मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया गया। दोनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
प्रभारी महेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने मुख्य आरोपियों को धन ट्रांसफर के लिए बैंक खाते उपलब्ध करवाए थे। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
साथ ही नागरिकों से अपील है कि वे अनजान कॉल्स और डिजिटल अरेस्ट जैसे दावों पर भरोसा न करें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।