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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर पर सजीं अस्थायी अनाजमंडियां, वीवीआईपी घाट तक अटा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2024 05:51 AM IST
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Temporary grain markets decorated on Brahmasarovar, lined up to VVIP Ghat
कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर न केवल देश के 30 आईकोनिक पैलेस में शुमार है बल्कि यह देश-विदेश के करोड़ों लोगों की गहरी आस्था का भी प्रतीक है। ऐसे में यहां देश-विदेश से हर रोज पांच हजार से ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके रख-रखाव पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं तो सुबह-शाम ही नहीं यहां दिन भर पर्यटकों का आना-जाना रहता है, लेकिन पिछले करीब एक सप्ताह से यहां पर्यटकों का स्वागत चारों ओर लगे गेहूं के ढेर व उठते धूल के गुब्बारों से हो रहा है।
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ब्रह्मसरोवर के चारों ओर अस्थायी अनाजमंडियां सजी है, जहां ट्रैक्टर-ट्रालियों से लेकर ट्रक ही दौड़ते दिखाई देते हैं। यहां तक कि वीवीआईपी घाट तक बाहरी ओर गेहूं के अंबार से अटा है। ऐसे में ब्रह्मसरोवर की दशा बिगड़ी दिखाई देने लगी है तो यहां आने वाले पर्यटकों को भी बड़ा धक्का लग रहा है। पर्यटक ये हालात देख किनारा करने लगे हैं, जिसके चलते धर्मनगरी के पर्यटन उद्योग तक को भी झटका माना जा रहा है।
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न कोई सड़क खाली न पार्किंग, बदल गई सूरत
ब्रह्मसरोवर के चारों ओर लगी अस्थायी अनाजमंडियों के चलते हालात यह है कि न कोई सड़क खाली है न ही पार्किंग। बस है तो चारों ओर अनाज की ढेरियां व बोरियों का अंबार। यहां तक कि वीवीआईपी घाट भी इसकी चपेट में हैं। ये हालात पहली बार नहीं बने हैं बल्कि हर छह माह बाद गेहूं व धान कटाई के आने वाले सीजन में ब्रह्मसरोवर पर्यटक स्थल नहीं बल्कि अनाजमंडी का रूप ले लेता है। यहां तक कि करीब एक माह तक यहां पर्यटकों का सैर करना तो दूर पैदल निकलना भी दूभर हो जाता है। यही नहीं सीजन खत्म होने के कई माह तक चारों ओर कबाड़ के ढेर भी पड़े रहते हैं तो वहीं इस दौरान ब्रह्मसरोवर के आसपास सड़कों से लेकर अन्य आधारभूत संरचना को भी बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
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20 से ज्यादा आढ़तियों को नोटिस
थानेसर मार्केट कमेटी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि ब्रह्मसरोवर के आसपास गेहूं डलवा रहे 20 से ज्यादा आढ़तियों को नोटिस भी दिए गए हैं। मंडी में करीब तीन एकड़ फड़ का इस बार विस्तार किया गया है। अगले सीजन में और भी विस्तार कर लिया जाएगा।




ब्रह्मसरोवर को न बनाया जाए अनाजमंडी, डीसी को दिया पत्र : उपेंद्र
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का भी मानना है कि अस्थाई अनाजमंडियों चारों ओर बना देने से ब्रह्मसरोवर की सूरत बिगड़ रही है। इसका पर्यटन पर भी बड़ा विपरित असर पड़ रहा है तो वहीं आधारभूत सरंचना का भी बड़े स्तर पर हर बार नुकसान हो रहा है। ऐसे में गेहूं का सीजन शुरू होेते ही जिला उपायुक्त को पत्र भी दिया था, जिसमें मांग की गई थी कि ब्रह्मसरोवर के चारों ओर बनाई जाने वाली अस्थाई अनाजमंडियाें पर रोक को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए। हालांकि आज ब्रह्मसरोवर पूरी तरह से गेहूं की ढेरियां व बोरियाें से ढका हुआ है। धान के सीजन में तो गीता जयंती महोत्सव की तैयारी भी पूरी नहीं कर पाते।



अगले सीजन में अवश्य लगाई जाएगी रोक : डीसी
जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा का कहना है कि ब्रह्मसरोवर के चारों ओर अनाजमंडियां लगाना सही नहीं है। थानेसर अनाजमंडी में जगह की कमी के चलते ही किसान यहां अनाज डाल लेते हैं, लेकिन अगले सीजन में इस पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने को लेकर व्यवस्था बनाई जाएगी।



मंडी में जगह नहीं, यहां गेहूं डालना मजबूरी : ज्ञानचंद
गांव सिरसला से गेहूं लेकर पहुंचे किसान ज्ञानचंद का कहना था कि अनाजमंडी में किसान के खड़ा होने तक की जगह नहीं है। गेहूं का उठान नहीं किया जा रहा। मजबूरी के चलते ही वे ब्रह्मसरोवर के पास गेहूं डालने पहुंचे हैं। प्रशासन को इंतजाम करना चाहिए।
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