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एमबीए छात्रों को बताए सफलता के गुर
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व्याख्यान को संबोधित करते मुख्य वक्ता अनिल आर्य। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (यूएसएम) व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्रसंघ (कुका) के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान आयोजित हुआ। इस व्याख्यान में 1976 -78 बैच के पूर्व छात्र अनिल आर्य ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए। अनिल आर्य ने कारपोरेट जगत में सफलता के गुर छात्रों को बताए व कहा कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज का युग प्रबंधन के छात्रों के लिए विशेष चुनौतियों भरा है, जिसमें विद्यार्थियों को प्रमुखता से तकनीकी विकास पर जोर देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने निजी जीवन के अनुभवों को साझा करके चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कार्यस्थल की चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया।
उन्होंने एमबीए के विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे जीवन में अतिरिक्त ज्ञान और कौशल अर्जित करने पर जोर दें ताकि नए अवसरों का उचित लाभ उठा सकें। उन्होंने फार्मा जगत में हाल के रुझान और विकास पर भी चर्चा की। यूएसएम की चेयरपर्सन प्रो. निर्मला चौधरी ने रिसोर्स पर्सन के औपचारिक अभिवादन से सत्र की शुरुआत की। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। संचालन डॉ. उत्कर्ष मंगल ने किया। व्याख्यान में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (यूएसएम) व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूर्व छात्रसंघ (कुका) के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान आयोजित हुआ। इस व्याख्यान में 1976 -78 बैच के पूर्व छात्र अनिल आर्य ने विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए। अनिल आर्य ने कारपोरेट जगत में सफलता के गुर छात्रों को बताए व कहा कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज का युग प्रबंधन के छात्रों के लिए विशेष चुनौतियों भरा है, जिसमें विद्यार्थियों को प्रमुखता से तकनीकी विकास पर जोर देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने निजी जीवन के अनुभवों को साझा करके चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कार्यस्थल की चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया।
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उन्होंने एमबीए के विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे जीवन में अतिरिक्त ज्ञान और कौशल अर्जित करने पर जोर दें ताकि नए अवसरों का उचित लाभ उठा सकें। उन्होंने फार्मा जगत में हाल के रुझान और विकास पर भी चर्चा की। यूएसएम की चेयरपर्सन प्रो. निर्मला चौधरी ने रिसोर्स पर्सन के औपचारिक अभिवादन से सत्र की शुरुआत की। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। संचालन डॉ. उत्कर्ष मंगल ने किया। व्याख्यान में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
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