{"_id":"58221f4e4f1c1bf47eb3911a","slug":"teeth-sun-takes-120-kg-of-weight-kurukshetra","type":"story","status":"publish","title_hn":"दांतों से 120 किलो का वजन उठा लेता है रवि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दांतों से 120 किलो का वजन उठा लेता है रवि
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Wed, 09 Nov 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
दांतों से 120 किलो का वजन उठा लेता है रवि
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दांतों से वजन उठाने के हैरतअंगेज कारनामे दुनिया के कई देशों में किए गए। लेकिन कुरुक्षेत्र जिले में भी एक ऐसी शख्सियत है जो अपने दांतों से 120 किलो तक का वजन उठा सकता है। हम बात कर रहे हैं गांव बरना निवासी 21 वर्षीय रवि कुमार की।
रवि कुमार को बचपन से दांतों से कुछ न कुछ उठाने का शौक लग गया था। यह शौक इस कदर बढ़ा की स्कूल से निकलने के बाद भी जारी रहा और आज तक जारी है। उम्र के साथ वजन भी बढ़ता गया और रवि कुमार के हिस्से में कई सम्मान भी आए हैं। रवि कुमार ने बताया कि जब वह 5 वीं कक्षा में पढ़ता था, तभी से उसने दांतों से कुछ न कुछ उठाने की प्रेक्टिस शुरू कर दी थी। उसने बताया कि आठवीं कक्षा तक आते आते शौक बढ़ने लगा था। इसी शौक को आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान वार्षिकोत्सव में मंच पर आजमाया। रवि के मुताबिक वार्षिकोत्सव में उसने वहां मौजूद लोगों के सामने अपने दांतों से 40 किलो वजन उठाकर सबको हैरान किया था। जब इसके बदले स्कूल से सम्मान मिला तो इस दिशा में और बेहतर करने का निश्चिय किया। तब तय किया था कि एक दिन 100 किलो वजन भी उठाऊंगा।
खेतों में की प्रेक्टिस
रवि ने बताया कि पढ़ाई के साथ साथ उसने दांतों से वजन उठाने की प्रेक्टिस भी जारी रखी। वह खेतों में जाकर प्रेक्टिस करता रहा। जिसके चलते वह पहले 50 किलो वजन उठाने लगा। इसके बाद 70 किलो फिर 100 किलो तक भी पहुंच गया। उसने बताया कि फिलहाल वह 120 किलो वजन अपने दांतों से उठा सकता है।
विज्ञापन
राज्यपाल के सामने भी किया प्रदर्शन
रवि ने बताया कि पिछले दिनों गुरुकुल कुरुक्षेत्र के वार्षिकोत्सव में भी उसे अपना हुनर दिखाने का मौका मिला था। यहां राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के सामने उसने यह वजन प्रदर्शन किया था। इस दौरान हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी मौजूद थे। रवि कुमार कहते हैं कि इसका सारा श्रेय उनके पिता कर्मसिंह को जाता है, जिन्होंने उन्हें शारीरिक मेहनत करना सिखाया।
रवि कुमार को बचपन से दांतों से कुछ न कुछ उठाने का शौक लग गया था। यह शौक इस कदर बढ़ा की स्कूल से निकलने के बाद भी जारी रहा और आज तक जारी है। उम्र के साथ वजन भी बढ़ता गया और रवि कुमार के हिस्से में कई सम्मान भी आए हैं। रवि कुमार ने बताया कि जब वह 5 वीं कक्षा में पढ़ता था, तभी से उसने दांतों से कुछ न कुछ उठाने की प्रेक्टिस शुरू कर दी थी। उसने बताया कि आठवीं कक्षा तक आते आते शौक बढ़ने लगा था। इसी शौक को आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान वार्षिकोत्सव में मंच पर आजमाया। रवि के मुताबिक वार्षिकोत्सव में उसने वहां मौजूद लोगों के सामने अपने दांतों से 40 किलो वजन उठाकर सबको हैरान किया था। जब इसके बदले स्कूल से सम्मान मिला तो इस दिशा में और बेहतर करने का निश्चिय किया। तब तय किया था कि एक दिन 100 किलो वजन भी उठाऊंगा।
विज्ञापन
खेतों में की प्रेक्टिस
रवि ने बताया कि पढ़ाई के साथ साथ उसने दांतों से वजन उठाने की प्रेक्टिस भी जारी रखी। वह खेतों में जाकर प्रेक्टिस करता रहा। जिसके चलते वह पहले 50 किलो वजन उठाने लगा। इसके बाद 70 किलो फिर 100 किलो तक भी पहुंच गया। उसने बताया कि फिलहाल वह 120 किलो वजन अपने दांतों से उठा सकता है।
विज्ञापन
राज्यपाल के सामने भी किया प्रदर्शन
रवि ने बताया कि पिछले दिनों गुरुकुल कुरुक्षेत्र के वार्षिकोत्सव में भी उसे अपना हुनर दिखाने का मौका मिला था। यहां राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के सामने उसने यह वजन प्रदर्शन किया था। इस दौरान हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत भी मौजूद थे। रवि कुमार कहते हैं कि इसका सारा श्रेय उनके पिता कर्मसिंह को जाता है, जिन्होंने उन्हें शारीरिक मेहनत करना सिखाया।