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एंबुलेंस की कीमत से ज्यादा हुआ टैक्स, संचालक हड़ताल पर
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:13 AM IST
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हुड्डा सरकार द्वारा करीब पांच वर्ष पहले निजी एंबुलेंस पर लगाया गया पैसेंजर एंड गुड्स टैक्स अब निजी एंबुलेंस संचालकों को एक भरना होगा। यह देख एंबुलेंस संचालकों के होश उड़ गए हैं। इसके साथ ही उन्हें पिछले वर्ष जुलाई से लगाए गए रोड टैक्स का भी भुगतान करना है।
संचालकों के अनुसार कुल टैक्स की रकम एंबुलेंस से भी ज्यादा हो गई है। इन टैक्सों के विरोध में एंबुलेंस संचालक सोमवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इससे पहले ही दिन मरीज परेशान होते रहे। हरियाणा एंबुलेंस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर में एंबुलेंस संचालकों ने हड़ताल शुरू कर दी और शहर में दर्जन भर एंबुलेंस संचालकों ने सभी एंबुलेंस थीम पार्क में खड़ी कर दीं।
यहां एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ईशम सिंह के नेतृत्व में सभी संचालकों ने रोष व्यक्त किया। ईशम सिंह ने कहा कि वर्ष 2011 में हुड्डा सरकार ने एंबुलेंस पर पीजी टैक्स लगाया था। इसके बाद प्रदेश भर के एंबुलेंस चालक हड़ताल पर चले गए थे। एक दिन की हड़ताल के बाद उस समय की प्रदेश सरकार एसोसिएशन के साथ बैठक की और इस टैक्स को समाप्त करने का आश्वासन दिया।
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इस पर एंबुलेंस संचालकों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। अब वर्तमान प्रदेश सरकार ने फिर से यही टैक्स भरने के निर्देश दिए हैं। संबधित विभाग उन्हें टैक्स भरने के लिए नोटिस थमा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष जुलाई से लागू किए गए रोड टैक्स को भी भरने के लिए निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि जितना टैक्स भरने के लिए कहा गया है, उतनी कीमत तो एंबुलेंस की भी नहीं है। सभी एंबुलेंस संचालक यह दोनों टैक्स भरने में सक्षम नहीं है। जिलाध्यक्ष ने ऐलान किया कि जब तक प्रदेश सरकार ये टैक्स वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर विपिन शर्मा, सुखदेव, जसमेर सिंह, विजय कुमार, मोहन लाल आदि एंबुलेंस संचालक मौजूद रहे।
परेशान रहे मरीज
सड़क दुर्घटनाओं से लेकर दूसरे लगभग दर्जनभर मरीज हर रोज जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से पीजीआई चंडीगढ़ या अन्य बड़े अस्पतालों में जाते हैं। ये सभी निजी एंबुलेंस का प्रयोग करते हैं। निजी एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर होने के कारण इन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस का इंतजार करते रहे।
स्वास्थ्य विभाग की 17 एंबुलेंस तैयार : सीएमओ
जिला सिविल सर्जन डॉ. एसएस नैन ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग के पास जिले भर में 17 एंबुलेंस हैं। इन्हें पूरी तरह से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकारी एंबुलेंस सहायता के लिए फोन नंबर भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं।
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संचालकों के अनुसार कुल टैक्स की रकम एंबुलेंस से भी ज्यादा हो गई है। इन टैक्सों के विरोध में एंबुलेंस संचालक सोमवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। इससे पहले ही दिन मरीज परेशान होते रहे। हरियाणा एंबुलेंस एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर में एंबुलेंस संचालकों ने हड़ताल शुरू कर दी और शहर में दर्जन भर एंबुलेंस संचालकों ने सभी एंबुलेंस थीम पार्क में खड़ी कर दीं।
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यहां एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ईशम सिंह के नेतृत्व में सभी संचालकों ने रोष व्यक्त किया। ईशम सिंह ने कहा कि वर्ष 2011 में हुड्डा सरकार ने एंबुलेंस पर पीजी टैक्स लगाया था। इसके बाद प्रदेश भर के एंबुलेंस चालक हड़ताल पर चले गए थे। एक दिन की हड़ताल के बाद उस समय की प्रदेश सरकार एसोसिएशन के साथ बैठक की और इस टैक्स को समाप्त करने का आश्वासन दिया।
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इस पर एंबुलेंस संचालकों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। अब वर्तमान प्रदेश सरकार ने फिर से यही टैक्स भरने के निर्देश दिए हैं। संबधित विभाग उन्हें टैक्स भरने के लिए नोटिस थमा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार द्वारा पिछले वर्ष जुलाई से लागू किए गए रोड टैक्स को भी भरने के लिए निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि जितना टैक्स भरने के लिए कहा गया है, उतनी कीमत तो एंबुलेंस की भी नहीं है। सभी एंबुलेंस संचालक यह दोनों टैक्स भरने में सक्षम नहीं है। जिलाध्यक्ष ने ऐलान किया कि जब तक प्रदेश सरकार ये टैक्स वापस नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस अवसर पर विपिन शर्मा, सुखदेव, जसमेर सिंह, विजय कुमार, मोहन लाल आदि एंबुलेंस संचालक मौजूद रहे।
परेशान रहे मरीज
सड़क दुर्घटनाओं से लेकर दूसरे लगभग दर्जनभर मरीज हर रोज जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से पीजीआई चंडीगढ़ या अन्य बड़े अस्पतालों में जाते हैं। ये सभी निजी एंबुलेंस का प्रयोग करते हैं। निजी एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर होने के कारण इन मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मरीज स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस का इंतजार करते रहे।
स्वास्थ्य विभाग की 17 एंबुलेंस तैयार : सीएमओ
जिला सिविल सर्जन डॉ. एसएस नैन ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग के पास जिले भर में 17 एंबुलेंस हैं। इन्हें पूरी तरह से तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरकारी एंबुलेंस सहायता के लिए फोन नंबर भी सार्वजनिक कर दिए गए हैं।