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शोध में प्रयुक्त संदर्भों का व्यवस्थित विवरण देना कुशल शोधकर्ता की पहचान: डॉ संजय कौशिक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2022 08:30 AM IST
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Systematic description of references used in research Identification of skilled researcher
कुरुक्षेत्र। विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र एवं शिक्षा विभाग द्वारा 20 दिसंबर से प्रारंभ किया गया 28 दिवसीय ऑनलाइन शिक्षक प्रेरण कार्यक्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। प्रथम सत्र में बतौर विषय विशेषज्ञ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के उप पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. संजय कौशिक ने शोध लेखन व साहित्यिक चोरी की बारीकियों से अवगत करवाया।
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उन्होंने बताया कि जब हम शोधपत्र, शोध प्रबंध या शोध संबंधी जो भी दस्तावेज प्रस्तुत करें, उस समय संदर्भ सूची, संदर्भ ग्रंथ, संदर्भ तथा शोध में प्रयुक्त सभी संदर्भों का व्यवस्थित विवरण देना, कुशल शोधकर्ता की पहली पहचान है। डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि शोध कार्य या लेखन से उपजी सामग्री पूरी तरह से नैतिक, ईमानदारी पूर्ण व मौलिक होनी चाहिए। यदि हम कहीं से स्रोत लेते हैं तो उसका विवरण अवश्य ही दें।
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द्वितीय व तृतीय सत्र में विशेषज्ञ के रूप में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के विज्ञान विभाग के प्रो अरुण खराट ने शोध पत्रिकाओं, साहित्यिक लेखन की गरिमा, यूजीसी-केयर सूची की शोध पत्रिकाओं का अर्थ, अंतर व शोध की अन्य तकनीकों की विस्तार से जानकारी देकर प्रतिभागियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर संकाय प्रेरण कार्यक्रम में भाग ले रहे प्राध्यापक प्रतिभागियों की शंकाओं का प्रो. कुमार ने समाधान किया।
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अंतिम सत्र में हरित तकनीक का अर्थ, महत्व, आवश्यकता व अन्य पहलुओं पर जानकारी देते हुए वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय बिहार के पूर्व कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि हरित प्रौद्योगिकी के कई फायदे हैं। हरित क्रांति पर्यावरण के अनुकूल है जिसका अर्थ है कि हवा में कोई हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता है, इसके संचालन के लिए बहुत अधिक धन की आवश्यकता नहीं होती है। इसकी नवीकरणीय प्रकृति के कारण यह कभी भी समाप्त नहीं होती है। इससे पूर्व केंद्र के समन्वयक प्रो. राजवीर सिंह व सह समन्वयक डा.ॅ आनंद कुमार ने सभी प्रतिभागियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए ताकि संपूर्ण संकाय प्रेरण कार्यक्रम सभी के लिए लाभदायी हो। सत्र का संचालन व अध्यक्षता डॉ. राज रतन एवं डॉ. आशू धवन ने की।

कार्यक्रम में डॉ. ईशु, डॉ. मोनिका, डॉ. आशीष प्रसाद, डॉ. रंजू बाला, डॉक्टर बरजिंदर सिंह, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. रीटा देवी, डॉ. अभिलाषा, डॉ. मनीष गोयल, डॉ. सतीश, डॉ. नवीन, डॉ. दिविज, डॉ. अमित, डॉ. ज्योति चौहान, डॉ. राजेश, डॉ. आशीष, डॉ. निधि, डॉ. प्रिया, डॉ. लता खेड़ा, डॉ. गुरप्रीत सिंह, डॉ. संदीप, डॉ. अंजू बाला, डॉ. मनीष, डॉ. निधि माथुर, डॉ. वीर विकास, डॉ. राज रतन, डॉ. उदय भान सिंह, डॉ. पूजा, डॉ. सचिन, डॉ. सुशील, डॉ. नवप्रीत, डॉ. ऋतु सैनी, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. हरविंदर कौर, डॉ. कविता, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. सुमित, डॉ. आरुषि व डॉ. मोनिका सहित प्रतिभागी मौजूद रहे।
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