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समलैंगिक विवाह पर साधु-संतों से परामर्श ले सुप्रीम कोर्ट : ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Apr 2023 01:19 AM IST
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Supreme Court should consult sages and saints on same-sex marriage: Brahmaswaroop Brahmachari
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। विवाह संस्कार के संशोधन में जल्दबाजी की नहीं बल्कि गहन विचार किए जाने की आवश्यकता है। समलैंगिक विवाह पर सुप्रीम कोर्ट को भारत के साधु-संतों से भी परामर्श लेना चाहिए।
यह कहना है श्री जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी का। यहां उन्होंने चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में समलैंगिक विवाह पर चल रही सुनवाई पर पूरा देश अपनी दृष्टि केंद्रित किए बैठा है। भारत संस्कृत, संस्कृति और ऋषियों का देश रहा है। कुछ चंद लोगों की पाश्चात्य विचारधारा के सम्मोहन से संस्कृति के साथ छेड़-छाड़ करना ठीक नहीं है।
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ब्रह्मचारी ने कहा कि भारतीय हिन्दू सनातन संस्कृति में संस्कारों की बड़ी महिमा है। संस्कार भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। हमारा जीवन संस्कारों से ओतप्रोत है तथा संपूर्ण जीवन इस पर आधारित है। प्राय: सभी धर्मग्रन्थों में संस्कारों की संख्या भिन्न है, परंतु कुछ प्रमुख संस्कार प्राय: सभी धर्मग्रन्थों में विद्यमान हैं, उन समस्त संस्कारों की शृंखला में विवाह संस्कार का भी एक विशिष्ट स्थान है। विवाह संस्कार विषयक वर्णन प्राय: सभी धर्म ग्रन्थों में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि समलैंगिक विवाह न केवल धर्म व नीति विरुद्ध, बल्कि प्रकृति विरुद्ध भी है।
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