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Kurukshetra News: सुबह खिली धूप, दोपहर को फिर छा गए बादल
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कुरुक्षेत। मंगलवार को हुई बारिश के बाद खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद
कुरुक्षेत्र। मंगलवार को बारिश होने के बाद बुधवार को मौसम दोपहर तक साफ रहा लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे फिर बादल छा गए और शाम होते-होते ठंड बढ़ गई। सुबह धूप खिलने के साथ ही तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे लोगों को सर्दी से कुछ हद तक राहत महसूस हुई।
अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। धूप निकलने के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर बाद तक लोगों की आवाजाही बढ़ी। लगातार बदलते मौसम के लिए चिकित्सकों ने चिंता जाहिर की है। अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
बदलते मौसम में बच्चों पर असर : शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित त्यागी ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार के साथ-साथ उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं। अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को सुबह-शाम ठंड से बचाएं, गुनगुना पानी पिलाएं और खानपान पर विशेष ध्यान दें। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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सुबह-शाम धुंध, रविवार को बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि अगले दो दिनों तक सुबह और शाम के समय धुंध छाई रहेगी। वहीं रविवार को एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि रविवार को बारिश के आसार बन रहे हैं जिससे तापमान में फिर गिरावट आ सकती है।
बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान बनी हुई है। इससे गेहूं की फसल अच्छी होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा लेकिन ज्यादा दिनों तक बारिश का मौसम रहा तो पीला रतुआ भी आ सकता है। किसानों को ऐसे मौसम में फसल की पूरी निगरानी रखनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क बनाएं रखें।बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान बनी हुई है। इससे गेहूं की फसल अच्छी होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा लेकिन ज्यादा दिनों तक बारिश का मौसम रहा तो पीला रतुआ भी आ सकता है। किसानों को ऐसे मौसम में फसल की पूरी निगरानी रखनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क बनाएं रखें।
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अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। धूप निकलने के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहर बाद तक लोगों की आवाजाही बढ़ी। लगातार बदलते मौसम के लिए चिकित्सकों ने चिंता जाहिर की है। अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।
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बदलते मौसम में बच्चों पर असर : शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ललित त्यागी ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। इन दिनों अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार के साथ-साथ उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ रहे हैं। अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को सुबह-शाम ठंड से बचाएं, गुनगुना पानी पिलाएं और खानपान पर विशेष ध्यान दें। किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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सुबह-शाम धुंध, रविवार को बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि अगले दो दिनों तक सुबह और शाम के समय धुंध छाई रहेगी। वहीं रविवार को एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि रविवार को बारिश के आसार बन रहे हैं जिससे तापमान में फिर गिरावट आ सकती है।
बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान बनी हुई है। इससे गेहूं की फसल अच्छी होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा लेकिन ज्यादा दिनों तक बारिश का मौसम रहा तो पीला रतुआ भी आ सकता है। किसानों को ऐसे मौसम में फसल की पूरी निगरानी रखनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क बनाएं रखें।बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि बारिश व ठंड गेहूं की फसल के लिए वरदान बनी हुई है। इससे गेहूं की फसल अच्छी होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा लेकिन ज्यादा दिनों तक बारिश का मौसम रहा तो पीला रतुआ भी आ सकता है। किसानों को ऐसे मौसम में फसल की पूरी निगरानी रखनी चाहिए। कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क बनाएं रखें।

कुरुक्षेत। मंगलवार को हुई बारिश के बाद खेतों में लहलहाती गेहूं की फसल। संवाद