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छात्राओं ने लगाया स्वनिर्मित वस्तुओं का स्टाल
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राजकीय कन्या महाविद्यालय, पलवल के सोमवार को प्रदर्शनी कम सेल का आयोजन किया गया, जिसकी थीम ‘आत्म निर्भरता और विकास: मेरा अभ्यास मेरा प्रयास’ रखी गई। उद्यमी विकास प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्रेष्ठा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा युवा नेता साहिल सुधा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।
छात्राओं ने शिल्प कला का प्रदर्शन करते हुए स्वनिर्मित वस्तुओं की स्टॉल लगाई, जिसमें वाल हैंगिंग, पेंटिंग, मास्क पेंटिंग, वेस्ट सामग्री से सजावट का सामान, फैब्रिक पेंटिंग, एप्रन, पेपर बैग व कपड़ों के बैग शामिल थे। इसके अतिरिक्त बुटीक के डिजाइनों के साथ मेहंदी की स्टॉल, पोट्रेट और मंडाला आर्ट आदि भी आकर्षण के केंद्र रहे। छात्राओं ने क्राफ्ट वर्क, पेपर वर्क, शगुन के लिफाफे, बुक मार्क, क्रोशिए एवं ऊन से बनाए हुए थालपोस आदि चीजों को बनाकर प्रदर्शनी में सजाया। इस दौरान छात्राओं द्वारा लगाए गए फूड कोर्ट से सभी ने स्वादिष्ट पकवान खाए।
महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बना कर आत्मनिर्भर बनाने की ओर एक प्रयास था, जिससे उनके अंदर आत्मविश्वास का विकास होगा जो महिला सशक्तिकरण का आधार है।
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प्राचार्य ने महाविद्यालय की उपलब्धियों से अवगत करवाते हुए बताया की विभिन्न विपरीत परिस्थितियों से निकल कर आज लगभग 924 छात्राएं महाविद्यालय में पढ़ रही हैं। डॉ. श्रेष्ठा ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. सीमा पांडेय ने किया। इस दौरान बीर इंद्र कौर और विद्यालय का स्टाफ व छात्राएं उपस्थित रहीं।
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छात्राओं ने शिल्प कला का प्रदर्शन करते हुए स्वनिर्मित वस्तुओं की स्टॉल लगाई, जिसमें वाल हैंगिंग, पेंटिंग, मास्क पेंटिंग, वेस्ट सामग्री से सजावट का सामान, फैब्रिक पेंटिंग, एप्रन, पेपर बैग व कपड़ों के बैग शामिल थे। इसके अतिरिक्त बुटीक के डिजाइनों के साथ मेहंदी की स्टॉल, पोट्रेट और मंडाला आर्ट आदि भी आकर्षण के केंद्र रहे। छात्राओं ने क्राफ्ट वर्क, पेपर वर्क, शगुन के लिफाफे, बुक मार्क, क्रोशिए एवं ऊन से बनाए हुए थालपोस आदि चीजों को बनाकर प्रदर्शनी में सजाया। इस दौरान छात्राओं द्वारा लगाए गए फूड कोर्ट से सभी ने स्वादिष्ट पकवान खाए।
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महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बना कर आत्मनिर्भर बनाने की ओर एक प्रयास था, जिससे उनके अंदर आत्मविश्वास का विकास होगा जो महिला सशक्तिकरण का आधार है।
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प्राचार्य ने महाविद्यालय की उपलब्धियों से अवगत करवाते हुए बताया की विभिन्न विपरीत परिस्थितियों से निकल कर आज लगभग 924 छात्राएं महाविद्यालय में पढ़ रही हैं। डॉ. श्रेष्ठा ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. सीमा पांडेय ने किया। इस दौरान बीर इंद्र कौर और विद्यालय का स्टाफ व छात्राएं उपस्थित रहीं।