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विद्यार्थियों ने रिक्शा चलाकर जताया विरोध
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रिक्शा चलाकर रोष जताते श्री कृष्णा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने रविवार को रिक्शा चलाकर विरोध जताया। विद्यार्थियों ने आयुष विभाग के निदेशक डॉ. साकेत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निजी सहायक को ज्ञापन सौंपा है। विद्यार्थियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
डॉ. हरीश यादव, डॉ. स्वाति कौशिक, डॉ. मोनिका, डॉ. पंकज, डॉ. सैशन राव, बीएएमएस विद्यार्थी सोहन, अनिल कुमार, पूजा वर्मा व प्रवीण कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों का कहा कि वह पिछले छह दिन से शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अपनी मांगों के बारे में अवगत भी करा चुके हैं, लेकिन इतना होने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन हमेशा से झूठा आश्वासन देता आया है, लेकिन अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय की घोषणा होने के बाद आयुर्वेदिक कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं से लेकर चिकित्सा सुविधा बढ़ने की उम्मीद जगी थी, लेकिन यहां कुछ सुधार होना तो दूर पहले वाली सुविधाएं भी लाचार हो गई है। कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। यहां सभी चिकित्सक अच्छी प्रैक्टिस करके अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, लेकिन आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों और फार्मासिस्ट का भविष्य अंधकार में धकेलने का काम कर रहे हैं, लेकिन वह अपने हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने रविवार को रिक्शा चलाकर विरोध जताया। विद्यार्थियों ने आयुष विभाग के निदेशक डॉ. साकेत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निजी सहायक को ज्ञापन सौंपा है। विद्यार्थियों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
डॉ. हरीश यादव, डॉ. स्वाति कौशिक, डॉ. मोनिका, डॉ. पंकज, डॉ. सैशन राव, बीएएमएस विद्यार्थी सोहन, अनिल कुमार, पूजा वर्मा व प्रवीण कुमार सहित अन्य विद्यार्थियों का कहा कि वह पिछले छह दिन से शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे हैं। कई बार ज्ञापन सौंपकर प्रशासन को अपनी मांगों के बारे में अवगत भी करा चुके हैं, लेकिन इतना होने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन हमेशा से झूठा आश्वासन देता आया है, लेकिन अब वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय की घोषणा होने के बाद आयुर्वेदिक कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं से लेकर चिकित्सा सुविधा बढ़ने की उम्मीद जगी थी, लेकिन यहां कुछ सुधार होना तो दूर पहले वाली सुविधाएं भी लाचार हो गई है। कहा कि आयुर्वेदिक कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं का टोटा है। यहां सभी चिकित्सक अच्छी प्रैक्टिस करके अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, लेकिन आयुष विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों और फार्मासिस्ट का भविष्य अंधकार में धकेलने का काम कर रहे हैं, लेकिन वह अपने हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
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