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झूला झूलन गई थी बागा में....
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समूह गायन प्रतियोगिता में प्रस्तुति देती प्रतिभागी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रत्नावली महोत्सव के तीसरे दिन ओपन थिएटर में समूह गीतों के जरिये छह कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने जमकर धूम मचाई। समारोह की शुरुआत आजाद सिंह दून के चुटकुलों से की गई। प्रतिभागी ज्योति ने गीता के बारे में बताते हुए कहा कि गीता का 80 विदेशी भाषाओं में अनुवाद अनुवाद किया गया है।
इस समारोह में गवर्नमेंट नेशनल कॉलेज सिरसा ने देशा में देश स भारत से लोगों का मन मोहा, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स उगलान हिसार ने ता ता पानी समुद्र का से, आर्य पीजी कालेज पानीपत ने देश में पपिया बोला, यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट कुरुक्षेत्र ने झूलन चलो रे सामण आया है, आरकेएसडी पीजी कॉलेज कैथल ने हमने भी गेल ले चालो रे से, सीआईएस कन्या महाविद्यालय फतेहपुर पूंडरी कैथल ने झूल पड़ी मैं बागा में से लोगों का मनोरंजन किया।
निर्णायक की भूमिका प्रवीण कुमारी, रमाकांत शर्मा व इंद्र सिंह लांबा ने निभाई। ग्रुप सॉंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट कुरुक्षेत्र ने प्राप्त किया, दूसरा स्थान आर्य पीजी कॉलेज पानीपत ने और तीसरा स्थान सीआईएस कन्या महाविद्यालय फतेहपुर पूंडरी कैथल ने प्राप्त किया। दर्शकों ने झूम-झूम कर संगीत समारोह का पूर्ण आनंद उठाया कलाकारों की सराहना की।
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ग्रुप डांस रसिया में कलाकारों ने बांधा समा
रत्नावली महोत्सव में ऑडिटोरियम हॉल में आर्य पीजी कॉलेज पानीपत की टीम ने यशोदा मईया करो कमाल, रसिया हम खेले फागन में, एसडी महिला महाविद्यालय नरवाना की टीम ने ऐसो कियो कमाल, बलम घर पडवा दे न रौब की धमाकेदार प्रस्तुति के बाद आरकेएसडी पीजी कॉलेज कैथल की टीम ने आज ब्रज में होरी मोरी रसिया, यूटीडी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने होली खेला कृष्ण मथुरा की गली में गाकर पर नृत्य कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस कार्यक्रम में निवर्तमान अध्यक्ष नगर परिषद उमा सुधा को डॉ. ममता सचदेवा ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उमा सुधा ने रत्नावली महोत्सव के लिए प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की व रत्नावली के आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाइयां दी। निर्णायक की भूमिका वाणी राज मोहन, एचजी राय तथा विश्व रमन निर्मल ने निभाई।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में रत्नावली महोत्सव के तीसरे दिन ओपन थिएटर में समूह गीतों के जरिये छह कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने जमकर धूम मचाई। समारोह की शुरुआत आजाद सिंह दून के चुटकुलों से की गई। प्रतिभागी ज्योति ने गीता के बारे में बताते हुए कहा कि गीता का 80 विदेशी भाषाओं में अनुवाद अनुवाद किया गया है।
इस समारोह में गवर्नमेंट नेशनल कॉलेज सिरसा ने देशा में देश स भारत से लोगों का मन मोहा, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स उगलान हिसार ने ता ता पानी समुद्र का से, आर्य पीजी कालेज पानीपत ने देश में पपिया बोला, यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट कुरुक्षेत्र ने झूलन चलो रे सामण आया है, आरकेएसडी पीजी कॉलेज कैथल ने हमने भी गेल ले चालो रे से, सीआईएस कन्या महाविद्यालय फतेहपुर पूंडरी कैथल ने झूल पड़ी मैं बागा में से लोगों का मनोरंजन किया।
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निर्णायक की भूमिका प्रवीण कुमारी, रमाकांत शर्मा व इंद्र सिंह लांबा ने निभाई। ग्रुप सॉंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट कुरुक्षेत्र ने प्राप्त किया, दूसरा स्थान आर्य पीजी कॉलेज पानीपत ने और तीसरा स्थान सीआईएस कन्या महाविद्यालय फतेहपुर पूंडरी कैथल ने प्राप्त किया। दर्शकों ने झूम-झूम कर संगीत समारोह का पूर्ण आनंद उठाया कलाकारों की सराहना की।
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रत्नावली महोत्सव में ऑडिटोरियम हॉल में आर्य पीजी कॉलेज पानीपत की टीम ने यशोदा मईया करो कमाल, रसिया हम खेले फागन में, एसडी महिला महाविद्यालय नरवाना की टीम ने ऐसो कियो कमाल, बलम घर पडवा दे न रौब की धमाकेदार प्रस्तुति के बाद आरकेएसडी पीजी कॉलेज कैथल की टीम ने आज ब्रज में होरी मोरी रसिया, यूटीडी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की टीम ने होली खेला कृष्ण मथुरा की गली में गाकर पर नृत्य कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इस कार्यक्रम में निवर्तमान अध्यक्ष नगर परिषद उमा सुधा को डॉ. ममता सचदेवा ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उमा सुधा ने रत्नावली महोत्सव के लिए प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की व रत्नावली के आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाइयां दी। निर्णायक की भूमिका वाणी राज मोहन, एचजी राय तथा विश्व रमन निर्मल ने निभाई।