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Kurukshetra News: कई कक्षाओं के छात्र बिना पुस्तकों के पढ़ाई को मजबूर छात्र
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कुरुक्षेत्र। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी विद्यार्थियों तक किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। कई कक्षाओं के छात्र तो बिना किताबों के ही पढ़ने को मजबूर हैं। जिले के सभी खंडों में अब तक पूर्ण रूप से आठवीं कक्षा की ही किताबों की सप्लाई हो पाई है जबकि पहली से सातवीं तक की पुस्तकें अभी तक नहीं आई हैं। वीरवार को लाडवा खंड में केवल तीसरी और चौथी कक्षा की किताबें पहुंचीं जिन्हें स्कूलों तक भेजा जा रहा है। वहीं सातवीं कक्षा की कुछ किताबें 31 मार्च और 1 अप्रैल को शाहाबाद व थानेसर के स्कूलों में पहुंचाई गई थी लेकिन यह सप्लाई भी अधूरी है।
हालात ये हैं कि पहली, दूसरी, पांचवीं और छठी कक्षा की किताबें अभी तक अधिकतर स्कूलों में नहीं पहुंची हैं। जिले के पांच खंड थानेसर, बाबैन, शाहाबाद, लाडवा और पिहोवा में करीब 773 सरकारी स्कूल हैं, जहां छात्र किताबों का इंतजार कर रहे हैं। जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी कृष्णा कुमारी ने बताया कि जैसे ही किताबों का स्टॉक प्राप्त होता है, हम उसे तुरंत ही स्कूलों में भेज देते हैं। हम पूरी तरह से सप्लाई के अनुसार ही वितरण कर पा रहे हैं।
पांच से सात दिन में पहुंचेंगी सभी किताबें : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि अगले पांच से सात दिनों में सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएंगी। इसके लिए प्रकाशकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा सकें।
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हालात ये हैं कि पहली, दूसरी, पांचवीं और छठी कक्षा की किताबें अभी तक अधिकतर स्कूलों में नहीं पहुंची हैं। जिले के पांच खंड थानेसर, बाबैन, शाहाबाद, लाडवा और पिहोवा में करीब 773 सरकारी स्कूल हैं, जहां छात्र किताबों का इंतजार कर रहे हैं। जिला परियोजना समन्वयक अधिकारी कृष्णा कुमारी ने बताया कि जैसे ही किताबों का स्टॉक प्राप्त होता है, हम उसे तुरंत ही स्कूलों में भेज देते हैं। हम पूरी तरह से सप्लाई के अनुसार ही वितरण कर पा रहे हैं।
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पांच से सात दिन में पहुंचेंगी सभी किताबें : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने बताया कि अगले पांच से सात दिनों में सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएंगी। इसके लिए प्रकाशकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा सकें।
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