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विवि, कॉलेज खोलने के लिए छात्र संगठन एकजुट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jan 2022 01:33 AM IST
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Student organizations unite to open university, college, Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और कॉलेजों को खोलने के लिए छात्र संगठन एकजुट हो गए हैं। छात्र संगठन बुधवार को कुलपति को ज्ञापन सौंपकर केयू और अन्य कॉलेज खोलने की मांग रखेंगे। छात्र संगठनों को कहना है कि सरकार की ओर सभी संस्थानों को खोलने की इजाजत दी है, मगर विद्यार्थियों की सुरक्षा का हवाला देकर स्कूल व कॉलेज बंद कर दिए हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई का बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है।
छात्र संगठन केयूएसओ (कुशा) के नेता विकास बलाही की अगुवाई में मंगलवार को छात्र संगठनों एक होटल में पत्रकार वार्ता में की। इस दौरान छात्र नेता विकास बलाही ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं में सही पढ़ाई न होने के कारण विद्यार्थी मानसिक दबाव भी झेल रहे हैं। विद्यार्थियों के हित के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की जानी चाहिए। इस मांग को लेकर वह बुधवार सुबह 11 बजे केयू कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
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उन्होंने कहा कि कोविड गाइडलाइन को अपनाते हुए बाजारों को खोला जा रहा है। कई तरह के सरकारी, राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में ही छात्रावास खुले हैं। इन छात्रावास में रुके विद्यार्थियों से पूरी फीस वसूली जा रही है। कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षण संस्थानों पर ही शिकंजा कस रही है जबकि राजनीतिक कार्यक्रमों में कई नेता बगैर मास्क के पहुंच रहे हैं। इस मौके पर सुमित छोक्कर, रणदीप जागलान, सुमित जागलान, अमित अमीन मौजूद रहे।
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कुशा छात्र संगठन के अध्यक्ष विकास बलाही ने बताया कि सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश भर में सरकारी, राजनैतिक और सामाजिक कार्यक्रम सहित सभी बाजार खुले हुए हैं। सभी विद्यार्थी अपने भविष्य और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है। सरकार को विश्वविद्यालय और कॉलेज खोल देने चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
सभी विद्यार्थी तीसरी लहर में ऑनलाइन पढ़ाई का विरोध शुरू कर रहे है। उनका मानना है कि ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करनी चाहिए। वैसे तो केयू प्रशासन किसी को भी डबल डोज का सर्टिफिकेट देखे और बगैर मास्क के केयू परिसर में प्रवेश नहीं दे रहा है, जबकि सभी विद्यार्थी डबल डोज लगवा चुके हैं तथा मास्क का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। मांग है कि केयू सहित कॉलेज को खोलने की इजाजत दी जाए।
बीपीएसओ छात्र संगठन के नेता रणदीप ने कहा कि घर तथा कैंपस में विद्यार्थी मानसिक दबाव झेल रहे हैं। इससे बाहर आने के लिए विद्यार्थियों को खुले वातावरण की जरूरत है। ऑनलाइन पढ़ाई किसी भी सूरत में विद्यार्थियों के हित में नहीं है। सरकार से संबंधित छात्र संगठन दबाव के चलते कोई विरोध नहीं कर रहे हैं। साफ है कि छात्रों को अपने हक के लिए एकत्रित होना होगा।

एसओपीयू (सोपू) नेता सुमित छोक्कर ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई में भी विद्यार्थियों से पूरी फीस वसूली जा रही है, जो कि सरासर गलत है। ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई में सिर्फ खानापूर्ति होती है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान मेधावी छात्रों को होता है।
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