{"_id":"5ea72c698ebc3e9097269545","slug":"student-kota-book-qaranteen-kurukshetra-news-knl292907191","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटा से लौटे छात्र क्वारंटाइन में किताबें पढ़कर बिता रहे समय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटा से लौटे छात्र क्वारंटाइन में किताबें पढ़कर बिता रहे समय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लॉकडाउन में शनिवार को कोटा से लौटे सात छात्रों को जिला प्रशासन द्वारा हिरमी के गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन किया गया था। इस दौरान इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट रविवार सायं नेगेटिव आ गई। रिपोर्ट आने के बाद सभी छात्रों को 22 मई तक होम क्वारंटाइन कर दिया गया है। क्वारंटाइन के दौरान सभी छात्र अपनी पढ़ाई को जारी रखे हुए हैं।
छात्रों ने बताया कि उनके पास अपनी सभी किताबें मौजूद हैं। वे अपना सारा दिन किताबों के बीच निकाल रहे हैं। लॉकडाउन में समय बर्बाद न हो इसके लिए आइआइटी व नीट की प्रवेश परीक्षा का सारा पाठ्यक्रम दोहरा भी रही हैं, ताकि तैयारी और अच्छे से हो सके। छात्र रजत ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा हिरमी के गेस्ट हाउस में उनके खाने-पीने संबंधित सभी प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा गया, अब उन्हें 22 मई तक होम क्वारंटाइन किया गया है। कोटा में कोचिंग के दौरान वे जिस होस्टल रुके थे वहां पर हॉस्टल का ताला लगाया हुआ था, जिस कारण ने तो कोई बाहर जा सकता था और न ही कोई अंदर आ सकता था। वहां पर भी हम अपने-अपने कमरों में बैठकर पूरा दिन पढाई कर रहे थे और यहां आकर भी हमारी दिनचर्या वही है। बता दें कि कोटा से 8 विद्यार्थी जिले में लौटे हैं, जिसमें से एक विद्यार्थी को उसके अभिभावक पहले ही किसी तरह खुद जाकर ले आए थे। इसके अलावा सात विद्यार्थियों को शनिवार कुरुक्षेत्र लाया गया। कुरुक्षेत्र पहुंचने पर सभी को सीधा एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने इनके सैंपल लिए और सैंपल लेने के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा उन्हें हिरमी के गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन कर दिया गया
था। लॉकडाउन के 33 दिन जब बच्चे अपने शहर वापिस लौटे तो परिजनों की चिंता भी कम हुई। इन विद्यार्थियों में तीन शाहाबाद, दो थानेसर, दो पिहोवा व एक लाडवा का रहने वाला है। सीएमओ डॉ. सुखबीर ने कहा कि कोटा से लौटे सभी विद्यार्थियों के सैंपल नेगेटिव आए हैं। विद्यार्थियाें को अब 22 मई तक होम क्वारंटाइन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्रों ने बताया कि उनके पास अपनी सभी किताबें मौजूद हैं। वे अपना सारा दिन किताबों के बीच निकाल रहे हैं। लॉकडाउन में समय बर्बाद न हो इसके लिए आइआइटी व नीट की प्रवेश परीक्षा का सारा पाठ्यक्रम दोहरा भी रही हैं, ताकि तैयारी और अच्छे से हो सके। छात्र रजत ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा हिरमी के गेस्ट हाउस में उनके खाने-पीने संबंधित सभी प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा गया, अब उन्हें 22 मई तक होम क्वारंटाइन किया गया है। कोटा में कोचिंग के दौरान वे जिस होस्टल रुके थे वहां पर हॉस्टल का ताला लगाया हुआ था, जिस कारण ने तो कोई बाहर जा सकता था और न ही कोई अंदर आ सकता था। वहां पर भी हम अपने-अपने कमरों में बैठकर पूरा दिन पढाई कर रहे थे और यहां आकर भी हमारी दिनचर्या वही है। बता दें कि कोटा से 8 विद्यार्थी जिले में लौटे हैं, जिसमें से एक विद्यार्थी को उसके अभिभावक पहले ही किसी तरह खुद जाकर ले आए थे। इसके अलावा सात विद्यार्थियों को शनिवार कुरुक्षेत्र लाया गया। कुरुक्षेत्र पहुंचने पर सभी को सीधा एलएनजेपी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने इनके सैंपल लिए और सैंपल लेने के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा उन्हें हिरमी के गेस्ट हाउस में क्वारंटाइन कर दिया गया
विज्ञापन
था। लॉकडाउन के 33 दिन जब बच्चे अपने शहर वापिस लौटे तो परिजनों की चिंता भी कम हुई। इन विद्यार्थियों में तीन शाहाबाद, दो थानेसर, दो पिहोवा व एक लाडवा का रहने वाला है। सीएमओ डॉ. सुखबीर ने कहा कि कोटा से लौटे सभी विद्यार्थियों के सैंपल नेगेटिव आए हैं। विद्यार्थियाें को अब 22 मई तक होम क्वारंटाइन किया गया है।
विज्ञापन