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चिकित्सक और फार्मासिस्टों की हड़ताल से मरीज बेहाल, दवा के लिए सिविल अस्पताल में घंटों लाइन में लगे रहे
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- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। चिकित्सकों एवं फार्मासिस्ट की हड़ताल के चलते शुक्रवार का दिन भी मरीजों का कतारों में खड़े-खड़े गुजर गया। दूर-दराज से उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे मरीजों को चिकित्सकों से परामर्श और दवा प्राप्त करने के लिए कड़ी परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ा। मरीज सुबह सात बजे ही एलएनजेपी अस्पताल परिसर में पहुंच गए थे। उन्होंने सर्वप्रथम पंक्तिबद्ध होकर पंजीकरण कराया। इसके पश्चात चिकित्सकों से परामर्श के लिए ओपीडी के बाहर लाइनों में लगे, लेकिन सुबह 8 से 10 बजे तक चिकित्सकों की पैन डाउन हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी है। ओपीडी के बाहर बैठे मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद मरीज दवा लेने के लिए घंटों तक लाइनों में खड़े रहे।
हालांकि चिकित्सकों ने हड़ताल के बाद मानव सेवा धर्म निभाते हुए ओपीडी में आए सभी मरीजों को स्वास्थ्य जांचने के बाद ही घर भेजा। जिलेभर के चिकित्सक हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के आह्वान पर जिलाध्यक्ष डॉ. लज्जा राम के नेतृत्व में चिकित्सकों ने स्पेशलिस्ट अलाउंस, अतिरिक्त इंक्रीमेंट सहित अन्य मांगों को लेकर एलएनजेपी अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन विभाग और पोस्टमार्टम हाउस में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी। सरकार ने जुलाई माह में एचसीएमएसए की मांगों को उचित ठहराया था, लेकिन उन मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को जल्द लागू नहीं करती तो वे मजबूरन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिलेभर के चिकित्सक मौजूद रहे।
फार्मासिस्ट ने वेतन वृद्धि सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर कसी कमर
उधर, फार्मासिस्ट ने वेतन वृद्धि सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर अपनी कमर कस ली है। फार्मासिस्ट ने शुक्रवार को पांचवें दिन भी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी। इस दौरान फार्मासिस्ट ने लामबद्ध होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान रोष जताते हुए फार्मासिस्ट ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से लंबित पड़ी मांगों को लागू कराने के लिए धरना दे रहे है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजर अंदाज कर रही है, जिससे फार्मासिस्ट में रोष पनप रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जल्द उनकी मांगों को क्रियान्वित नहीं करती तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। बता दें कि वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगें लागू न होने से खफा जिलेभर के फार्मासिस्ट एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। सिविल अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा के लिए पहुंच रहे मरीजों एवं तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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हालांकि चिकित्सकों ने हड़ताल के बाद मानव सेवा धर्म निभाते हुए ओपीडी में आए सभी मरीजों को स्वास्थ्य जांचने के बाद ही घर भेजा। जिलेभर के चिकित्सक हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन के आह्वान पर जिलाध्यक्ष डॉ. लज्जा राम के नेतृत्व में चिकित्सकों ने स्पेशलिस्ट अलाउंस, अतिरिक्त इंक्रीमेंट सहित अन्य मांगों को लेकर एलएनजेपी अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन विभाग और पोस्टमार्टम हाउस में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी। सरकार ने जुलाई माह में एचसीएमएसए की मांगों को उचित ठहराया था, लेकिन उन मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया। चिकित्सकों ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को जल्द लागू नहीं करती तो वे मजबूरन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिलेभर के चिकित्सक मौजूद रहे।
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फार्मासिस्ट ने वेतन वृद्धि सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर कसी कमर
उधर, फार्मासिस्ट ने वेतन वृद्धि सहित अन्य लंबित मांगों को लेकर अपनी कमर कस ली है। फार्मासिस्ट ने शुक्रवार को पांचवें दिन भी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखी। इस दौरान फार्मासिस्ट ने लामबद्ध होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान रोष जताते हुए फार्मासिस्ट ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से लंबित पड़ी मांगों को लागू कराने के लिए धरना दे रहे है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजर अंदाज कर रही है, जिससे फार्मासिस्ट में रोष पनप रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जल्द उनकी मांगों को क्रियान्वित नहीं करती तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। बता दें कि वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगें लागू न होने से खफा जिलेभर के फार्मासिस्ट एसोसिएशन गवर्नमेंट फार्मासिस्ट ऑफ हरियाणा के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है। सिविल अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा के लिए पहुंच रहे मरीजों एवं तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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