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अब भूख हड़ताल करेंगे श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो/पिहोवा
Updated Fri, 07 Mar 2014 12:17 AM IST
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सिख एवं हिंदुओं की आस्था की प्रतीक मां सरस्वती मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान सरस्वती तीर्थ के जल को प्रवाहित करने की मांग पर श्रद्धालुओं ने रोष प्रकट करते नारेबाजी की।
उनका कहना है कि पिछले काफी समय से शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की यह मांग लंबित पड़ी है।
सरस्वती जीर्णोद्धार समिति के सेवक रोशन लाल सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से शहरवासी सरस्वती तीर्थ में प्रवाहित जल की व्यवस्था करनेे की मांग कर रहे हैं।
इस बारे में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित विधायक और वित्त मंत्री ने कई बार तीर्थ में बहते जल की मांग को पूरा करने के वादे किए थे, लेकिन अभी तक तीर्थ में प्रवाहित जल की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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श्रद्धालुओं ने चेतावनी देते कहा कि यदि तीन दिन के अंदर सरस्वती तीर्थ के जल को प्रवाहित जल में नहीं बदला गया तो वे विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
रोशनलाल गर्ग ने बताया कि पहले चरण में 15 दिनों तक क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। यदि फिर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो अगला कदम उठाया जाएगा।
मां सरस्वती के मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। इसे लेकर श्रद्धालु भारी मात्रा में एकत्रित हुए थे। निर्माण कार्य के दौरान प्रवाहित जल के लिए लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्हाेंने नारेबाजी करते कांग्रेस सरकार के विरोध की घोषणा कर दी। एकत्रित श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से एक रुपये और एक ईंट दान देने की मुहिम को शुरू किया। इस मुहिम के तहत अब तक हजारों ईंट और हजारों रुपये की राशि जीर्णोद्धार कार्य के लिए एकत्रित की जा चुकी है। इस मौके पर पवन चक्रपाणी, युधिष्ठिर बहल, राकेश लक्की, भूषण गर्ग, पवन गुप्ता, संदीप कुश, सतीश कठानिया मौजूद थे।
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उनका कहना है कि पिछले काफी समय से शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटकों की यह मांग लंबित पड़ी है।
सरस्वती जीर्णोद्धार समिति के सेवक रोशन लाल सहित दर्जनों श्रद्धालुओं ने कहा कि पिछले नौ वर्षों से शहरवासी सरस्वती तीर्थ में प्रवाहित जल की व्यवस्था करनेे की मांग कर रहे हैं।
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इस बारे में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित विधायक और वित्त मंत्री ने कई बार तीर्थ में बहते जल की मांग को पूरा करने के वादे किए थे, लेकिन अभी तक तीर्थ में प्रवाहित जल की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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श्रद्धालुओं ने चेतावनी देते कहा कि यदि तीन दिन के अंदर सरस्वती तीर्थ के जल को प्रवाहित जल में नहीं बदला गया तो वे विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
रोशनलाल गर्ग ने बताया कि पहले चरण में 15 दिनों तक क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी। यदि फिर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया तो अगला कदम उठाया जाएगा।
मां सरस्वती के मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। इसे लेकर श्रद्धालु भारी मात्रा में एकत्रित हुए थे। निर्माण कार्य के दौरान प्रवाहित जल के लिए लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्हाेंने नारेबाजी करते कांग्रेस सरकार के विरोध की घोषणा कर दी। एकत्रित श्रद्धालुओं ने स्वेच्छा से एक रुपये और एक ईंट दान देने की मुहिम को शुरू किया। इस मुहिम के तहत अब तक हजारों ईंट और हजारों रुपये की राशि जीर्णोद्धार कार्य के लिए एकत्रित की जा चुकी है। इस मौके पर पवन चक्रपाणी, युधिष्ठिर बहल, राकेश लक्की, भूषण गर्ग, पवन गुप्ता, संदीप कुश, सतीश कठानिया मौजूद थे।