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विश्व अल्जाइमर दिवस पर विशेष : सावधान, अल्जाइमर रोग से लोगों में बढ़ रही भूलने की प्रवृत्ति

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Sep 2024 08:29 AM IST
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Special on World Alzheimer's Day: Be careful, the tendency to forget is increasing in people due to Alzheimer's disease.
कुरुक्षेत्र। डॉ. सुरेंद्र मंढाण।
कुरुक्षेत्र। उम्र बढ़ने के साथ-साथ लोगों में भूलने की समस्या अमूमन बढ़ जाती है, लेकिन उम्र से पहले ये सब हो तो चिंता वाली बात है। वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं में भी भूलने जैसी समस्या देखने को मिल रही है। यदि यह सब आपके साथ हो रहा है तो आप सावधान हो जाएं। कहीं आप भी अल्जाइमर रोग डिमेंशिया का शिकार तो नहीं हो गए। अल्जाइमर एक तरह से मनोभ्रंश यानी मानसिक रोग है। लोंगिट्युडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया (एलएएसआई) के डेटा के मुताबिक भारत में 60 वर्ष से अधिक उम्र के 8.8 मिलियन यानी 88 लाख लोग इस मानसिक रोग से पीड़ित हैं।
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एलएनजेपी अस्पताल में हर महीने 25 से 30 मामले अल्जाइमर के आ रहे हैं। अमूमन यह बीमारी 60 साल की उम्र के बाद होती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की स्मरण शक्ति कमजोर होने लगती है। इसमें व्यक्ति छोटी-छोटी बातें भूलने लग जाता है। जैसे खाना खाकर भूलना, घर का रास्ता भूलना, कोई चीज रखकर भूलना, यहां तक कि कपड़े पहनना भी भूल सकते है, मगर वर्तमान में युवा पीढ़ी भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि जिले में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। अभी एलएनजेपी अस्पताल में करीब 150 नए व पुराने मरीज अल्जाइमर का उपचार करवा रहे हैं। बीपी, शुगर, तनाव और लकवाग्रस्त रोगी जल्दी इस बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। कई बार सिर पर गहरी चोट लगने से मस्तिष्क को आघात पहुंचता है, जिससे वह व्यक्ति भी अल्जाइमर का शिकार हो सकता है। इसलिए अक्सर सिर पर चोट लगने पर चिकित्सक एमआरआई और सीटी-स्कैन का परामर्श देते हैं, क्योंकि मस्तिष्क शरीर का महत्वपूर्ण अंग होने के साथ बहुत ही नाजुक होता है।
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तेजी से बढ़ती है बीमारी
अभी लोग इस बीमारी के प्रति ज्यादा जागरूक नहीं है। वे अक्सर चीजें भूलने को अपनी उम्र से जोड़ने लेते हैं, जिससे यह बीमारी बढ़ती जाती है। यह बीमारी घातक सिद्ध हो सकती है। समय पर उपचार न मिले तो यह बीमारी तेजी बढ़ती है। इसलिए विशेषज्ञ तुरंत उपचार का परामर्श देते हैं। हालांकि दवाओं के प्रभाव से इस बीमारी के बढ़ने पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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हल्के में मत लें बार-बार कुछ भी भूलना : डॉ. मंढाण
एलएनजेपी अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र मंढाण ने बताया कि इस साल ब्रेन हेल्थ एंड प्रिवेंशन थीम पर विश्व मस्तिष्क दिवस कार्यक्रम मनाया जा रहा है। इस बीमारी को जड़ खत्म नहीं किया जा सकता है। सिर्फ दवाओं से इस बीमारी पर नियंत्रण रखा जा सकता है। अगर किसी में इस बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो उसे हल्के में लेने की भूल न करें, बल्कि तुरंत चिकित्सकों के साथ संपर्क करें।



बचाव के लिए यह करें।
-तनाव मुक्त रहें।
-बीपी, शुगर और लकवा ग्रस्त रोगी अपना खास ध्यान रखें।
-व्यायाम और प्राणायाम करें।
-मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट का इस्तेमाल जरूरी होने पर ही करें।
-अच्छी पुस्तक पढ़ें। कोई भी दिमागी खेल खेलें।
-पूरी नींद और संतुलित आहार लें।
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