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सूर्य ग्रहण मेला : उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भजनों से गूंजे घाट
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ब्रह्मसरोवर तट पर सूर्यग्रहण का इंतजार करतीं महिला श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। सूर्य ग्रहण के अवसर पवित्र ब्रह्म सरोवर व सन्निहित सरोवर पर आस्था उमड़ी रही, जहां पूरा क्षेत्र दिन भर भजन व गीतों से गूंज उठा।दोनों सरोवर के साथ-साथ ज्योतिसर और पिहोवा सरस्वती तीर्थ में महिलाओं ने भजन गाते हुए और जयघोष की ध्वनि के बीच स्नान किया। ब्रह्म सरोवर तट पर देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु जुटे रहे तो अपनी-अपनी आस्था अनुसार भजन व कीर्तन करते रहे, जिससे यहां मिनी इंडिया जैसा नजारा दिखाई दिया।
सूर्य ग्रहण का कुरुक्षेत्र में करीब एक घंटे 59 मिनट तक प्रभाव रहा। सायं 4 बजकर 25 मिनट पर सूर्य ग्रहण स्पर्श के समय स्नान किया और 5 बजकर 39 मिनट पर जैसे ही आंशिक सूर्यास्त और मोक्ष हुआ तो श्रद्धालुओं ने दोबारा मोक्ष की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। हालांकि सूर्य ग्रहण का प्रभाव सायं 6 बजकर 25 मिनट तक रहा, लेकिन सूर्यास्त होने के कारण यह कुरुक्षेत्र में दिखाई नहीं दिया।
सूर्य ग्रहण के अवसर पर सुबह से ही देश-प्रदेश से श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, मेला क्षेत्र और आसपास की धर्मशालाओं में पहुंचना शुरु हो गए थे। मंगलवार को सायं प्रदेश और आसपास के राज्यों से श्रद्धालु रेल और बस मार्ग से कुरुक्षेत्र में पहुंचे। इन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की तरफ से यातायात, पार्किंग, स्वागत कक्ष, सूचना केंद्र सहित अन्य व्यवस्था की गई थी।
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धर्मशालाओं में भी लोग ग्रुपों में बैठकर लोकगीतों और भजनों का गुणगान करने के साथ-साथ भक्ति के रस में डूबकर नृत्य करते हुए नजर आए। जैसे ही सूर्य ग्रहण के स्पर्श का समय होने लगा तो लोगों ने ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर की तरफ रुख किया। श्रद्धालुओं ने सूर्य ग्रहण के समय 4 बजकर 27 मिनट पर पहली डुबकी लगाई और इसके बाद स्नान करने का क्रम जारी रहा और जैसे ही मोक्ष का समय हुआ तो एक साथ श्रद्धालुओं ने ब्रह्म सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई।
स्नान के दौरान दोनों सरोवरों में मोटरबोट पर तैनात कर्मचारी लोगों को गहरे पानी में न जाने के लिए सचेत करते रहे, जिसके चलते मेले के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। मंदिरों में सूर्यदेव का जयघोष और शंख ध्वनि गूंज उठे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अनाज, कपड़े, पैसे, फल इत्यादि दान किए। सरोवरों पर बैठे पुरोहितों ने हजारों यात्रियों को बारी-बारी बैठाकर उनके पूर्वजों के निमित्त पिंडदान व अन्य कर्मकांड संपन्न करवाए।
शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मेला : शांतनु शर्मा
उपायुक्त शांतनु शर्मा का कहना है कि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, इन प्रबंधों के बीच सूर्यग्रहण मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।मेले के लिए प्रशासन की तरफ से हेल्प डेस्क, रिसेप्शन सेंटर, मीडिया सेंटर, लोगों के लिए मेला क्षेत्र, ब्रह्मसरोवर की सदरियों तथा धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई थी। पीने के पानी के लिए अस्थाई टेप प्वाईंट, पानी के टैंकर और कैम्परों की व्यवस्था, मोबाईल शौचालय, लाइटिंग, पार्किंग, बचाव टीमों, मेडिकल कैम्प, फायर फाईटिंग और मेजर नाका प्वाइंट सहित व्यवस्था की गई।
चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की निगाहें : सुरेंद्र भौरिया
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया ने कहा कि सूर्यग्रहण मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के लिए शहर को 20 सेक्टरों में बांटा गया और हजारों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा एंटी बंब व डॉग स्क्वायड की टीम, कमांडों और सिविल ड्रेस में पुलिस बल को भी तैनात थे। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से लाइव फीड को देखा जा रहा था और ब्रह्मसरोवर के आसपास मचान स्थापित की गई और सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र पर नगर रखी गई।
अब दो अगस्त 2027 को नजर आएगा सूर्यग्रहण
कुरुक्षेत्र में अब अगला सूर्यग्रहण दो अगस्त 2027 को सायं 3 बजकर 53 मिनट से लेकर सायं 5 बजे तक लगेगा। इसके बाद 1 जून 2030 को सुबह 10 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक, 21 मई 2031 को सुबाह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 2 बजकर 34 मिनट तक, 3 नवंबर 2032 को सुबह 9 बजकर 32 मिनट से 10 बजकर 52 मिनट तक, 20 मार्च 2034 को सायं 4 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 23 मिनट तक, 2 सितंबर 2035 को सुबह 4 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 36 मिनट तक, 20 मार्च 2042 को प्रात: 6 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक, 11 जून 2048 को सायं 7 बजकर 01 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक तथा 11 अप्रैल 2051 को 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक कुरुक्षेत्र में नजर आएगा।
टेलिस्कोप से श्रद्धालुओं ने देखा सूर्यग्रहण
सूर्यग्रहण की रोमांचक खगोलीय घटना के नजारे का पैनोरमा में श्रद्धालुओं ने लाइव लुत्फ उठाया। यहां खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों को ग्रहण का नजारा दिखाने के लिए टेलिस्कोप लगाए गए थे। ग्रहण शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। टेलिस्कोप के जरिये सूर्यग्रहण का नजारा देखा गया।
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कुरुक्षेत्र। सूर्य ग्रहण के अवसर पवित्र ब्रह्म सरोवर व सन्निहित सरोवर पर आस्था उमड़ी रही, जहां पूरा क्षेत्र दिन भर भजन व गीतों से गूंज उठा।दोनों सरोवर के साथ-साथ ज्योतिसर और पिहोवा सरस्वती तीर्थ में महिलाओं ने भजन गाते हुए और जयघोष की ध्वनि के बीच स्नान किया। ब्रह्म सरोवर तट पर देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु जुटे रहे तो अपनी-अपनी आस्था अनुसार भजन व कीर्तन करते रहे, जिससे यहां मिनी इंडिया जैसा नजारा दिखाई दिया।
सूर्य ग्रहण का कुरुक्षेत्र में करीब एक घंटे 59 मिनट तक प्रभाव रहा। सायं 4 बजकर 25 मिनट पर सूर्य ग्रहण स्पर्श के समय स्नान किया और 5 बजकर 39 मिनट पर जैसे ही आंशिक सूर्यास्त और मोक्ष हुआ तो श्रद्धालुओं ने दोबारा मोक्ष की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। हालांकि सूर्य ग्रहण का प्रभाव सायं 6 बजकर 25 मिनट तक रहा, लेकिन सूर्यास्त होने के कारण यह कुरुक्षेत्र में दिखाई नहीं दिया।
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सूर्य ग्रहण के अवसर पर सुबह से ही देश-प्रदेश से श्रद्धालु ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, मेला क्षेत्र और आसपास की धर्मशालाओं में पहुंचना शुरु हो गए थे। मंगलवार को सायं प्रदेश और आसपास के राज्यों से श्रद्धालु रेल और बस मार्ग से कुरुक्षेत्र में पहुंचे। इन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन की तरफ से यातायात, पार्किंग, स्वागत कक्ष, सूचना केंद्र सहित अन्य व्यवस्था की गई थी।
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धर्मशालाओं में भी लोग ग्रुपों में बैठकर लोकगीतों और भजनों का गुणगान करने के साथ-साथ भक्ति के रस में डूबकर नृत्य करते हुए नजर आए। जैसे ही सूर्य ग्रहण के स्पर्श का समय होने लगा तो लोगों ने ब्रह्मसरोवर और सन्निहित सरोवर की तरफ रुख किया। श्रद्धालुओं ने सूर्य ग्रहण के समय 4 बजकर 27 मिनट पर पहली डुबकी लगाई और इसके बाद स्नान करने का क्रम जारी रहा और जैसे ही मोक्ष का समय हुआ तो एक साथ श्रद्धालुओं ने ब्रह्म सरोवर में आस्था की डुबकी लगाई।
स्नान के दौरान दोनों सरोवरों में मोटरबोट पर तैनात कर्मचारी लोगों को गहरे पानी में न जाने के लिए सचेत करते रहे, जिसके चलते मेले के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। मंदिरों में सूर्यदेव का जयघोष और शंख ध्वनि गूंज उठे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अनाज, कपड़े, पैसे, फल इत्यादि दान किए। सरोवरों पर बैठे पुरोहितों ने हजारों यात्रियों को बारी-बारी बैठाकर उनके पूर्वजों के निमित्त पिंडदान व अन्य कर्मकांड संपन्न करवाए।
शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मेला : शांतनु शर्मा
उपायुक्त शांतनु शर्मा का कहना है कि प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, इन प्रबंधों के बीच सूर्यग्रहण मेला शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।मेले के लिए प्रशासन की तरफ से हेल्प डेस्क, रिसेप्शन सेंटर, मीडिया सेंटर, लोगों के लिए मेला क्षेत्र, ब्रह्मसरोवर की सदरियों तथा धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था की गई थी। पीने के पानी के लिए अस्थाई टेप प्वाईंट, पानी के टैंकर और कैम्परों की व्यवस्था, मोबाईल शौचालय, लाइटिंग, पार्किंग, बचाव टीमों, मेडिकल कैम्प, फायर फाईटिंग और मेजर नाका प्वाइंट सहित व्यवस्था की गई।
चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की निगाहें : सुरेंद्र भौरिया
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया ने कहा कि सूर्यग्रहण मेले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम के लिए शहर को 20 सेक्टरों में बांटा गया और हजारों पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा एंटी बंब व डॉग स्क्वायड की टीम, कमांडों और सिविल ड्रेस में पुलिस बल को भी तैनात थे। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से लाइव फीड को देखा जा रहा था और ब्रह्मसरोवर के आसपास मचान स्थापित की गई और सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र पर नगर रखी गई।
अब दो अगस्त 2027 को नजर आएगा सूर्यग्रहण
कुरुक्षेत्र में अब अगला सूर्यग्रहण दो अगस्त 2027 को सायं 3 बजकर 53 मिनट से लेकर सायं 5 बजे तक लगेगा। इसके बाद 1 जून 2030 को सुबह 10 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 56 मिनट तक, 21 मई 2031 को सुबाह 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 2 बजकर 34 मिनट तक, 3 नवंबर 2032 को सुबह 9 बजकर 32 मिनट से 10 बजकर 52 मिनट तक, 20 मार्च 2034 को सायं 4 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 23 मिनट तक, 2 सितंबर 2035 को सुबह 4 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 36 मिनट तक, 20 मार्च 2042 को प्रात: 6 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक, 11 जून 2048 को सायं 7 बजकर 01 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक तथा 11 अप्रैल 2051 को 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक कुरुक्षेत्र में नजर आएगा।
टेलिस्कोप से श्रद्धालुओं ने देखा सूर्यग्रहण
सूर्यग्रहण की रोमांचक खगोलीय घटना के नजारे का पैनोरमा में श्रद्धालुओं ने लाइव लुत्फ उठाया। यहां खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों को ग्रहण का नजारा दिखाने के लिए टेलिस्कोप लगाए गए थे। ग्रहण शुरू होते ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। टेलिस्कोप के जरिये सूर्यग्रहण का नजारा देखा गया।

स्नान के दौरान पाठ करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Kurukshetra

सूर्यग्रहण के दौरान ब्रह्मसरोवर पर तैनात सुरक्षाकर्मी। संवाद- फोटो : Kurukshetra
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सूर्यग्रहण के अवसर पर पवित्र ब्रह्मसरोवर पर मड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद- फोटो : Kurukshetra

सूर्यग्रहण के अवसर पर ब्रह्मसरोवर पर हवन करते स्वामी ज्ञानानंद। संवाद- फोटो : Kurukshetra