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Kurukshetra News: रक्षाबंधन पर रोडवेज में सुगम होगा बहनों का सफर
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यमुनानगर। इस बार रोडवेज अधिकारी रक्षाबंधन पर बहनों का सफर सुगम बनाने के लिए महिलाओं की अधिक भीड़ वाले मार्ग पर फोकस करते हुए रूट प्लान भी तैयार कर रहे हैं। जिससे महिलाओं को राखी बाधने मेें कोई परेशानी नहीं हो।
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष में यमुनानगर डिपो पर रोडवेज बसों की संख्या 120 से 130 तक रही। इसके बाद से अलग-अलग समय यमुनानगर के बेड़े में 10 एसी सहित नई यूरो-6 बसें शामिल हुईं। हालांकि इस बीच कई पुरानी बसें कंडम भी हुई, तब भी मौजूदा समय में डिपो पर बसों की संख्या 180 है। यानी गत वर्षों से करीब 50 बसें अधिक हैं। साथ ही यमुनानगर, जगाधरी व छछरौली में सिटी बस के रूप में पांच इलेक्ट्रिक एसी बसें भी चल रही हैं। गत वर्षों से बसों की संख्या अधिक होने से रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में रहने वाली भीड़ व मारामारी से राहत की उम्मीद है। जीएम रोडवेज संजय रावल ने कहा कि पूरा प्रयास रहेगा कि पर्व पर यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाया जाए और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मरम्मत से लेकर रूट प्लान की तैयारी
रक्षाबंधन के लिए बसों को पहले से तैयार करने के लिए इनकी मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही पर्व पर बसें चलाने को रूट प्लान बनाने की भी तैयारी है। इसमें गत वर्षों में रक्षाबंधन पर रही भीड़ को ध्यान में रखा जा रहा है। क्योंकि यमुनानगर से पर्व पर सबसे ज्यादा भीड़ जिले के ग्रामीण सहित अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पांवटा, सहारनपुर जैसे रूटों पर रहती है। इसलिए इन रूटों पर बसें के समय बढ़ाए जा सकते हैं। साथ ही कुछ बसें रिजर्व में रख भीड़ बढ़ने पर ऑन डिमांड भी चलाई जा सकती हैं। जिससे बहनों को अपने गंतव्य पर पहुंचने में अधिक समय व भीड़ की दिक्कत से दो चार न होना पड़े।
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जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष में यमुनानगर डिपो पर रोडवेज बसों की संख्या 120 से 130 तक रही। इसके बाद से अलग-अलग समय यमुनानगर के बेड़े में 10 एसी सहित नई यूरो-6 बसें शामिल हुईं। हालांकि इस बीच कई पुरानी बसें कंडम भी हुई, तब भी मौजूदा समय में डिपो पर बसों की संख्या 180 है। यानी गत वर्षों से करीब 50 बसें अधिक हैं। साथ ही यमुनानगर, जगाधरी व छछरौली में सिटी बस के रूप में पांच इलेक्ट्रिक एसी बसें भी चल रही हैं। गत वर्षों से बसों की संख्या अधिक होने से रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में रहने वाली भीड़ व मारामारी से राहत की उम्मीद है। जीएम रोडवेज संजय रावल ने कहा कि पूरा प्रयास रहेगा कि पर्व पर यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाया जाए और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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मरम्मत से लेकर रूट प्लान की तैयारी
रक्षाबंधन के लिए बसों को पहले से तैयार करने के लिए इनकी मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही पर्व पर बसें चलाने को रूट प्लान बनाने की भी तैयारी है। इसमें गत वर्षों में रक्षाबंधन पर रही भीड़ को ध्यान में रखा जा रहा है। क्योंकि यमुनानगर से पर्व पर सबसे ज्यादा भीड़ जिले के ग्रामीण सहित अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पांवटा, सहारनपुर जैसे रूटों पर रहती है। इसलिए इन रूटों पर बसें के समय बढ़ाए जा सकते हैं। साथ ही कुछ बसें रिजर्व में रख भीड़ बढ़ने पर ऑन डिमांड भी चलाई जा सकती हैं। जिससे बहनों को अपने गंतव्य पर पहुंचने में अधिक समय व भीड़ की दिक्कत से दो चार न होना पड़े।
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