{"_id":"7662732edbe2de74303a1922303539b9","slug":"shops-close-shopkeeper-on-road-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुकानें बंद, दुकानदार सड़कों पर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुकानें बंद, दुकानदार सड़कों पर
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 10 Feb 2016 12:16 AM IST
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मंगलवार का दिन धरने व प्रदर्शन के नाम रहा। शहर के साथ-साथ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी व एनआईटी के अलावा जिलेभर में कर्मचारी से लेकर खाद और पेस्टीसाइड दुकानदार सड़कों पर उतरे दिखाई दिए। दुकानदारों ने दिनभर दुकानें बंद रखकर विरोध किया।
सरकार द्वारा संशोधित कानून के विरोध में नई अनाई मंडी में कुरुक्षेत्र फर्टिलाइजर्स, पेस्टीसाइडस एंड सीड एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद लघु सचिवालय में एडीसी प्रभजोत सिंह को ज्ञापन दिया। इसके बाद थानेसर के विधायक सुभाष सुधा से मिलकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग रखी।
कुरुक्षेत्र फर्टिलाइजर्स पेस्टीसाइड्स एंड सीड एसोसिएशन के सदस्य अशोक गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कीटनाशक और खाद बेचने वालों के लिए लाइसेंस पाने के लिए बीएससी एग्रीकल्चर की योग्यता का नियम बनाया गया है। एसो. इसका विरोध करती हैं।
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जबकि इस व्यवसाय को बेरोजगार भी चला रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार जिले में कुल 2500 लाइसेंस धारक हैं। इनके साथ-साथ प्रत्येक दुकान पर औसतन 5 से 6 लोग भी काम करते हैं। सरकार के आदेश से इन सभी को नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि जिला के सभी पेस्टीसाइड लाइसेंस धारकों में से एक प्रतिशत के पास ही शैक्षिक योग्यता होने की संभावना है। साथ ही केवल 2 वर्षों के अंदर इस शैक्षिक योग्यता को पूरा करना हम सबके लिए असंभव है। सरकार द्वारा जारी आदेशों के कारण प्रदेश स्तर पर भी 99 प्रतिशत दुकानें बंद हो जाएंगी।
इस मौके पर महेंद्र पाल, शम्मी गर्ग, अरुण गोयल, राजेश सुधा, सतीश गर्ग, परमवीर, गगन, सुभाष मित्तल, चरणजीत, प्रमोद मित्तल सहित अनेक व्यवसायी मौजूद रहे। वहीं पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन पिपली ने भी नई अनाज मंडी एसोसिएशन का साथ दिया। पिपली मंडी से प्रधान दीपक गर्ग, उपाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह, कैशियर पवन पाहवा, एडवाइजर ज्ञान चंद गर्ग सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
कस्बों में भी रही हड़ताल
बाबैन, इस्माईलाबाद, लाडवा, पिहोवा में खाद और बीज के दुकानदारों ने दुकानें बंद करके तहसील परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाबैन में दुकानदार अश्वनी सिंगला ने बताया कि दुकानदारों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। लाडवा में फर्टीलाइजर्स व पेस्टीसाइड्स एसो. के प्रधान सुभाष चंद की अगुवाई में विक्रेताओं ने सब तहसील में नायब तहसीलदार की रीडर गुरमीत कौर को ज्ञापन दिया।
इस मौके पर सचिव योगेश कुमार, उपप्रधान जोगिंद्र सिंह, दवा विक्रेता ओमप्रकाश, गुरमेज, मनोहर लाल क्वात्रा, विकास गोयल, विनोद कुमार, होशियार सिंह, चरण सिंह आदि मौजूद रहे। पिहोवा में दुकानदारों ने रोष मार्च करते हुए उपमंडल अधिकारी डॉ. किरण सिंह को ज्ञापन सौंपा।
रोष प्रदर्शन में संदीप कुमार, कृष्ण गोपाल, अश्वनी कुमार, पवन कुमार, राम मेहर, राजेश कुमार, अमरीक आदि रहे। इस्माईलाबाद, ठोल और झांसा के सभी विक्रताओं ने दुकानें बंद कर पैदल मार्च किया। उसके बाद उपतहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार को केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
सुविधा नहीं मिलने से भड़के एनआईटी मेस कर्मी
एनआईटी मेस कल्याण कर्मचारी संघ ने मंगलवार सुबह विभिन्न मांगों के चलते एनआईटी परिसर में प्रदर्शन किया। संघ के प्रधान भाग सिंह ने कहा कि संस्थान कोे मैस कर्मियों के लिए 40 कमरे बनवाने थे जो कि पूरे नहीं बनाए गए हैं। वहीं इन कमरों के साथ केवल 8 शौचालय बनाए गए हैं।
इससे आए दिन कर्मचारियों को परेशानी होती है। कई बार कहासुनी हो जाती है। अगर हमारी ये मांग को दरकिनार किया गया तो हम सब 11 फरवरी से एनआईटी में आयोजित कंफ्यूलेंस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट का घेराव कर सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले एनआईटी परिसर में मेस कर्मियों ने सरकार, एनआईटी निदेशक व चीफ वार्डन के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर अर्जुन, देवेंद्र, विक्रम, अमित आदि मौजूद रहे।
डीएसएफआई ने मांगो के चलते किया प्रदर्शन
केयू में डीएसएफआई के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगें पूरी नहीं होने पर मंगलवार को प्रदर्शन कर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी डीएसएफआई सदस्य अमित ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के कारण आए दिन परीक्षा परिणामों में देरी हो रही है इसके लिए विद्यार्थियों को दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। तमिलनाडु में आत्महत्या करने वाले विद्यार्थी के परिजनों को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। जिसे जल्द ही न्याय दे दिया जाना चाहिए।
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सरकार द्वारा संशोधित कानून के विरोध में नई अनाई मंडी में कुरुक्षेत्र फर्टिलाइजर्स, पेस्टीसाइडस एंड सीड एसोसिएशन के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उसके बाद लघु सचिवालय में एडीसी प्रभजोत सिंह को ज्ञापन दिया। इसके बाद थानेसर के विधायक सुभाष सुधा से मिलकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग रखी।
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कुरुक्षेत्र फर्टिलाइजर्स पेस्टीसाइड्स एंड सीड एसोसिएशन के सदस्य अशोक गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कीटनाशक और खाद बेचने वालों के लिए लाइसेंस पाने के लिए बीएससी एग्रीकल्चर की योग्यता का नियम बनाया गया है। एसो. इसका विरोध करती हैं।
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जबकि इस व्यवसाय को बेरोजगार भी चला रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार जिले में कुल 2500 लाइसेंस धारक हैं। इनके साथ-साथ प्रत्येक दुकान पर औसतन 5 से 6 लोग भी काम करते हैं। सरकार के आदेश से इन सभी को नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि जिला के सभी पेस्टीसाइड लाइसेंस धारकों में से एक प्रतिशत के पास ही शैक्षिक योग्यता होने की संभावना है। साथ ही केवल 2 वर्षों के अंदर इस शैक्षिक योग्यता को पूरा करना हम सबके लिए असंभव है। सरकार द्वारा जारी आदेशों के कारण प्रदेश स्तर पर भी 99 प्रतिशत दुकानें बंद हो जाएंगी।
इस मौके पर महेंद्र पाल, शम्मी गर्ग, अरुण गोयल, राजेश सुधा, सतीश गर्ग, परमवीर, गगन, सुभाष मित्तल, चरणजीत, प्रमोद मित्तल सहित अनेक व्यवसायी मौजूद रहे। वहीं पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन पिपली ने भी नई अनाज मंडी एसोसिएशन का साथ दिया। पिपली मंडी से प्रधान दीपक गर्ग, उपाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह, कैशियर पवन पाहवा, एडवाइजर ज्ञान चंद गर्ग सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
कस्बों में भी रही हड़ताल
बाबैन, इस्माईलाबाद, लाडवा, पिहोवा में खाद और बीज के दुकानदारों ने दुकानें बंद करके तहसील परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाबैन में दुकानदार अश्वनी सिंगला ने बताया कि दुकानदारों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। लाडवा में फर्टीलाइजर्स व पेस्टीसाइड्स एसो. के प्रधान सुभाष चंद की अगुवाई में विक्रेताओं ने सब तहसील में नायब तहसीलदार की रीडर गुरमीत कौर को ज्ञापन दिया।
इस मौके पर सचिव योगेश कुमार, उपप्रधान जोगिंद्र सिंह, दवा विक्रेता ओमप्रकाश, गुरमेज, मनोहर लाल क्वात्रा, विकास गोयल, विनोद कुमार, होशियार सिंह, चरण सिंह आदि मौजूद रहे। पिहोवा में दुकानदारों ने रोष मार्च करते हुए उपमंडल अधिकारी डॉ. किरण सिंह को ज्ञापन सौंपा।
रोष प्रदर्शन में संदीप कुमार, कृष्ण गोपाल, अश्वनी कुमार, पवन कुमार, राम मेहर, राजेश कुमार, अमरीक आदि रहे। इस्माईलाबाद, ठोल और झांसा के सभी विक्रताओं ने दुकानें बंद कर पैदल मार्च किया। उसके बाद उपतहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार को केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
सुविधा नहीं मिलने से भड़के एनआईटी मेस कर्मी
एनआईटी मेस कल्याण कर्मचारी संघ ने मंगलवार सुबह विभिन्न मांगों के चलते एनआईटी परिसर में प्रदर्शन किया। संघ के प्रधान भाग सिंह ने कहा कि संस्थान कोे मैस कर्मियों के लिए 40 कमरे बनवाने थे जो कि पूरे नहीं बनाए गए हैं। वहीं इन कमरों के साथ केवल 8 शौचालय बनाए गए हैं।
इससे आए दिन कर्मचारियों को परेशानी होती है। कई बार कहासुनी हो जाती है। अगर हमारी ये मांग को दरकिनार किया गया तो हम सब 11 फरवरी से एनआईटी में आयोजित कंफ्यूलेंस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट का घेराव कर सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। इससे पहले एनआईटी परिसर में मेस कर्मियों ने सरकार, एनआईटी निदेशक व चीफ वार्डन के खिलाफ नारेबाजी की। इस अवसर पर अर्जुन, देवेंद्र, विक्रम, अमित आदि मौजूद रहे।
डीएसएफआई ने मांगो के चलते किया प्रदर्शन
केयू में डीएसएफआई के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगें पूरी नहीं होने पर मंगलवार को प्रदर्शन कर कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी डीएसएफआई सदस्य अमित ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन के कारण आए दिन परीक्षा परिणामों में देरी हो रही है इसके लिए विद्यार्थियों को दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। तमिलनाडु में आत्महत्या करने वाले विद्यार्थी के परिजनों को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। जिसे जल्द ही न्याय दे दिया जाना चाहिए।