फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Shlokas of Shrimad Bhagavad Gita will be recited in schools from the next academic level.

अगले शैक्षणिक स्तर से विद्यालयों में कराया जाएगा श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का उच्चारण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 02:09 AM IST
विज्ञापन
Shlokas of Shrimad Bhagavad Gita will be recited in schools from the next academic level.
अब प्रदेश के विद्यालयों में भी छात्र गीता का अध्ययन करेंगे। अगले शैक्षणिक स्तर से प्रदेशभर के विद्यालयों में छात्रों से श्रीमद्भगवद् गीता के श्लोकों का उच्चारण कराया जाएगा। इसके बाद पुस्तकों को लिखवाकर 5वीं व छठी कक्षा में पढ़ाया जाएगा। ये घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में की। इस दौरान उनके साथ लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को गीता अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन

वहीं उन्होंने कुरुक्षेत्र के 48 कोस से जुड़े तीर्थों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी तीर्थों को धार्मिक व पर्यटन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। अब इन तीर्थों को जोड़ने के लिए पर्यटन विभाग की मदद से बसें चलाई जाएंगी। देश और विदेश से लोग यहां इतिहास को जानने के लिए आएंगे, इससे कुरुक्षेत्र का महत्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता स्थली ज्योतिसर में 2 एकड़ भूमि पर 205 करोड़ रुपये की लागत से महाभारत थीम पर म्यूजियम का निर्माण किया जा रहा है। इस भवन में मल्टीमीडिया प्रणाली से श्रीमद्भगवद गीता, सरस्वती नदी और वैदिक सभ्यता को दर्शाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के विकास में प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार भी सहयोग कर रही है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के विकास के लिए कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया गया है। कुरुक्षेत्र के तीर्थों का विकास करने के लिए सरकार की तरफ से करीब 98 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि विश्व में बहुत से ग्रंथ ऐसे हैं, जिनमें अलग-अलग विचार दिए गए हैं, लेकिन गीता के मुकाबले कोई ग्रंथ नहीं जो जीवन को एक दिशा देता है। युवाओं को गीता का सार अपने जीवन में उतारना चाहिए। गीता का संदेश अर्जुन के लिए नहीं बल्कि हम सब के लिए दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप बढ़ाने के लिए अगले वर्ष से गीता जयंती समिति बनाकर आयोजन करना चाहिए। इस समिति में समाज से जुड़ी संस्थाओं व अन्य संगठनों को जोड़ना चाहिए। इससे अलग-अलग संस्थाओं से जुड़े अनुयायी भी इस कार्यक्रम में भागीदार बनेंगे और महोत्सव का स्वरूप बड़ा होगा। इस मौके पर गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह, कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी, अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया, रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा, सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, स्वदेशी जागरण मंच से सतीश कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन

बॉक्स
अगले वर्ष कृष्ण उत्सव का भी होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला की तर्ज पर गीता महोत्सव में अगले वर्ष से कृष्ण उत्सव का भी आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव में 5 से 6 दिन तक भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसमें लाइट व साउंड शो का प्रदर्शन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
कुरुक्षेत्र की 48 कोस भूमि में अभी तक 134 तीर्थ स्थान थे, कुछ तीर्थ स्थान छूट गए थे, इस बार इसमें 30 और तीर्थों को जोड़ा गया है, जिसके बाद कुल तीर्थों की संख्या 164 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने महाभारत से जुड़े स्थानों पर विकास करवाने का निर्णय लिया। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से बजट दिया जा रहा है। 134 स्थानों में से 75 पर विकास से जुड़े काम चल रहे हैं। बचे हुए स्थानों की डिमांड मंगवाई गई है, वहां भी समितियों का गठन कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed