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Kurukshetra News: अद्वितीय शोभा और धार्मिक उत्साह के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत
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कुरुक्षेत्र। शोभायात्रा में कलश के साथ शामिल हुई 5100 महिलाएं। संवाद
- फोटो : अमर उजाला
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एक मात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में शारदीय नवरात्र का शक्ति महोत्सव 15 दिनों तक चलेगा। इस भव्य महोत्सव की शुरुआत प्रथम दिन सोमवार को प्रातःकालीन मंगला आरती से हुई। नवरात्र की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से की गई। इसमें 5100 महिलाएं कलश लेकर चलीं। इसके अलावा शोभायात्रा में दिव्य ज्योति रथ, प्रसाद रथ, 1100 झंडे, 52 शक्तिपीठों के प्रतीक 52 चांदी त्रिशूल, 11 गोल पताकाएं और 104 विशेष जय मां छतरियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
इसके अतिरिक्त 21 ढोल, पाइप बैंड, मां काली केआठ स्वरूपों की झांकियां और कुल 26 रथों ने शोभा बढ़ाई। इनमें भारत माता, श्री गणेश, हनुमान, नवदुर्गा, महाकाली, लक्ष्मी, सरस्वती, महिषासुर मर्दिनी, राधा-कृष्ण, राम दरबार और झांसी की रानी की विशेष झांकी प्रमुख आकर्षण रहीं। हरियाणा-पंजाब के प्रसिद्ध बैंड न्यू हीरा बैंड, लक्ष्मी बैंड, सचदेवा बैंड ने भक्तिमय धुनों से माहौल को और रंगीन बना दिया।
पहले दिन पारुल वर्मा ने माता को विशेष 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद प्रातः आठ बजे सुनील शर्मा ने कलश पूजन किया। पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा के सान्निध्य में नौ बजे अध्यक्ष नरेंद्र वालिया ने गणेश द्वार और 108 फीट ऊंचे स्वर्णिम गुंबद पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद विधिवत पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। दोपहर 12 बजे लाला राम सिंगला की ओर से अन्नपूर्णा भंडारा आयोजित किया गया। इसके साथ ही व्रतधारियों के लिए भी विशेष भंडारे का प्रबंध रहा। 10 बजे डॉ. पवन के दीवान ने नवरात्र व्रत भंडारा समर्पित किया।
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दोपहर के समय प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने पीठाध्यक्ष परिवार के साथ ज्योति पूजन किया। गर्भगृह से मां भद्रकाली की पीतल की प्रतिमा को विशेष पालकी पर ज्योति रथ में स्थापित कर दिव्य ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। यह प्रतिमा वर्ष में केवल दो बार ही नगर परिक्रमा के लिए गर्भगृह से बाहर लाई जाती है। डॉ. शर्मा ने नारियल फोड़कर व हरी झंडी दिखाकर प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक शोभायात्रा को रवाना किया। इसके बाद हरा ध्वज धर्मध्वज स्तंभ पर स्थापित किया गया। इस दौरान कंजक श्लोका पंडित (कुहू) का कन्या पूजन हुआ। आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़े गए।
सांयकालीन महाआरती व ज्योति प्रतिस्थापना में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, मुख्य यजमान सतीश सिंगला तरावड़ी और पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल मौजूद रहे। विशेष अवसर पर बेल्जियम से आई मर्लिन अपने पुत्र के साथ विशेष रूप से सम्मिलित हुईं। महाआरती में बच्चों का देवरूप और शक्तिरूप सजे स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे।
भक्ति में डूबा रहा नगर
पूरे नगर में मां भद्रकाली महिला मंडल के उद्घोष गूंजते रहे। मंदिर के सभी सदस्य लाल पटका धारण किए हुए मां की भक्ति में रमे दिखे। ज्योति रथ से निकलती दिव्य ज्योति ने नगर को आलोकित कर दिया। पीठाध्यक्ष के सुपुत्र देवांशु शर्मा पुजारी रूप में रथ पर मौजूद रहे और भक्तों को प्रसाद वितरित किया। शोभायात्रा मार्ग में 52 से अधिक स्थानों पर लंगर लगाया गया। ज्योति रथ ने कुरुक्षेत्र नगर की परिक्रमा करते हुए रोटरी चौक, सीकरी चौक, आंबेडकर चौक, सेक्टर 17 मार्केट, शेख चिल्ली का मकबरा आदि स्थानों से होकर शाम छह बजे पुनः शक्तिपीठ में वापसी की।
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इसके अतिरिक्त 21 ढोल, पाइप बैंड, मां काली केआठ स्वरूपों की झांकियां और कुल 26 रथों ने शोभा बढ़ाई। इनमें भारत माता, श्री गणेश, हनुमान, नवदुर्गा, महाकाली, लक्ष्मी, सरस्वती, महिषासुर मर्दिनी, राधा-कृष्ण, राम दरबार और झांसी की रानी की विशेष झांकी प्रमुख आकर्षण रहीं। हरियाणा-पंजाब के प्रसिद्ध बैंड न्यू हीरा बैंड, लक्ष्मी बैंड, सचदेवा बैंड ने भक्तिमय धुनों से माहौल को और रंगीन बना दिया।
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पहले दिन पारुल वर्मा ने माता को विशेष 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद प्रातः आठ बजे सुनील शर्मा ने कलश पूजन किया। पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा के सान्निध्य में नौ बजे अध्यक्ष नरेंद्र वालिया ने गणेश द्वार और 108 फीट ऊंचे स्वर्णिम गुंबद पर ध्वजारोहण किया। इसके बाद विधिवत पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। दोपहर 12 बजे लाला राम सिंगला की ओर से अन्नपूर्णा भंडारा आयोजित किया गया। इसके साथ ही व्रतधारियों के लिए भी विशेष भंडारे का प्रबंध रहा। 10 बजे डॉ. पवन के दीवान ने नवरात्र व्रत भंडारा समर्पित किया।
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दोपहर के समय प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने पीठाध्यक्ष परिवार के साथ ज्योति पूजन किया। गर्भगृह से मां भद्रकाली की पीतल की प्रतिमा को विशेष पालकी पर ज्योति रथ में स्थापित कर दिव्य ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। यह प्रतिमा वर्ष में केवल दो बार ही नगर परिक्रमा के लिए गर्भगृह से बाहर लाई जाती है। डॉ. शर्मा ने नारियल फोड़कर व हरी झंडी दिखाकर प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक शोभायात्रा को रवाना किया। इसके बाद हरा ध्वज धर्मध्वज स्तंभ पर स्थापित किया गया। इस दौरान कंजक श्लोका पंडित (कुहू) का कन्या पूजन हुआ। आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़े गए।
सांयकालीन महाआरती व ज्योति प्रतिस्थापना में मुख्य अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा, मुख्य यजमान सतीश सिंगला तरावड़ी और पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल मौजूद रहे। विशेष अवसर पर बेल्जियम से आई मर्लिन अपने पुत्र के साथ विशेष रूप से सम्मिलित हुईं। महाआरती में बच्चों का देवरूप और शक्तिरूप सजे स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे।
भक्ति में डूबा रहा नगर
पूरे नगर में मां भद्रकाली महिला मंडल के उद्घोष गूंजते रहे। मंदिर के सभी सदस्य लाल पटका धारण किए हुए मां की भक्ति में रमे दिखे। ज्योति रथ से निकलती दिव्य ज्योति ने नगर को आलोकित कर दिया। पीठाध्यक्ष के सुपुत्र देवांशु शर्मा पुजारी रूप में रथ पर मौजूद रहे और भक्तों को प्रसाद वितरित किया। शोभायात्रा मार्ग में 52 से अधिक स्थानों पर लंगर लगाया गया। ज्योति रथ ने कुरुक्षेत्र नगर की परिक्रमा करते हुए रोटरी चौक, सीकरी चौक, आंबेडकर चौक, सेक्टर 17 मार्केट, शेख चिल्ली का मकबरा आदि स्थानों से होकर शाम छह बजे पुनः शक्तिपीठ में वापसी की।

कुरुक्षेत्र। शोभायात्रा में कलश के साथ शामिल हुई 5100 महिलाएं। संवाद- फोटो : अमर उजाला