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Kurukshetra News: सात से होलाष्टक शुरू होलिका दहन पर भद्रा नक्षत्र का साया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 01:07 AM IST
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Shadow of Bhadra Nakshatra on Holika Dahan starts with seven Holashtakas
कुरुक्षेत्र। ज्योतिषाचार्य रामराज कौशिक।
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। सात मार्च से होलाष्टक शुरू हो जायेंगे, जिसमें शुभ कार्य करने की मनाही होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है, क्योंकि इस समय किए गए कार्यों का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
होलिका दहन का समय शाम 6: 57 से 8:14 बजे तक रहेगा। इस साल होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा, जिससे सही समय पर दहन करना महत्वपूर्ण होगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 13 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और 14 मार्च को रंगों का त्योहार होली मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य राम राज कौशिक के मुताबिक इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त एक घंटा चार मिनट है। 13 मार्च को शाम को भद्रा की छाया पृथ्वी पर होने के कारण होलिका दहन के शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना होगा।
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शास्त्रों के अनुसार भद्रा काल में किए गए कार्य शुभ फल नहीं देते और इससे अशुभ परिणाम हो सकते हैं। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 13 मार्च सुबह 10:02 से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हो जाएगी, जिसकी समाप्ति 14 मार्च सुबह 11:11 पर होगी। ऐसे में 13 मार्च को ही होलिका दहन किया जाएगा लेकिन इस दिन लगभग 13 घंटे तक भद्रा का साया बना रहेगा, जबकि शास्त्रों में होलिका दहन के लिए भद्रा रहित और निशा काल में पूर्णिमा तिथि का होना अनिवार्य बताया गया है।
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13 मार्च को धरती पर होगा भद्रा का वास ः 13 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भद्रा का वास धरती पर है, कहा जाता है कि जब भद्रा का वास धरती पर होता है तो कोई भी शुभ-मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।
क्योंकि भद्रा इन कामों में विघ्न डालने का कार्य करती है। इसलिए जब धरती पर भद्रा का वास होता है तो इन कामों का त्याग करना चाहिए। होलिका दहन पर पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्रा की भी शुरुआत हो जाएगी जोकि रात 10:36 बजे तक रहेगी। इसलिए भद्रा खत्म होने के बाद ही होलिका दहन किया जाएगा।

यह है होलिका दहन का शुभ समय : ज्योतिषाचार्य के अनुसार रात 10 बजकर 35 मिनट से 11 बजकर 26 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। ऐसे में होलिका दहन देर रात किया जाएगा और इसके लिए लगभग एक घंटे नौ मिनट का ही शुभ समय मिलेगा। दहन के दिन भद्रा पूंछ शाम छह बजकर 57 मिनट से रात आठ बजकर 14 मिनट तक दहन करना शुभ माना गया है।
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