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शबद कीर्तन से संगत को किया निहाल
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समागम में श्री सुखमणि साहिब का पाठ करतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा बाउली साहिब में गुरमति समागम का आयोजन किया गया। समागम में महिला सत्संग सभा की ओर से श्री सुखमणि साहिब का पाठ किया गया। वहीं गुरुद्वारा बाउली साहिब के हजूरी रागी बलविंद्र सिंह के जत्थे ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य जथेदार सतपाल सिंह रामगढ़िया ने बताया कि उस समय मुगल बादशाह जहांगीर पूरे हिंदुस्तान को इस्लाम के दायरे में लाना चाहता था, लेकिन गुरु अर्जुन देव जी की ओर से किए जा रहे सिखी के प्रचार से मुगल खफा थे। वहीं गुरु जी द्वारा आदि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की संपादन करना भी मुगलों का रास नहीं आया, जिसके बाद मुगल बादशाह ने तीन दिन लगातार गुरु अर्जुन देव जी को असहाय कष्ट देकर यासा कानून के अंतर्गत शहीद कर दिया।
उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने परमात्मा की आज्ञा को सर्वोच्च माना। उन्होंने मनुष्य को परमात्मा की आज्ञानुसार जीवन व्यतीत करने की लिए प्रेरित किया। महिला सत्संग सभा की ओर से मनमोहन कौर ने बताया कि शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पिछले एक महीने से लगातार सुखमनी साहिब के पाठ किए गए। इस मौके पर परमजीत कौर, कुलविंद्र कौर, सरनजीत कौर, निर्मल सिंह वोहरा, जगमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रहीं।
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पिहोवा। गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा बाउली साहिब में गुरमति समागम का आयोजन किया गया। समागम में महिला सत्संग सभा की ओर से श्री सुखमणि साहिब का पाठ किया गया। वहीं गुरुद्वारा बाउली साहिब के हजूरी रागी बलविंद्र सिंह के जत्थे ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य जथेदार सतपाल सिंह रामगढ़िया ने बताया कि उस समय मुगल बादशाह जहांगीर पूरे हिंदुस्तान को इस्लाम के दायरे में लाना चाहता था, लेकिन गुरु अर्जुन देव जी की ओर से किए जा रहे सिखी के प्रचार से मुगल खफा थे। वहीं गुरु जी द्वारा आदि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की संपादन करना भी मुगलों का रास नहीं आया, जिसके बाद मुगल बादशाह ने तीन दिन लगातार गुरु अर्जुन देव जी को असहाय कष्ट देकर यासा कानून के अंतर्गत शहीद कर दिया।
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उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने परमात्मा की आज्ञा को सर्वोच्च माना। उन्होंने मनुष्य को परमात्मा की आज्ञानुसार जीवन व्यतीत करने की लिए प्रेरित किया। महिला सत्संग सभा की ओर से मनमोहन कौर ने बताया कि शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में पिछले एक महीने से लगातार सुखमनी साहिब के पाठ किए गए। इस मौके पर परमजीत कौर, कुलविंद्र कौर, सरनजीत कौर, निर्मल सिंह वोहरा, जगमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रहीं।
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