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एसजीपीसी ने हरियाणा की संगत से नहीं किया कभी इंसाफ : भूपिंदर असंध
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कुरुक्षेत्र। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर ने कभी भी हरियाणा की सिख संगत से इंसाफ नहीं किया जबकि शुरुआत से एसजीपीसी पर काबिज बादल परिवार लंबे अर्से तक सत्ता में रहने के बावजूद हरियाणा प्रदेश की सिख संगत को नजरअंदाज करते रहे। ये आरोप हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने लगाए। वे मंगलवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिलने के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सिखों को एचएसजीएमसी का तोहफा दिया है, तो सुखबीर सिंह बादल को हजम नहीं हो रहा। प्रदेश सरकार ने हरियाणा कमेटी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है, तो बादल अचानक से हरियाणा में दिलचस्पी लेने लगे हैं।
कमेटी प्रधान ने कहा कि वे काफी समय तक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य जरूर रहे हैं, लेकिन हरियाणा के सदस्यों की कोई सुनवाई नहीं होती थी। हमेशा ही काम करने का आश्वासन देकर ही हरियाणा के सदस्यों को टाल दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि बादल परिवार और एसजीपीसी ने हरियाणा कमेटी का अस्तित्व तो स्वीकार किया है, नहीं तो अब से पहले वे इसे नकारते ही रहे हैं। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के कुरुक्षेत्र आगमन पर प्रदेश की सिख संगत से आह्वान किया कि वह शिरोमणि अकाली दल से पूछे कि मीरी-पीरी अस्पताल शाहाबाद मारकंडा को एनओसी दिलाने में सार्थक कदम क्यों नहीं उठाए, इससे पहले बादल परिवार को हरियाणा की सिख संगत क्यों नहीं दिखी, अब हरियाणा की राजनीति में दिलचस्पी लेने की जरूरत पड़ गई।
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23 को होगी कमेटी की अहम बैठक, किया जाएगा प्रबंधन पर मंथन
हरियाणा कमेटी के प्रधान ने बताया कि 23 सितंबर को कमेटी कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें मैंबर साहिबान मिलकर गुरुद्वारा साहिबान के प्रबंध को लेकर गंभीर मंथन करेंगे। जत्थेदार असंध ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने जिन पदाधिकारियों पर रोक लगाई थी, वे सभी अब संस्था का हिस्सा नहीं है। इसलिए उन्हें बैठक करने में कोई समस्या नहीं है। मीरी-पीरी अस्पताल शाहाबाद मारकंडा की सेवा संभाल को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी अड़चनों की वजह से अभी तक यह कदम नहीं उठाया है। सरकार से भी इस संबंध में बातचीत की जाएगी।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर मौजूद हरियाणा कमेटी के मैंबर साहब सिंह, कवलजीत सिंह अजराना, एचएसजीएमसी के चीफ सेक्रेटरी जसविंदर सिंह दीनपुर, सेक्रेटरी सरबजीत सिंह, जनरल शाखा प्रभारी सतपाल सिंह, गुरुद्वारा निरीक्षक प्रमुख अमरिंदर सिंह, एडिशनल चीफ रूपिंदर सिंह, सुपरवाइजर बलजीत सिंह, नरेंद्र सिंह गिल, तजिंदर सिंह मक्कड़ सहित अन्य मौजूद रहे।
हरियाणा कमेटी के चुनाव को लेकर पदाधिकारी पूरी तरह से सरगर्म हैं : प्रधान
हरियाणा कमेटी के चुनाव को लेकर एचएसजीएमसी पूरी तरह से सरगर्म है। कमेटी के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संगत से संपर्क करके अधिक से अधिक वोट बनाने की अपील कर रहे हैं। वे आज भी अलग-अलग गांवों की संगत से मिलकर वोट बनाने की अपील करके यहां आए हैं और कवलजीत सिंह अजराना भी हर दिन अलग-अलग गांवों में संगत को वोट बनाने के लिए जागृत कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से संगत से आह्वान किया वे अधिक से अधिक वोट बनाएं, ताकि प्रदेश के सिखों का राजनीतिक कद बढ़ सके।
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उन्होंने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट से मान्यता मिलने के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सिखों को एचएसजीएमसी का तोहफा दिया है, तो सुखबीर सिंह बादल को हजम नहीं हो रहा। प्रदेश सरकार ने हरियाणा कमेटी के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है, तो बादल अचानक से हरियाणा में दिलचस्पी लेने लगे हैं।
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कमेटी प्रधान ने कहा कि वे काफी समय तक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य जरूर रहे हैं, लेकिन हरियाणा के सदस्यों की कोई सुनवाई नहीं होती थी। हमेशा ही काम करने का आश्वासन देकर ही हरियाणा के सदस्यों को टाल दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि बादल परिवार और एसजीपीसी ने हरियाणा कमेटी का अस्तित्व तो स्वीकार किया है, नहीं तो अब से पहले वे इसे नकारते ही रहे हैं। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के कुरुक्षेत्र आगमन पर प्रदेश की सिख संगत से आह्वान किया कि वह शिरोमणि अकाली दल से पूछे कि मीरी-पीरी अस्पताल शाहाबाद मारकंडा को एनओसी दिलाने में सार्थक कदम क्यों नहीं उठाए, इससे पहले बादल परिवार को हरियाणा की सिख संगत क्यों नहीं दिखी, अब हरियाणा की राजनीति में दिलचस्पी लेने की जरूरत पड़ गई।
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23 को होगी कमेटी की अहम बैठक, किया जाएगा प्रबंधन पर मंथन
हरियाणा कमेटी के प्रधान ने बताया कि 23 सितंबर को कमेटी कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें मैंबर साहिबान मिलकर गुरुद्वारा साहिबान के प्रबंध को लेकर गंभीर मंथन करेंगे। जत्थेदार असंध ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब ने जिन पदाधिकारियों पर रोक लगाई थी, वे सभी अब संस्था का हिस्सा नहीं है। इसलिए उन्हें बैठक करने में कोई समस्या नहीं है। मीरी-पीरी अस्पताल शाहाबाद मारकंडा की सेवा संभाल को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ तकनीकी अड़चनों की वजह से अभी तक यह कदम नहीं उठाया है। सरकार से भी इस संबंध में बातचीत की जाएगी।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर मौजूद हरियाणा कमेटी के मैंबर साहब सिंह, कवलजीत सिंह अजराना, एचएसजीएमसी के चीफ सेक्रेटरी जसविंदर सिंह दीनपुर, सेक्रेटरी सरबजीत सिंह, जनरल शाखा प्रभारी सतपाल सिंह, गुरुद्वारा निरीक्षक प्रमुख अमरिंदर सिंह, एडिशनल चीफ रूपिंदर सिंह, सुपरवाइजर बलजीत सिंह, नरेंद्र सिंह गिल, तजिंदर सिंह मक्कड़ सहित अन्य मौजूद रहे।
हरियाणा कमेटी के चुनाव को लेकर पदाधिकारी पूरी तरह से सरगर्म हैं : प्रधान
हरियाणा कमेटी के चुनाव को लेकर एचएसजीएमसी पूरी तरह से सरगर्म है। कमेटी के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में संगत से संपर्क करके अधिक से अधिक वोट बनाने की अपील कर रहे हैं। वे आज भी अलग-अलग गांवों की संगत से मिलकर वोट बनाने की अपील करके यहां आए हैं और कवलजीत सिंह अजराना भी हर दिन अलग-अलग गांवों में संगत को वोट बनाने के लिए जागृत कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया के माध्यम से संगत से आह्वान किया वे अधिक से अधिक वोट बनाएं, ताकि प्रदेश के सिखों का राजनीतिक कद बढ़ सके।