लिंगानुपात सुधार में अव्वल जिले को शर्मसार कर रहा इस्माईलाबाद
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लिंगानुपात सुधार में सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के जिलों को पछाड़ने वाले कुरुक्षेत्र जिला भले नंबर वन पर हो, मगर इस्माईलाबाद और इसके करीब दो दर्जन गांव खतरे की घंटी बजा रहे हैं। इस्माईलाबाद क्षेत्र में 1000 हजार के मुकाबले महज 333 बेटियों का आंकड़ा सामने आया है, मगर जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए मजबूत पक्ष रखने के साथ अपनी कमजोरी पर पर्दा डाल दिया। उल्लेखनीय है कि हरियाणा में लिंगानुपात में सीएम का जिला जहां 13 वें पायदान पर है, वहीं स्वास्थ्य मंत्री का जिला अंबाला को छठे स्थान पर है। नंबर वन बने कुरुक्षेत्र जिले के इस्माईलाबाद कसबा में जनवरी 2017 के 31 दिनों में 64 डिलीवरी हुई, इनमें सिर्फ 16 बेटियों ने ही जन्म लिया।
स्वास्थ्य विभाग के लिए उक्त क्षेत्र में लिंगानुपात के चौंकाने वाले आंकड़े जनवरी 2017 के डिलीवरी केसों में सामने आ चुके हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि इस्माईलाबाद कस्बे में पिछले महीने कुल 64 डिलीवरी हुईं थी, जिनमें 48 लड़के और 16 लड़कियां शामिल हैं। यह आंकड़े सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की भी नींद उड़ी हुई है। विभाग का दावा है कि इस दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए चार जगहों पर छापेमारी की जा चुकी है, मगर छापेमारी में ऐसा कोई सुराग स्वास्थ्य विभाग की टीमों के हाथों में नहीं आया।
दिसंबर में भी 81 में से सिर्फ 31 बेटियों ने लिया था जन्म
दिसंबर 2016 में इस्माईलाबाद कस्बा और इसके आसपास के करीब दो दर्जन गांवों में कुल 81 डिलीवरी हुई, इनमें 50 लड़के और 31 लड़कियां शामिल हैं। हरियाणा स्वास्थ्य
विभाग के आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो कुरुक्षेत्र जिला में वर्तमान लिंगानुपात शहरी क्षेत्र में 1000 पुरुषों के मुकाबले 950 और जिला के ग्रामीणांचल में 1000 पुरुषों के मुकाबले 839 है, जोकि पिछले करीब दो दशक में लिंगानुपात के लिहाज से यह संतोषजनक आंकड़ा है।
राज्यपाल ने भी पीठ थपथपाई थी
जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीएनडीटी व पीएमटी एक्ट के तहत बरती गई सख्ती का सफल उदाहरण नवंबर 2016 बना। नवंबर के आंकड़ों के अनुसार जिला में 1000 बेटों के मुकाबले 1042 बेटियों ने कुरुक्षेत्र जिला में जन्म लिया था। इसके लिए हरियाणा के राज्यपाल ने गीता जयंती पर पीठ थपथपाई थी।
जिला फैमिली प्लानिंग एवं एमटीपी के जिला प्रभारी की प्रतिक्रिया
जिला फैमिली प्लानिंग एवं एमटीपी के जिला प्रभारी डा. आरके सहाय ने माना कि इस्माईलाबाद कस्बे में लिंगानुपात में काफी असंतुलन है। जिला स्वास्थ्य विभाग इस्माईलाबाद कस्बे पर विशेष फोकस करेगा। इस दिशा में जो भी प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं, उन पर गौर किया जा रहा है। इसी के साथ समय समय पर उक्त क्षेत्र की मानिटरिंग होगी और छापेमारी आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पिछले 7 महीनों में 17 एफआईआर पीएनडीटी एक्ट के तहत दर्ज कराई जा चुकी है। इनमें से दूसरे जिले और पड़ौसी राज्य के कुल 46 लोगों पर कार्रवाई कराई गई है।
ये हैं जिलों के आंकड़े
जिला साल 2016 जनवरी 2017 पिछले तीन महीनों बेटियों का जन्म
1. कुरुक्षेत्र 859 916 957
2. रोहतक 905 969 953
3. मेवात 912 911 940
4. सिरसा 935 905 935
5. पानीपत 912 961 933
6. अंबाला 912 906 931
7. सोनीपत 901 975 925
8. फरीदाबाद 895 931 917
9. झज्जर 884 929 917
10. भिवानी 895 908 916
11. कैथल 887 962 916
12. यमुनानगर-- 898-- 959-- 916
13. करनाल 908 940 916
14. पंचकूला 923 894 915
15. फतेहाबाद 918 940 910
16. जींद 900 877 907
17. पलवल 913 957 906
18. नारनौल 850 877 904
19. रेवाड़ी 877 814 871
20. गुरुग्राम 883 881 862
हरियाणा 900 922 916