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Kurukshetra News: श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में सात को लगेगा फ्री बोन मिनरल डेंसिटी शिविर
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज व अस्पताल।
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज व अस्पताल में सात अप्रैल को नि:शुल्क बोन मिनरल डेंसिटी जांच कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप महीने के पहले शुक्रवार को शल्य तंत्र विभाग के ओपीडी कमरा नं. 14 में लगातार छह महीने तक चलेगा। शिविर सुबह नौ बजे से शुरू होगा और दोपहर दो बजे तक लगाया जाएगा।
श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना ने बताया कि बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट (बीएनडी) अक्सर ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डी संबंधी रोग का पता लगाने के लिए किया जाता है। जो सुरक्षित, दर्द रहित और जल्दी होने वाले टेस्ट है। इनके माध्यम से हड्डियों की मजबूती को मापा जाता है ऐसे मरीज जो पीठ में दर्द या फिर कमर के निचले भाग में लंबे समय से दर्द से परेशान हैं उनके लिए यह शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में डेक्सा मशीन की मदद से हड्डियों का घनत्व जांचा जाएगा, जिससे हड्डियों में मौजूद कैल्शियम व अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि पचास वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, कम आयु में गर्भाशय निकलवा चुकी महिलाओं, अक्सर शरीर की हड्डियों में दर्द, जोड़ों में दर्द,पीठ में दर्द और जल्द ही थकान होने लगती है। ऐसे मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर बोन डेंसिटी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही वे मरीज जो लंबे वक्त से स्टेरॉयड ले रहे हैं, मेटाबॉलिक बोन डिजीज के रोगियों की अचानक डाइट कम होने पर भी इस प्रकार की जांच कराई जा सकती है।
सस्ती व नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं जन-जन तक पहुंचे
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय का उद्देश्य सस्ती व नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। समय-समय पर स्वास्थ्य कैंप के आयोजन के साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा लगाए जाते हैं। उसी दिशा में यह एक और कदम समाज सेवा में बढ़ाया गया है।
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श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र खुराना ने बताया कि बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट (बीएनडी) अक्सर ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डी संबंधी रोग का पता लगाने के लिए किया जाता है। जो सुरक्षित, दर्द रहित और जल्दी होने वाले टेस्ट है। इनके माध्यम से हड्डियों की मजबूती को मापा जाता है ऐसे मरीज जो पीठ में दर्द या फिर कमर के निचले भाग में लंबे समय से दर्द से परेशान हैं उनके लिए यह शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में डेक्सा मशीन की मदद से हड्डियों का घनत्व जांचा जाएगा, जिससे हड्डियों में मौजूद कैल्शियम व अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि पचास वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, कम आयु में गर्भाशय निकलवा चुकी महिलाओं, अक्सर शरीर की हड्डियों में दर्द, जोड़ों में दर्द,पीठ में दर्द और जल्द ही थकान होने लगती है। ऐसे मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर बोन डेंसिटी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही वे मरीज जो लंबे वक्त से स्टेरॉयड ले रहे हैं, मेटाबॉलिक बोन डिजीज के रोगियों की अचानक डाइट कम होने पर भी इस प्रकार की जांच कराई जा सकती है।
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सस्ती व नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं जन-जन तक पहुंचे
श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि आयुष विश्वविद्यालय का उद्देश्य सस्ती व नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। समय-समय पर स्वास्थ्य कैंप के आयोजन के साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम विश्वविद्यालय के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा लगाए जाते हैं। उसी दिशा में यह एक और कदम समाज सेवा में बढ़ाया गया है।
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