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Kurukshetra News: प्रदेश के 113 उच्च विद्यालयों को दिया वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा
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- समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, होम साइंस, फाइन आर्ट व लोक प्रशासन की पढ़ाई से वंचित रहेंगे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिए जाने से जहां छात्र-छात्राएं और अभिभावक खुश नजर आए, वहीं पांच विषयों के लिए लेक्चरर के पद स्वीकृत न होने से लोगों में मायूसी है। समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, फाइन आर्ट और लोक प्रशासन विषयों के लिए लेक्चरर की नियुक्ति न होने से संबंधित विषयों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी।
उल्लेखनीय है कि 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिए जाने के साथ ही 1582 लेक्चरर के पद भी स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, फाइन आर्ट और लोक प्रशासन विषयों को पूरी तरह से दरकिनार ही कर दिया गया। इन्हें पढ़ाने के लिए विभाग की ओर से लेक्चरर के पद ही स्वीकृत ही नहीं किए गए हैं। प्रदेश सरकार के पास उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक बनाए जाने को लेकर लगातार मांगें की जा रही थीं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जनसंवाद कार्यक्रमों में भी अनेक गांवों के लोगों ने यह मांगें उठाई थी। करीब एक माह पहले ही मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिया था। गत 18 अगस्त को जब इन स्कूलों के लिए 1582 लेक्चरर के लिए पदों को स्वीकृति दी गई और उक्त पांच विषयों को दरकिनार कर दिया गया तो हर कोई हैरान रह गया। कुरुक्षेत्र जिला के लोहार माजरा, भटमाजरा, त्योड़ा, इसहाक, अजरावर, सुडपुर व दीवाना गांव के स्कूल है अपग्रेड हुए हैं।
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स्वीकृत किए गए पद
प्रिंसिपल-- 113
लेक्चरर-- 1582
लैब अटेंडेंट-- 139
प्यून-- -- -14
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सिरसा व करनाल के सबसे ज्यादा विद्यालय हुए थे अपग्रेड
जिला-- -- - विद्यालयाें की संख्या
सिरसा-- -13
जींद-- 10
गुरुग्राम-- 8
सोनीपत-- 4
करनाल-- 11
फरीदाबाद-- 3
रोहतक-- 1
पानीपत-- 1
भिवानी-- 3
यमुनानगर-- 3
कैथल-- 6
पंचकुला-- 5
नूहं, मेवात-- 1
महेंद्रगढ़-- -2
रेवाड़ी-- -2
अंबाला-- 5
हिसार-- -10
पलवल-- 8
फतेहाबाद-- 8
कुरुक्षेत्र-- -7
फोटो
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फोटो
शिक्षकों के पदों को नहीं किया स्वीकृत : बलराम
हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रधान बलराम शर्मा, महासचिव राजबीर सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन आज तक इन विद्यालयों में समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, होम साइंस, फाइन आर्ट और लोक प्रशासन विषयों के प्राध्यापकों के पदों को स्वीकृत नहीं किया गया। इसके चलते विद्यार्थी इन स्कूलों में इन विषयों के अध्ययन से वंचित हो गए हैं। इस मामले को लेकर विधायक सुभाष सुधा को ज्ञापन भी सौंपा गया है। सरकार ने जल्द इस संबंध में संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन चलाया जाएगा।
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उच्चाधिकारियों को लिखेंगे पत्र : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा का कहना है कि कुछ नए पद स्वीकृत हुए हैं और जल्द ही ट्रांसफर ड्राइव भी शुरू होगा। इसके बाद स्कूलों में शिक्षक पहुंचेंगे। उसके बाद जैसी स्थिति सामने आएगी, उसी के अनुसार व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चों को उक्त विषय भी पढ़ने को मिले, इसके लिए जरूरत पड़ी तो उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। प्रदेश के 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिए जाने से जहां छात्र-छात्राएं और अभिभावक खुश नजर आए, वहीं पांच विषयों के लिए लेक्चरर के पद स्वीकृत न होने से लोगों में मायूसी है। समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, फाइन आर्ट और लोक प्रशासन विषयों के लिए लेक्चरर की नियुक्ति न होने से संबंधित विषयों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी।
उल्लेखनीय है कि 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिए जाने के साथ ही 1582 लेक्चरर के पद भी स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, फाइन आर्ट और लोक प्रशासन विषयों को पूरी तरह से दरकिनार ही कर दिया गया। इन्हें पढ़ाने के लिए विभाग की ओर से लेक्चरर के पद ही स्वीकृत ही नहीं किए गए हैं। प्रदेश सरकार के पास उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक बनाए जाने को लेकर लगातार मांगें की जा रही थीं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जनसंवाद कार्यक्रमों में भी अनेक गांवों के लोगों ने यह मांगें उठाई थी। करीब एक माह पहले ही मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक का दर्जा दिया था। गत 18 अगस्त को जब इन स्कूलों के लिए 1582 लेक्चरर के लिए पदों को स्वीकृति दी गई और उक्त पांच विषयों को दरकिनार कर दिया गया तो हर कोई हैरान रह गया। कुरुक्षेत्र जिला के लोहार माजरा, भटमाजरा, त्योड़ा, इसहाक, अजरावर, सुडपुर व दीवाना गांव के स्कूल है अपग्रेड हुए हैं।
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स्वीकृत किए गए पद
प्रिंसिपल
लेक्चरर
लैब अटेंडेंट
प्यून
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सिरसा व करनाल के सबसे ज्यादा विद्यालय हुए थे अपग्रेड
जिला
सिरसा
जींद
गुरुग्राम
सोनीपत
करनाल
फरीदाबाद
रोहतक
पानीपत
भिवानी
यमुनानगर
कैथल
पंचकुला
नूहं, मेवात
महेंद्रगढ़
रेवाड़ी
अंबाला
हिसार
पलवल
फतेहाबाद
कुरुक्षेत्र
फोटो
बॉक्स
फोटो
शिक्षकों के पदों को नहीं किया स्वीकृत : बलराम
हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के पूर्व जिला प्रधान बलराम शर्मा, महासचिव राजबीर सिंह का कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से 113 उच्च विद्यालयों को वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन आज तक इन विद्यालयों में समाजशास्त्र, मनोविज्ञान, होम साइंस, फाइन आर्ट और लोक प्रशासन विषयों के प्राध्यापकों के पदों को स्वीकृत नहीं किया गया। इसके चलते विद्यार्थी इन स्कूलों में इन विषयों के अध्ययन से वंचित हो गए हैं। इस मामले को लेकर विधायक सुभाष सुधा को ज्ञापन भी सौंपा गया है। सरकार ने जल्द इस संबंध में संज्ञान नहीं लिया तो आंदोलन चलाया जाएगा।
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उच्चाधिकारियों को लिखेंगे पत्र : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा का कहना है कि कुछ नए पद स्वीकृत हुए हैं और जल्द ही ट्रांसफर ड्राइव भी शुरू होगा। इसके बाद स्कूलों में शिक्षक पहुंचेंगे। उसके बाद जैसी स्थिति सामने आएगी, उसी के अनुसार व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चों को उक्त विषय भी पढ़ने को मिले, इसके लिए जरूरत पड़ी तो उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा।