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Kurukshetra News: एनआईटी में डिप्टी डायरेक्टर की तलाश शुरू, संस्थान के तीन अहम पद खाली
Sat, 06 Jun 2026 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:36 AM IST
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कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों के बीच अब डिप्टी डायरेक्टर पद को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संस्थान ने डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस समय एनआईटी में डायरेक्टर और डिप्टी डायरेक्टर दोनों पद खाली हैं, जबकि 24 मई को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (बीओजी) के चेयरपर्सन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वह पद भी रिक्त हो गया है, ऐसे में संस्थान के तीन प्रमुख पद खाली होने से यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
अब एनआईटी प्रशासन की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार संस्थान में कार्यरत प्रोफेसरों से डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तीन जुलाई निर्धारित की गई है। चयनित अधिकारी को संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
एनआईटी के पूर्व निदेशक प्रो. बी.वी. रमन्ना रेड्डी ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ मामलों की जांच भी चर्चा में रही थी, उनके इस्तीफे के बाद से वरिष्ठ प्रोफेसर ब्रह्मजीत कार्यवाहक निदेशक के रूप में संस्थान का कामकाज संभाल रहे हैं।
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इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से कुछ समय पहले नियमित निदेशक की नियुक्ति के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए भी अधिसूचना जारी होने के बाद माना जा रहा है कि संस्थान के प्रशासनिक ढांचे को स्थायी रूप देने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जारी विज्ञापन के अनुसार डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए उम्मीदवार का प्रोफेसर के रूप में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए, इसके अलावा विभागाध्यक्ष अथवा अधिष्ठाता के रूप में न्यूनतम दो वर्ष का अनुभव, 60 वर्ष से कम आयु तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान भी जरूरी होगा। संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि निदेशक, डिप्टी निदेशक और बीओजी चेयरपर्सन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियमित नियुक्तियां कब तक हो पाती हैं।
आत्महत्या मामलों और प्रशासनिक उथल-पुथल से भी चर्चा में रहा एनआईटी
पिछले कुछ महीनों में एनआईटी कुरुक्षेत्र कई कारणों से लगातार चर्चा में रहा है। संस्थान में छात्रों की आत्महत्या के कई मामलों ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इन घटनाओं के बाद छात्रों ने आंदोलन किया और संस्थान के माहौल, छात्र कल्याण व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।आत्महत्या की घटनाओं के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों ने भी संस्थान का दौरा कर हालात का जायजा लिया था। इसी दौरान तत्कालीन निदेशक प्रो. बी.वी. रमन्ना रेड्डी का कार्यकाल भी विवादों में रहा और बाद में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया, इसके बाद से संस्थान में नियमित निदेशक की नियुक्ति नहीं हो पाई है और कार्यवाहक व्यवस्था के सहारे प्रशासनिक कामकाज चल रहा है। अब निदेशक, डिप्टी डायरेक्टर और बीओजी चेयरपर्सन जैसे महत्वपूर्ण पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि संस्थान में लंबे समय से चल रही प्रशासनिक अनिश्चितता समाप्त होगी और शैक्षणिक माहौल को नई दिशा मिलेगी।
प्रमुख पात्रता शर्तें
- प्रोफेसर पद पर कम से कम पांच वर्ष का अनुभव
- विभागाध्यक्ष या अधिष्ठाता के रूप में दो वर्ष का अनुभव
- आवेदन के समय आयु 60 वर्ष से कम
- शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं विस्तार गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान
- आवेदन की अंतिम तिथि : 3 जुलाई
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अब एनआईटी प्रशासन की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार संस्थान में कार्यरत प्रोफेसरों से डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि तीन जुलाई निर्धारित की गई है। चयनित अधिकारी को संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
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एनआईटी के पूर्व निदेशक प्रो. बी.वी. रमन्ना रेड्डी ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। उस दौरान उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ मामलों की जांच भी चर्चा में रही थी, उनके इस्तीफे के बाद से वरिष्ठ प्रोफेसर ब्रह्मजीत कार्यवाहक निदेशक के रूप में संस्थान का कामकाज संभाल रहे हैं।
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इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से कुछ समय पहले नियमित निदेशक की नियुक्ति के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। अब डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए भी अधिसूचना जारी होने के बाद माना जा रहा है कि संस्थान के प्रशासनिक ढांचे को स्थायी रूप देने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जारी विज्ञापन के अनुसार डिप्टी डायरेक्टर पद के लिए उम्मीदवार का प्रोफेसर के रूप में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए, इसके अलावा विभागाध्यक्ष अथवा अधिष्ठाता के रूप में न्यूनतम दो वर्ष का अनुभव, 60 वर्ष से कम आयु तथा शैक्षणिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान भी जरूरी होगा। संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि निदेशक, डिप्टी निदेशक और बीओजी चेयरपर्सन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियमित नियुक्तियां कब तक हो पाती हैं।
आत्महत्या मामलों और प्रशासनिक उथल-पुथल से भी चर्चा में रहा एनआईटी
पिछले कुछ महीनों में एनआईटी कुरुक्षेत्र कई कारणों से लगातार चर्चा में रहा है। संस्थान में छात्रों की आत्महत्या के कई मामलों ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इन घटनाओं के बाद छात्रों ने आंदोलन किया और संस्थान के माहौल, छात्र कल्याण व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।आत्महत्या की घटनाओं के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों ने भी संस्थान का दौरा कर हालात का जायजा लिया था। इसी दौरान तत्कालीन निदेशक प्रो. बी.वी. रमन्ना रेड्डी का कार्यकाल भी विवादों में रहा और बाद में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया, इसके बाद से संस्थान में नियमित निदेशक की नियुक्ति नहीं हो पाई है और कार्यवाहक व्यवस्था के सहारे प्रशासनिक कामकाज चल रहा है। अब निदेशक, डिप्टी डायरेक्टर और बीओजी चेयरपर्सन जैसे महत्वपूर्ण पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद जताई जा रही है कि संस्थान में लंबे समय से चल रही प्रशासनिक अनिश्चितता समाप्त होगी और शैक्षणिक माहौल को नई दिशा मिलेगी।
प्रमुख पात्रता शर्तें
- प्रोफेसर पद पर कम से कम पांच वर्ष का अनुभव
- विभागाध्यक्ष या अधिष्ठाता के रूप में दो वर्ष का अनुभव
- आवेदन के समय आयु 60 वर्ष से कम
- शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं विस्तार गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान
- आवेदन की अंतिम तिथि : 3 जुलाई