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वैज्ञानिक आज करेंगे प्राकृतिक खेती पर चर्चा
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अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त मुकुल कुमार। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में मंगलवार को आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय कृषि कार्यशाला में वैज्ञानिक किसानों से प्राकृतिक खेती के मूलभूत सिद्धांतों पर चर्चा करेंगे। वहीं कार्यशाला में अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें कृषि उत्पादों से संबंधित 14 स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इनमें से सात स्टॉल प्रगतिशील किसानों के होंगे।
अमृत महोत्सव को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की एक सौगात देने जा रही है, जिसके माध्यम से समाज के लोगों को जहर युक्त खाद्य पदार्थों से छुटकारा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यशाला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उपायुक्त मुकुल कुमार ने सोमवार को कार्यशाला की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। ार्यशाला सुबह 10 बजे से लेकर सायं 5 बजे तक चलेगी।
पहले सत्र में नीति आयोग नई दिल्ली की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल प्राकृतिक खेती की रीतियां एवं रणनीतियों पर चर्चा करेंगी। साथ ही प्रगतिशील किसान राजकुमार प्राकृतिक खेती पर कृषि अनुभव, सेवानिवृत वैज्ञानिक इंचार्ज प्रतिरक्षा विज्ञान लुवास हिसार डॉ. जगबीर रावत भी प्राकृतिक खेती के अनुभवों को साझा करेंगे। प्रगतिशील किसान फुल कुमार, रणजीत सिंह प्राकृतिक खेती पर खेत प्रथाएं व खेत अनुभव को विस्तार से किसानों के समक्ष रखेंगे। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बलजीत सहारन प्राकृतिक खेती अवधारणा में सूक्ष्म जीवों की भूमिका और हिमाचल प्रदेश से प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक डॉ. राजेश्वर सिंह भी प्राकृतिक खेती पर चर्चा करेंगे।
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दूसरे सत्र में प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस सत्र में हिसार कृषि विश्वविद्यालय सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. हरिओम प्राकृतिक खेती के मूलभूत सिद्धांत, कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डॉ. वीआर कंबोज प्राकृतिक खेती की पहल एवं कार्य योजना, करनाल एमएचयू के कुलपति डॉ. संवर सिंह बागवानी में प्राकृतिक खेती, लुवास हिसार से कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा प्राकृतिक खेती में देसी गाय का योगदान तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा भी अपने अनुभवों को साझा करेंगे।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में मंगलवार को आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय कृषि कार्यशाला में वैज्ञानिक किसानों से प्राकृतिक खेती के मूलभूत सिद्धांतों पर चर्चा करेंगे। वहीं कार्यशाला में अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें कृषि उत्पादों से संबंधित 14 स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इनमें से सात स्टॉल प्रगतिशील किसानों के होंगे।
अमृत महोत्सव को लेकर आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती की एक सौगात देने जा रही है, जिसके माध्यम से समाज के लोगों को जहर युक्त खाद्य पदार्थों से छुटकारा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यशाला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उपायुक्त मुकुल कुमार ने सोमवार को कार्यशाला की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। ार्यशाला सुबह 10 बजे से लेकर सायं 5 बजे तक चलेगी।
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पहले सत्र में नीति आयोग नई दिल्ली की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल प्राकृतिक खेती की रीतियां एवं रणनीतियों पर चर्चा करेंगी। साथ ही प्रगतिशील किसान राजकुमार प्राकृतिक खेती पर कृषि अनुभव, सेवानिवृत वैज्ञानिक इंचार्ज प्रतिरक्षा विज्ञान लुवास हिसार डॉ. जगबीर रावत भी प्राकृतिक खेती के अनुभवों को साझा करेंगे। प्रगतिशील किसान फुल कुमार, रणजीत सिंह प्राकृतिक खेती पर खेत प्रथाएं व खेत अनुभव को विस्तार से किसानों के समक्ष रखेंगे। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बलजीत सहारन प्राकृतिक खेती अवधारणा में सूक्ष्म जीवों की भूमिका और हिमाचल प्रदेश से प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के कार्यकारी निदेशक डॉ. राजेश्वर सिंह भी प्राकृतिक खेती पर चर्चा करेंगे।
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दूसरे सत्र में प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांतों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस सत्र में हिसार कृषि विश्वविद्यालय सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. हरिओम प्राकृतिक खेती के मूलभूत सिद्धांत, कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति डॉ. वीआर कंबोज प्राकृतिक खेती की पहल एवं कार्य योजना, करनाल एमएचयू के कुलपति डॉ. संवर सिंह बागवानी में प्राकृतिक खेती, लुवास हिसार से कुलपति डॉ. विनोद कुमार वर्मा प्राकृतिक खेती में देसी गाय का योगदान तथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा भी अपने अनुभवों को साझा करेंगे।