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Kurukshetra News: स्कूली बच्चों ने दिखाई चित्रकला कौशलता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत किए रंगारंग कार्यक्रम
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पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेते बच्चे। सं
पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में पहुंचने वाले लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। महोत्सव के चौथे दिन सरस्वती तट पर विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इससे पहले स्कूलों के विद्यार्थियों की एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई।
अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के चौथे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि ने किया। मुख्य मंच पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। डीएवी काॅलेज पिहोवा, सीडी पब्लिक स्कूल, कैम्ब्रिज वर्ल्ड स्कूल, अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल, हैडवे, गीता मॉडल स्कूल, एमएस स्कूल द्वारा हरियाणवी सोलो डांस, गीता मॉडल स्कूल द्वारा गिद्दा की प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात राजस्थानी कलाकार बसंत और उनके साथी कलाकारों ने राजस्थान की संस्कृति को दर्शाते हुए कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर उन्होंने फॉक डांस, कठपुतली और पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। सरस्वती महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को मां सरस्वती की प्रतिमा तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
स्वादिष्ट व्यंजनों का पर्यटक उठा रहे लुत्फ
महोत्सव में पर्यटक विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। इसके साथ ही संगीत एवं सरस मेले द्वारा लोगों का मनोरंजन किया जा रहा है। महोत्सव में बने सेल्फी प्वाइंट पर लोग अपनी फोटो खिंचवा रहे और हरियाणवी स्टाइल की पगड़ी बंधवा रहे हैं। यहां आए हुए लोग इस महोत्सव की कई यादें अपने साथ ले जा रहे हैं।
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महिला विकास की तरफ से लगाई गई स्टॉल
महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाया गया स्टॉल नारी सशक्तीकरण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उठाएं गए सार्थक कदमों के बारे में दी जा रही है। महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी लगाई गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि महोत्सव मेंं जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चे के जीवन को बचाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल किया जा सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर के साथ-साथ सरकार की हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है। इन नंबरों पर सूचना मिलने के तुरंत बाद नवजात बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत बनाएं गए केंद्रों में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार ऐसे नवजात बच्चों के अभिभावक अपने नवजात बच्चों को जिले में शिशु पालन स्वागत केंद्र में रख सकते है। यहां पर जिला बाल संरक्षण यूनिट या बाल कल्याण समिति के द्वारा अपने संरक्षण में लेकर नवजात बच्चों को आगे गोद प्रक्रिया में डाल सकते है।
तीर्थ पर शिल्प और भारतीय संस्कृति के हो रहे दर्शन
महोत्सव की जहां भारत ही नहीं विश्व के विभिन्न देशों में जोरदार प्रशंसा की जा रही है, वहीं इस ऐतिहासिक महोत्सव के सरस मेले में देश के कोने-कोने से आए शिल्पकार तथा विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकार भी गदगद नजर आए। इसके साथ-साथ पर्यटक महोत्सव के सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी जमकर आनंद उठा रहे है। इन पर्यटकों ने जहां जमकर खरीदारी की, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी खूब लुत्फ उठाया। इतना ही नहीं पर्यटक जहां विभिन्न तरह के व्यंजनों के स्वाद को चख रहे हैं, वहीं मेले में लगे झूलों व अन्य मनोरंजन के साधनों का भी खूब आनंद उठा रहे है। मेले में तीर्थ पर शिल्प व भारतीय संस्कृति के एक साथ दर्शन हो रहे हैं, जिसके चलते सरस्वती तट शिल्पकला व संस्कृति का संगम बना हुआ है।
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अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के चौथे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ नगरपालिका चेयरमैन आशीष चक्रपाणि ने किया। मुख्य मंच पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। डीएवी काॅलेज पिहोवा, सीडी पब्लिक स्कूल, कैम्ब्रिज वर्ल्ड स्कूल, अक्षरा इंटरनेशनल स्कूल, हैडवे, गीता मॉडल स्कूल, एमएस स्कूल द्वारा हरियाणवी सोलो डांस, गीता मॉडल स्कूल द्वारा गिद्दा की प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात राजस्थानी कलाकार बसंत और उनके साथी कलाकारों ने राजस्थान की संस्कृति को दर्शाते हुए कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर उन्होंने फॉक डांस, कठपुतली और पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। सरस्वती महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को मां सरस्वती की प्रतिमा तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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स्वादिष्ट व्यंजनों का पर्यटक उठा रहे लुत्फ
महोत्सव में पर्यटक विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। इसके साथ ही संगीत एवं सरस मेले द्वारा लोगों का मनोरंजन किया जा रहा है। महोत्सव में बने सेल्फी प्वाइंट पर लोग अपनी फोटो खिंचवा रहे और हरियाणवी स्टाइल की पगड़ी बंधवा रहे हैं। यहां आए हुए लोग इस महोत्सव की कई यादें अपने साथ ले जा रहे हैं।
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महिला विकास की तरफ से लगाई गई स्टॉल
महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाया गया स्टॉल नारी सशक्तीकरण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा उठाएं गए सार्थक कदमों के बारे में दी जा रही है। महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी लगाई गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि महोत्सव मेंं जिला महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि नवजात बच्चे के जीवन को बचाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर डायल किया जा सकता है। इस हेल्पलाइन नंबर के साथ-साथ सरकार की हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है। इन नंबरों पर सूचना मिलने के तुरंत बाद नवजात बच्चों को मिशन वात्सल्य के तहत बनाएं गए केंद्रों में भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के आदेशानुसार ऐसे नवजात बच्चों के अभिभावक अपने नवजात बच्चों को जिले में शिशु पालन स्वागत केंद्र में रख सकते है। यहां पर जिला बाल संरक्षण यूनिट या बाल कल्याण समिति के द्वारा अपने संरक्षण में लेकर नवजात बच्चों को आगे गोद प्रक्रिया में डाल सकते है।
तीर्थ पर शिल्प और भारतीय संस्कृति के हो रहे दर्शन
महोत्सव की जहां भारत ही नहीं विश्व के विभिन्न देशों में जोरदार प्रशंसा की जा रही है, वहीं इस ऐतिहासिक महोत्सव के सरस मेले में देश के कोने-कोने से आए शिल्पकार तथा विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकार भी गदगद नजर आए। इसके साथ-साथ पर्यटक महोत्सव के सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी जमकर आनंद उठा रहे है। इन पर्यटकों ने जहां जमकर खरीदारी की, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी खूब लुत्फ उठाया। इतना ही नहीं पर्यटक जहां विभिन्न तरह के व्यंजनों के स्वाद को चख रहे हैं, वहीं मेले में लगे झूलों व अन्य मनोरंजन के साधनों का भी खूब आनंद उठा रहे है। मेले में तीर्थ पर शिल्प व भारतीय संस्कृति के एक साथ दर्शन हो रहे हैं, जिसके चलते सरस्वती तट शिल्पकला व संस्कृति का संगम बना हुआ है।

पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेते बच्चे। सं

पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेते बच्चे। सं

पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेते बच्चे। सं