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सरस्वती जन्मोत्सव मनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर : मनोहर

Sat, 13 Feb 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला, ब्ययूराो
अमर उजाला, ब्ययूराो Updated Sat, 13 Feb 2016 12:23 AM IST
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saraswati birth festival become a international festival in 2080 : manohar

 इसके माध्यम से सरस्वती नदी के तट पर स्थित सभी तीर्थ स्थलों, मार्गों, कुरुक्षेत्र के 48 कोस के 134 तीर्थ और पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने कुरुक्षेत्र के पर्यटन और तीर्थ स्थलों को श्रीकृष्णा सर्किट के तहत विकसित करने के लिए 120 करोड़ का अनुदान दिया है।

सीएम शुक्रवार को देर शाम सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की ओर से सरस्वती तीर्थ पार्क स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय सरस्वती महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती ने पिहोवा के सरस्वती तीर्थ को विकसित करने, सरस्वती श्राइन बोर्ड गठित करने, सरस्वती तीर्थ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और श्रीकृष्णा सर्किट में शामिल करने, पिहोवा के 105 गांवों को विकसित करने, पिहोवा के पश्चिम क्षेत्र में गलेडवा की तरफ आठ किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने, स्योंसर में 11 हजार एकड़ जंगल को विकसित करने, भाई उदय सिंह की 300 साल पुरानी हवेली को हेरीटेज का दर्जा देने, भेरियां राजकीय कॉलेज में विज्ञान की शाखा शुरू करने, बिल्डिंग का नवनिर्माण करने, नपा की जमीन पर हर्बल और शहीद पार्क बनाने आदि मांगों को रखा। इन पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया की भौर सैंयदा, सारसा और कॉलेज के अलावा अन्य मांगों को विभागीय स्तर पर जांचने के बाद पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सरस्वती के प्रंबधकों को 5 करोड़ रुपये अनुदान देने की भी घोषणा की।  हैं।

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‘कुछ बात है कि मिटती नहीं हस्ती हमारीÓ

âीमए ने सरस्वती महोत्सव पर कहा कि किसी भी देश की सभ्यता, संस्कृति को चिरकाल तक तभी जिंदा रखा जा सकता है, जब उस देश की संस्कृति और संस्कारों को याद रखा जाता हैं। इसलिए इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में लिखा हैं कि ‘कुछ तो बात है कि मिटती नहीं हस्ती मिटती हमारीÓÐ ØãUè वजह है कि आज पूरी दुनिया हिंदुस्तान से संस्कृति और संस्कार ग्रहण कर रही है। कुरुक्षेत्र के 48 कोस में भगवान श्रीकृष्ण के गीता उपदेश, महाभारत और वेदों, पुराणों की रचना की गई। इस क्षेत्र को विकसित करने का संकल्प सरकार ने लिया है। इसलिए सरकार ने इस वर्ष प्रत्येक जिले में गीता जयंती महोत्सव मनाया  है। वर्ष 2016 में गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाएगा। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिला परिषद और सरपंच के झूठे प्रमाण पत्र से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई हैं। यदि कोई शिकायत मिली, तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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सरस्वती दिव्यता और ज्ञान की जननी : स्वामी ज्ञानानंद 

गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि सरस्वती भारत की दिव्यता और ज्ञान की जननी है। किसी देश में जब ज्ञान लुप्त होता है, तो नैतिक मूल्यों भी गिरावट आती है। इसलिए सरकार ने ज्ञान की देवी सरस्वती नदी को फिर से प्रवाहित करने की योजना तैयार की है। आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि सरस्वती जन्मोत्सव और वसंत महोत्सव पवित्र दिन है। इस दिन हजारों वर्ष पुरानी सरस्वती वाणी, संगीत, ज्ञान और संस्कृति की देवी को याद किया जाता है। पिहोवा की इस पवित्र धरा पर सरस्वती हजारों सालों से विराजमान हैं। पवित्र नदी को बचाने के लिए सरस्वती हेरीटेज विकास बोर्ड का गठन किया है और सरस्वती जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन प्रशांत भारद्वाज ने सरस्वती नदी के इतिहास और सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। 

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सीएम ने की मां सरस्वती मंदिर में पूजा 

सीएम मनोहर लाल ने सरस्वती तीर्थ पर मां अन्नपूर्णा भंडारा समिति द्वारा निर्मित भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने मां सरस्वती मंदिर में पूजा की। इसके साथ ही सीएम मनोहर लाल, आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, सांसद राजकुमार सैनी, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भारत भूषण भारती, सीपीएस श्याम सिंह राणा, विधायक सुभाष सुधा, विधायक डॉ. पवन सैनी आदि ने वन विभाग और सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद सरस्वती पार्क में पौधारोपण किया गया।

नहीं पहुंची केंद्रीय मंत्री 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती को भी आना था। लेकिन, सुबह ही उनके न पहुंचने की सूचना पिहोवा प्रशासन के पास पहुंच गई थी। 


जाट नेताओं को देखकर पुलिस हुई अलर्ट 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल के पिहोवा पहुंचने के दौरान किसी भी तरह के हंगामे की आशंका को देखे हुए पुलिस अलर्ट रही। बताया जा रहा है कि इसी दौरान कुछ जाट नेता दिखाई दे गए। इसकी जानकारी होते ही पुलिस और सुरक्षा कर्मचारी सतर्क हो गए। 


ये रहे मौजूद 

विधायक कुलवंत बाजीगर, सीएम के ओएसडी अमरेंद्र सिंह, राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा, आईएएस अधिकारी अमित झा, बोर्ड के सीईओ विजेंद्र, एडीसी प्रभजोत सिंह, पूर्व मंत्री बलबीर सैनी, पूर्व मंत्री एमएल रंगा, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर, युद्धिष्ठर बहल, रोशन लाल गर्ग, सुशांत भारती, महंत बंसी पुरी, महंत स्वामी उत्तम गिरी, रविंद्र सांगवान, गुरदयाल  सन्हेड़ी, हरपाल सिंह, संजीव शास्त्री, रामधारी शर्मा, मदन लाल दुआ, धुम्मन सिंह किरमच, सचिन मित्तल, गुरनाम मलिक, रवि भूषण गर्ग, श्याम लाल जांगड़ा, सुरेंद्र माजरी, अमरजीत कैंथल आदि।

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