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Kurukshetra News: लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ ग्रामीण चौकीदारों का धरना, सरकार से वार्ता 7 को

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 01:41 AM IST
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Rural watchmen call off sit-in after written assurance; talks with government on the 7th.
कुरुक्षेत्र। सीएम कैंप कार्यालय के बाहर धरना देते प्रदेशभर के चौकीदार। स्वयं
कुरुक्षेत्र। लंबित मांगों के समर्थन में रविवार को प्रदेश से आए सैकड़ों ग्रामीण चौकीदारों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के बाहर धरना दिया। करीब सात घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से 7 जुलाई को ओएसडी के साथ वार्ता का लिखित आश्वासन मिलने पर ही चौकीदारों ने अपना धरना खत्म किया। एलान किया कि अगर बातचीत में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 18 और 19 जुलाई को राज्य स्तरीय बैठक कर अगले आंदोलन की घोषणा की जाएगी। प्रदर्शन में चौकीदारों ने कुशल श्रेणी के अनुसार न्यूनतम वेतन, कर्मचारी का दर्जा, ईएसआई, ईपीएफ, रिटायरमेंट लाभ बढ़ाने और एक्सग्रेशिया नीति लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा (सीटू) के राज्य प्रधान मदन कालरा ने बताया कि चौकीदारों के द्वारा पिछले तीन वर्षों में महंगाई लगातार बढ़ी है लेकिन ग्रामीण चौकीदारों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वर्ष 2025 से प्रस्तावित 2031 रुपये मासिक बढ़ोतरी की फाइल भी अब तक लंबित है, जबकि प्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत की वृद्धि लागू हो चुकी है। उनका कहना था कि चौकीदार वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है और उन्हें 24 घंटे ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहना पड़ता है। कई मामलों में उन पर गवाह बनने का भी दबाव बनाया जाता है। चौकीदार वर्ग ने साफ कहा कि अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो आने वाले समय में कोई बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है।
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10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन में शामिल होने का आह्वान

प्रदर्शन के दौरान सीटू और ग्रामीण चौकीदार सभा के नेताओं ने कहा कि अगर हमारी वार्ता विफल रहती है को 10 अगस्त को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेना होगा। सभा के नेताओं ने आह्वान किया कि यदि कर्मचारियों और मजदूरों की मांगों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
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इन मांगों पर अड़े हैं ग्रामीण चौकीदार

- कर्मचारी का दर्जा देकर सेवा नियम लागू किए जाएं।
- कुशल श्रेणी का न्यूनतम वेतन दिया जाए।
- न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
- ईएसआई और ईपीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- रिटायरमेंट राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाए।
- बीमारी से मृत्यु पर 10 लाख और दुर्घटना में मौत पर 50 लाख रुपये का मुआवजा मिले तथा आश्रित को नौकरी दी जाए।
- प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- खाली पदों पर भर्ती कर 1000 की आबादी के हिसाब से नए पद सृजित किए जाएं।
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