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Kurukshetra News: गेहूं खरीद का 400 करोड़ रुपये का कमीशन अटका, आढ़तियों में रोष
Sat, 19 Jul 2025 02:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 19 Jul 2025 02:45 AM IST
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कुरुक्षेत्र। सरकार की ओर से गेहूं खरीद का लगभग 400 करोड़ रुपये का आढ़तियों का कमीशन अटका हुआ है। गेहूं खरीदे के साढ़े तीन महीने बाद भी सरकार ने अभी तक व्यापारियों की आढ़त नहीं दी है, जो गलत है। इससे आढ़तियों में रोष है। सरकार ने वादा किया था कि गेहूं खरीद का भुगतान व कमीशन 72 घंटे में किया जाएगा और लेट होने पर उसका ब्याज दिया जाएगा। सरकार को अपने वादे के अनुसार आढ़तियों की यह कमीशन राशि ब्याज सहित तुरंत देनी चाहिए। विचार हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कान्फेड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि धान के सीजन में किसान व आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। हर साल धान खरीद में करोड़ों रुपये का घोटाला हो रहा है, इस पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए। सरकार को धान खरीद, उठान व भुगतान के प्रबंध पहले ही करने चाहिए। किसान की पूरी धान एमएसपी पर खरीदी जाएं ताकि किसान व आढ़तियों को हर साल धान खरीदने व बेचने में जो दिक्कतें आ रही है, उसे राहत मिल सके।
गर्ग ने कहा कि देश व प्रदेश में व्यापारी व किसानों का पीढ़ी दर पीढ़ी चोली दामन का साथ है जो पहले भी था आज भी है और आगे भी रहेगा। किसान देश का अन्नदाता है जो देश के 140 करोड़ जनता का पेट भरता है। व्यापारी देश की रीड की हड्डी है जो देश के विकास व तरक्की में अपनी अहम भूमिका निभाता है। दोनों ही वर्ग सरकार के सहयोगी है। संवाद
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उन्होंने कहा कि धान के सीजन में किसान व आढ़तियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। हर साल धान खरीद में करोड़ों रुपये का घोटाला हो रहा है, इस पर सरकार को अंकुश लगाना चाहिए। सरकार को धान खरीद, उठान व भुगतान के प्रबंध पहले ही करने चाहिए। किसान की पूरी धान एमएसपी पर खरीदी जाएं ताकि किसान व आढ़तियों को हर साल धान खरीदने व बेचने में जो दिक्कतें आ रही है, उसे राहत मिल सके।
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गर्ग ने कहा कि देश व प्रदेश में व्यापारी व किसानों का पीढ़ी दर पीढ़ी चोली दामन का साथ है जो पहले भी था आज भी है और आगे भी रहेगा। किसान देश का अन्नदाता है जो देश के 140 करोड़ जनता का पेट भरता है। व्यापारी देश की रीड की हड्डी है जो देश के विकास व तरक्की में अपनी अहम भूमिका निभाता है। दोनों ही वर्ग सरकार के सहयोगी है। संवाद
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