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Kurukshetra News: रोडवेज यूनियन हर साल पांच सितंबर को मनाएगी संघर्ष दिवस
Sat, 06 Sep 2025 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:16 AM IST
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कुरक्षेत्र। बैठक में हिस्सा लेते कर्मचारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन 1947 की राज्य कमेटी की बैठक शुक्रवार कुरुक्षेत्र डिपो कमेटी कार्यालय में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पांच सितंबर को हर साल संघर्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पांच सितंबर 2018 की हड़ताल को याद किया गया। हरि नारायण शर्मा ने कहा कि यूनियन हमेशा ईमानदारी से काम करने और कर्मचारियों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि परिवहन मंत्री अनिल विज ने कुछ समय पहले स्वीकार किया था कि परिवहन समिति की बसें रोडवेज को नुकसान पहुंचा रही हैं और टाइम टेबल की जांच की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, निजी बस संचालकों पर छात्राओं और बुजुर्गों से बदसलूकी, अधिक किराया वसूलने और रोडवेज बसों को परेशान करने के आरोप लगाए गए। यूनियन का कहना है कि आरटीओ विभाग की मिलीभगत से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
यूनियन ने कर्मचारियों की कई समस्याओं को बैठक में उठाया। वित्त विभाग ने सी श्रेणी कर्मचारियों का धुलाई भत्ता बंद कर दिया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। रोडवेज कर्मचारियों से 12 से 13 घंटे तक काम लिया जा रहा है लेकिन ओवर टाइम नहीं दिया जा रहा। अर्जित अवकाश 33 से घटाकर 18 कर दिए गए हैं, जबकि सीएसआर नियम लागू नहीं किए जा रहे। यूनियन ने सरकार की उस अधिसूचना का भी विरोध किया जिसमें 362 मार्गों पर 3658 निजी बसें चलाने की बात कही गई है।
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नेताओं का कहना था कि 2016 में भी सरकार ने निजी नीति लाई थी, लेकिन उसमें दी गई शर्तें जैसे छात्रों के फ्री पास और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधा किराया, निजी बसें मान्य नहीं कर रहीं। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अनुशासन समिति अध्यक्ष हरि नारायण शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष माया राम उनियाल ने की, जबकि संचालन प्रदेश महासचिव बलदेव सिंह मामू माजरा ने किया। बैठक में प्रदेश प्रेस प्रवक्ता रंजीत करोड़ा, प्रदेश उप महासचिव जोगिंद्र दुल, प्रदेश सचिव सतवीर यादव, राज्य उपप्रधान प्रभजोत सिंह, डिपो प्रधान नरेंद्र पांचाल सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इलेक्ट्रिक बसों पर सवाल
सरकार द्वारा 62 रुपये प्रति किलोमीटर किराए पर इलेक्ट्रिक बसें लेने के फैसले को भी यूनियन ने गलत बताया। यूनियन का कहना है कि यह आम जनता और रोडवेज विभाग के साथ विश्वासघात है। इसके बजाय सरकार को विभाग में अपनी बसें बढ़ानी चाहिए।
बैठक में तय किया गया कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की तो यूनियन जल्द ही राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी।
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कुरुक्षेत्र। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन 1947 की राज्य कमेटी की बैठक शुक्रवार कुरुक्षेत्र डिपो कमेटी कार्यालय में हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पांच सितंबर को हर साल संघर्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पांच सितंबर 2018 की हड़ताल को याद किया गया। हरि नारायण शर्मा ने कहा कि यूनियन हमेशा ईमानदारी से काम करने और कर्मचारियों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि परिवहन मंत्री अनिल विज ने कुछ समय पहले स्वीकार किया था कि परिवहन समिति की बसें रोडवेज को नुकसान पहुंचा रही हैं और टाइम टेबल की जांच की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, निजी बस संचालकों पर छात्राओं और बुजुर्गों से बदसलूकी, अधिक किराया वसूलने और रोडवेज बसों को परेशान करने के आरोप लगाए गए। यूनियन का कहना है कि आरटीओ विभाग की मिलीभगत से इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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यूनियन ने कर्मचारियों की कई समस्याओं को बैठक में उठाया। वित्त विभाग ने सी श्रेणी कर्मचारियों का धुलाई भत्ता बंद कर दिया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। रोडवेज कर्मचारियों से 12 से 13 घंटे तक काम लिया जा रहा है लेकिन ओवर टाइम नहीं दिया जा रहा। अर्जित अवकाश 33 से घटाकर 18 कर दिए गए हैं, जबकि सीएसआर नियम लागू नहीं किए जा रहे। यूनियन ने सरकार की उस अधिसूचना का भी विरोध किया जिसमें 362 मार्गों पर 3658 निजी बसें चलाने की बात कही गई है।
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नेताओं का कहना था कि 2016 में भी सरकार ने निजी नीति लाई थी, लेकिन उसमें दी गई शर्तें जैसे छात्रों के फ्री पास और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आधा किराया, निजी बसें मान्य नहीं कर रहीं। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अनुशासन समिति अध्यक्ष हरि नारायण शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष माया राम उनियाल ने की, जबकि संचालन प्रदेश महासचिव बलदेव सिंह मामू माजरा ने किया। बैठक में प्रदेश प्रेस प्रवक्ता रंजीत करोड़ा, प्रदेश उप महासचिव जोगिंद्र दुल, प्रदेश सचिव सतवीर यादव, राज्य उपप्रधान प्रभजोत सिंह, डिपो प्रधान नरेंद्र पांचाल सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
इलेक्ट्रिक बसों पर सवाल
सरकार द्वारा 62 रुपये प्रति किलोमीटर किराए पर इलेक्ट्रिक बसें लेने के फैसले को भी यूनियन ने गलत बताया। यूनियन का कहना है कि यह आम जनता और रोडवेज विभाग के साथ विश्वासघात है। इसके बजाय सरकार को विभाग में अपनी बसें बढ़ानी चाहिए।
बैठक में तय किया गया कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की तो यूनियन जल्द ही राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर बड़े आंदोलन की घोषणा करेगी।