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Kurukshetra News: कर्मियों की कमी से जूझ रहा रोडवेज विभाग
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कुरुक्षेत्र। पबनानवा बस अड्डे के समीप खराब हुई रोडवेज बस, जहां करीब आधा घंटा तक छात्र-छात्राओं
कुरुक्षेत्र। रोडवेज विभाग में कर्मियों की कमी है। यही कारण है कि सर्विस के अभाव में बसों के पहिए बीच सड़क पर थम रहे हैं। जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं रोडवेज कर्मी भी दिक्कत झेलने को मजबूर बने हुए हैं।
कर्मचारी नेताओं की माने तो पिछले करीब दो दशक से विभाग में एक भी रेगुलर भर्ती नहीं हुई। 1993 में कर्मचारियों की विभाग में भर्ती हुई थी। वहीं हर साल पांच से छह कर्मचारी सेवानिवृत हो रहे हैं।
कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यशाला में बसों की समय पर सर्विस तक नहीं हो पा रही। विभाग बसों की मैंटीनेंस नहीं कर पा रहा, जिस वजह से रूटों पर रोजाना बसों के पहिए थम रहे हैं। कर्मचारियों के अभाव में कार्यशाला में काम करना परेशानी बना है। कार्यशाला में सर्विस करने के लिए मैकेनिक ही नहीं हैं। कार्यशाला में रोजाना आठ से 10 बसें खराब खड़ी रहती हैं वहीं दो से तीन बसें सर्विस के लिए कार्यशाला में पहुंचती है।
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229 में से 124 पद खाली : रोडवेज कार्यशाला में कर्मचारियों की काफी कमी है। कार्यशाला में हेल्पर, टायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, असिस्टेंट मैकेनिक व अन्य कई कैटेगरी के 229 पद है। जिनमें से 124 पद खाली पड़े है। करीब 105 पदों पर ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। कर्मचारियों के अभाव में कार्यशाला में काम करना कर्मचारियों के लिए परेशानी बना है।
बता दें कि डिपों में स्किल्ड स्टाफ के 105 पदों में से 45 पद, सैमी स्किल्ड के 53 में से 51 पद, यू एन स्किल्ड के 60 में से 23 पद व सुपरवाइजर स्टाफ के 11 में से 3 पद खाली पड़े हैं।
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कर्मचारी नेताओं की माने तो पिछले करीब दो दशक से विभाग में एक भी रेगुलर भर्ती नहीं हुई। 1993 में कर्मचारियों की विभाग में भर्ती हुई थी। वहीं हर साल पांच से छह कर्मचारी सेवानिवृत हो रहे हैं।
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कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यशाला में बसों की समय पर सर्विस तक नहीं हो पा रही। विभाग बसों की मैंटीनेंस नहीं कर पा रहा, जिस वजह से रूटों पर रोजाना बसों के पहिए थम रहे हैं। कर्मचारियों के अभाव में कार्यशाला में काम करना परेशानी बना है। कार्यशाला में सर्विस करने के लिए मैकेनिक ही नहीं हैं। कार्यशाला में रोजाना आठ से 10 बसें खराब खड़ी रहती हैं वहीं दो से तीन बसें सर्विस के लिए कार्यशाला में पहुंचती है।
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229 में से 124 पद खाली : रोडवेज कार्यशाला में कर्मचारियों की काफी कमी है। कार्यशाला में हेल्पर, टायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, असिस्टेंट मैकेनिक व अन्य कई कैटेगरी के 229 पद है। जिनमें से 124 पद खाली पड़े है। करीब 105 पदों पर ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। कर्मचारियों के अभाव में कार्यशाला में काम करना कर्मचारियों के लिए परेशानी बना है।
बता दें कि डिपों में स्किल्ड स्टाफ के 105 पदों में से 45 पद, सैमी स्किल्ड के 53 में से 51 पद, यू एन स्किल्ड के 60 में से 23 पद व सुपरवाइजर स्टाफ के 11 में से 3 पद खाली पड़े हैं।