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Kurukshetra News: बारिश से उधड़ गईं सड़कें, गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे राहगीर
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कुरुक्षेत्र। केडीबी रोड पर सुंदरपुर पुल से पहले ब्रह़मा चौक के समीप पड़े गहरे गड्ढों में राइडर
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी सीएम सिटी बनी तो लोगों की विकास के लिए उम्मीदें भी बढ़ने लगीं। वहीं जिला प्रशासन से लेकर प्रदेश सरकार तक धर्मनगरी को पर्यटन नगरी बनाए जाने के दावे करने लगी तो ये उम्मीदें और मजबूत हुई लेकिन हकीकत आज भी कोसों दूर दिखाई दे रही है। शहर की गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों पर राहगीरों की न केवल राह मुश्किल भरी हो रही है बल्कि उनकी जिंदगी भी दांव पर लग रही है।
हालात ये हैं कि शहर के वीआईपी कहे जाने वाले केडीबी रोड पर भी राहगीरों का सफर सुरक्षित नहीं है। भले ही इस रोड पर पुलिस अक्सर चालान करती है लेकिन इसमें पड़े गहरे गड्ढों की ओर झांकने वाला कोई नहीं है। बारिश के सीजन में ये गड्ढे और भी गहरे होते जा रहे हैं।
इन गड्ढों के चलते ही मंगलवार को स्कूटी सवार एक बुजुर्ग से लेकर छुट्टी के बाद घर लौट रही स्कूटी सवार दो शिक्षिकाओं की जान आफत में आ गई। अनियंत्रित होकर स्कूटी सहित ये गड्ढों में ही गिर पड़े। यहीं नहीं अगले ही दिन बुधवार को चीता राइडर सवार दो पुलिसकर्मी भी इन गड्ढों का शिकार हो गए। गनीमत रही कि अनियंत्रित होने के बावजूद वे गिरे नहीं और संभल गए।
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एक दिन पहले गिरे बुजुर्ग को पीछे से आ रही थार के चालक ने आपात ब्रेक लगाकर बचाया। आसपास के दुकानदारों की मानें तो पिछले 15 दिन के दौरान ही यहां पर कई हादसे हो चुके हैं। यही हाल पिपली-थर्ड गेट रोड सहित शहर की अधिकतर सड़कों के बने हुए हैं। ये हालात तब हैं जब मुख्यमंत्री नायब सैनी मानसून सीजन से पहले ही 15 जून तक सभी गड्ढे भरने के आदेश दे चुके थे। हर माह सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुरक्षित सफर के दावे किए जाते रहे हैं।
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हालात ये हैं कि शहर के वीआईपी कहे जाने वाले केडीबी रोड पर भी राहगीरों का सफर सुरक्षित नहीं है। भले ही इस रोड पर पुलिस अक्सर चालान करती है लेकिन इसमें पड़े गहरे गड्ढों की ओर झांकने वाला कोई नहीं है। बारिश के सीजन में ये गड्ढे और भी गहरे होते जा रहे हैं।
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इन गड्ढों के चलते ही मंगलवार को स्कूटी सवार एक बुजुर्ग से लेकर छुट्टी के बाद घर लौट रही स्कूटी सवार दो शिक्षिकाओं की जान आफत में आ गई। अनियंत्रित होकर स्कूटी सहित ये गड्ढों में ही गिर पड़े। यहीं नहीं अगले ही दिन बुधवार को चीता राइडर सवार दो पुलिसकर्मी भी इन गड्ढों का शिकार हो गए। गनीमत रही कि अनियंत्रित होने के बावजूद वे गिरे नहीं और संभल गए।
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एक दिन पहले गिरे बुजुर्ग को पीछे से आ रही थार के चालक ने आपात ब्रेक लगाकर बचाया। आसपास के दुकानदारों की मानें तो पिछले 15 दिन के दौरान ही यहां पर कई हादसे हो चुके हैं। यही हाल पिपली-थर्ड गेट रोड सहित शहर की अधिकतर सड़कों के बने हुए हैं। ये हालात तब हैं जब मुख्यमंत्री नायब सैनी मानसून सीजन से पहले ही 15 जून तक सभी गड्ढे भरने के आदेश दे चुके थे। हर माह सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सुरक्षित सफर के दावे किए जाते रहे हैं।

कुरुक्षेत्र। केडीबी रोड पर सुंदरपुर पुल से पहले ब्रह़मा चौक के समीप पड़े गहरे गड्ढों में राइडर

कुरुक्षेत्र। केडीबी रोड पर सुंदरपुर पुल से पहले ब्रह़मा चौक के समीप पड़े गहरे गड्ढों में राइडर

कुरुक्षेत्र। केडीबी रोड पर सुंदरपुर पुल से पहले ब्रह़मा चौक के समीप पड़े गहरे गड्ढों में राइडर