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तीसरी बार फिर शुरू हुआ राइस मिलों का वेरिफिकेशन, पहले दिन 24 टीमों ने 48 राइस मिलों का किया भौतिक सत्यापन
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Rice milars phsycal varification
- फोटो : Kurukshetra
कुरुक्षेत्र। राइस मिलों में धान की खरीद व मिलिंग में घोटाले के शक के आधार पर शनिवार को तीसरी बार जिले के मिलों में स्पेशल फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए 24 टीमें पहुंची। इस बार टीमों के साथ केमरामैन भी मौजूद रहे, जिन्होंने टीम द्वारा पीवी के पल-पल के दृश्य को कैमरे में कैद किया।
वीडियोग्राफर्स की व्यवस्था करने के चलते पीवी का कार्य दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब शुरू हो पाया। पीवी के पहले दिन 24 टीमों ने हर एक सेंटर में जाकर 48 राइस मिलों में धान की फिजिकल वेरिफिकेशन की। पीवी के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ में न होने से राइस मिलर्स का भी टीम को पूरा सहयोग रहा। डीएफएससी नरेंद्र सहरावत ने बताया कि 24 टीमें उपायुक्त की देखरेख में मिलों की जांच कर रही हैं। इसमें हलके के सभी एसडीएम, तहसीलदार, एडीओ, पटवारी, छह एएफएसओ, 24 इंस्पेक्टर व 24 केमरामैन शामिल हैं। सहरावत ने कहा कि मिलों में रखा धान सरकार की अमानत है, जिसे वह जब मरजी चाहे जांचने के लिए आ सकती है। पीवी का मतलब मिलर्स पर शक करना नहीं, बल्कि अपने सामान की देखरेख करना है।
उन्होंने कहा टीम रेंडम मिलों की जांच कर रही है, जिसके चलते तीन दिनों में 238 में से 144 मिलों को जांचा जाएगा। पहले दिन 48 मिलों की जांच की जा चुकी है। वहीं अगले दो दिन 48-48 मिलों की जांच और की जाएगी। हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने बताया कि पुलिस को फिजिकल वेरिफिकेशन की टीम में शामिल न करने के निर्णय के बाद मिलर्स सहयोग के लिए राजी हुुए हैं। मिलर्स सरकार की अमानत को सुरक्षित रखे हुए हैं और जांच अधिकारी को जीरी व चावल दोनों की मात्रा चेक करवाई जा रही है। ज्वैल सिंगला ने बताया कि मिलिंग कांट्रेक्ट में स्पष्ट है कि नवंबर में एक बार फिजिकल वेरिफिकेशन होगी, उसके बाद 15 जनवरी को दोबारा जांच होगी। सिंगला ने कहा कि एसोसिएशन ने सभी मिलर्स को फिजिकल वेरिफिकेशन में पूरा सहयोग करने के दिशा निर्देश दिए हैं।
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अगर कोई जांच के दौरान गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो, एसोसिएशन उसका साथ नहीं देगी। हरियाणा का राइस मिलर ईमानदार है। सिंगला ने बताया कि गत वर्ष भी हमने 99.99 प्रतिशत चावल सरकार को निर्धारित समय में दे दिया था, बाकी का चावल भी देने को तैयार हैं। भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में जगह की कमी के कारण प्रदेशभर के चावल की डिलीवरी सुचारू रूप से नहीं चल रही है। प्रदेश में करीब 64 लाख टन धान की खरीद हुई है और लगभग 15 प्रतिशत चावल भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में दिया जा चुका है।
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वीडियोग्राफर्स की व्यवस्था करने के चलते पीवी का कार्य दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब शुरू हो पाया। पीवी के पहले दिन 24 टीमों ने हर एक सेंटर में जाकर 48 राइस मिलों में धान की फिजिकल वेरिफिकेशन की। पीवी के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ में न होने से राइस मिलर्स का भी टीम को पूरा सहयोग रहा। डीएफएससी नरेंद्र सहरावत ने बताया कि 24 टीमें उपायुक्त की देखरेख में मिलों की जांच कर रही हैं। इसमें हलके के सभी एसडीएम, तहसीलदार, एडीओ, पटवारी, छह एएफएसओ, 24 इंस्पेक्टर व 24 केमरामैन शामिल हैं। सहरावत ने कहा कि मिलों में रखा धान सरकार की अमानत है, जिसे वह जब मरजी चाहे जांचने के लिए आ सकती है। पीवी का मतलब मिलर्स पर शक करना नहीं, बल्कि अपने सामान की देखरेख करना है।
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उन्होंने कहा टीम रेंडम मिलों की जांच कर रही है, जिसके चलते तीन दिनों में 238 में से 144 मिलों को जांचा जाएगा। पहले दिन 48 मिलों की जांच की जा चुकी है। वहीं अगले दो दिन 48-48 मिलों की जांच और की जाएगी। हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने बताया कि पुलिस को फिजिकल वेरिफिकेशन की टीम में शामिल न करने के निर्णय के बाद मिलर्स सहयोग के लिए राजी हुुए हैं। मिलर्स सरकार की अमानत को सुरक्षित रखे हुए हैं और जांच अधिकारी को जीरी व चावल दोनों की मात्रा चेक करवाई जा रही है। ज्वैल सिंगला ने बताया कि मिलिंग कांट्रेक्ट में स्पष्ट है कि नवंबर में एक बार फिजिकल वेरिफिकेशन होगी, उसके बाद 15 जनवरी को दोबारा जांच होगी। सिंगला ने कहा कि एसोसिएशन ने सभी मिलर्स को फिजिकल वेरिफिकेशन में पूरा सहयोग करने के दिशा निर्देश दिए हैं।
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अगर कोई जांच के दौरान गड़बड़ी में शामिल पाया गया तो, एसोसिएशन उसका साथ नहीं देगी। हरियाणा का राइस मिलर ईमानदार है। सिंगला ने बताया कि गत वर्ष भी हमने 99.99 प्रतिशत चावल सरकार को निर्धारित समय में दे दिया था, बाकी का चावल भी देने को तैयार हैं। भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में जगह की कमी के कारण प्रदेशभर के चावल की डिलीवरी सुचारू रूप से नहीं चल रही है। प्रदेश में करीब 64 लाख टन धान की खरीद हुई है और लगभग 15 प्रतिशत चावल भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में दिया जा चुका है।