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धान के वजन में कटौती से कितना नुकसान, जांचने में जुटी सरकार

Sat, 15 Oct 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Sat, 15 Oct 2016 12:20 AM IST
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सैंपल चेक करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

अनाज मंडियों में धान खरीद के दौरान नमी की मात्रा के अनुसार वजन कटौती से किसानों को कितना नुकसान हो रहा है, प्रदेश सरकार अब इसके आंकलन में जुट गई है। किसानों द्वारा सरकार को नमी की आड़ में बेहद कम रेट दिए जाने व मिलर्स द्वारा अधिक नमी होने की शिकायतें मिलने पर यह निर्णय लिया गया है। इसके चलते अब मंडियों से सैंपल लिए जा रहे हैं। सरकार की ओर से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के संयुक्त निदेशक जयपाल शर्मा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई, जिसमें चार किसान व चार मिलर्स भी शामिल किए गए।

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इसी के चलते ही संयुक्त निदेशक थानेसर अनाज मंडी में सैंपल लेने पहुंचे तो उन्होंने आढ़तियों व मिलर्स एवं अधिकारियों को निर्देश भी दिए कि धान खरीद के दौरान किसानों को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए।
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पत्रकारों से बातचीत में संयुक्त निदेशक ने बताया कि सरकार ने हालांकि 22 फीसदी नमी तक धान खरीद वजन कटौती के अनुसार करने का निर्णय लिया है। जिसके अनुसार 17 फीसदी से एक फीसदी से अधिक नमी होने पर क्विंटल में से एक किलो धान की कटौती की जाएगी और इसी प्रकार नमी की मात्रा के अनुसार कटौती की मात्रा भी बढ़ती जाएगी। इस पर किसानों ने ऐतराज जताया था और शिकायत की थी कि जितनी वजन कटौती निर्धारित की है, वह अधिक है। 17 फीसदी से अधिक नमी की धान सूखने के बाद इस कटौती के बराबर कम नहीं होगी और इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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वहीं मिलर्स ने कहा था कि इस वजन कटौती के अनुसार धान सूख जाती है। इसी के चलते ही सरकार ने मंडियों से सैंपल लिए जाने का निर्णय लिया और इसी कड़ी में ही पहली बार थानेसर अनाज मंडी से सैंपल लिए गए। इसकी पूरी रिपोर्ट सरकार को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब सभी आढ़तियों को अपना-अपना माश्चर मीटर खरीदने के लिए निर्देश दिए गए हैं और अगले सीजन में कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

5 ढेरियों से लिए 5-5 किलोग्राम के 5 सैंपल
खाद्य एवं पूर्ति निदेशक जयपाल शर्मा व विपणन बोर्ड के सीएमईओ राजकुमार बैनिवाल ने अनाज मंडी में दोपहर के समय धान की अलग-अलग 5 ढेरियों से 5-5 किलोग्राम के 5 सैंपल लिए। जिन्हें मौके पर ही 17 फीसदी माश्चर आने तक सुखाया गया। इन सैंपल की बार-बार जांच की जाती रही।

800 ग्राम तक हुई वजन कटौती
सरकार ने 17 फीसदी नमी से अधिक नमी पाए जाने पर धान के वजन में प्रति क्विंटल एक किलोग्राम कटौती किए जाने के आदेश दिए है। लेकिन यह कटौती किसान हित में नहीं है। इसका खुलासा उक्त अधिकारियों द्वारा लिए गए 5 सैंपलों से हुआ है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई और इसकी रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपे जाने को लेकर अधिकारी दावा कर रहे हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि प्रदेश में पहली बार लिए गए इन सैंपल में 700 से 800 ग्राम की घटौतरी पाई गई है।

अब राइस मिलों पर की जाएगी छापेमारी
प्रदेश सरकार ने अब राइस मिलर्स को भी अपना निशाना बना लिया है। सरकार को शिकायत मिली है कि मिलर्स उत्तरप्रदेश व पंजाब आदि राज्यों से सस्ते दामों में धान लाकर उन्हें अधिक दामों पर खरीदा दिखा रहे हैं। इसके बाकायदा किसानों के नाम के पर्चे भरे जा रहे है। इसी के चलते अब सरकार ने मिलों की जांच के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया है। खाद्य एवं पूर्ति विभाग के संयुक्त निदेशक जयपाल शर्मा ने बताया कि इसके लिए सभी जिला उपायुक्त को पत्र जारी कर निर्देश दे दिए गए है और टीमें गठित कर सोमवार से राइस मिलों में यह जांच अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

अब अंबाला के मिलर्स उठाएंगे थानेसर का धान
थानेसर अनाज मंडी धान से जाम हो जाने के बाद अब इससे निपटने के लिए रास्ता निकाल लिया गया है। जब आढ़तियों व किसानों ने संयुक्त निदेशक को उठान की समस्या बताई तो उन्होंने तत्काल ही अंबाला डीएफएससी को निर्देश दिए कि कम से कम 10 आरओ थानेसर मंडी में लगाए जाए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार सांय से ही ये आरओ उठान कार्रवाई शुरू कर देंगे।

नोडल अधिकारी बोले रविवार को बंद करो खरीद
कुरुक्षेत्र जिले के लिए धान खरीद को लेकर बनाए गए नोडल अधिकारी अनिल मलिक शुक्रवार को देर सांय थानेसर अनाज मंडी पहुंचे। जहां उन्होंने मंडी जाम देख खरीद एजेंसियों व आढ़तियों को कहा कि वे रविवार को खरीद बंद करें तो उठान समस्या निपट सकती है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि रविवार को खरीद बंद रहेगी या नहीं। उन्होंने थानेसर मार्केट कमेटी कार्यालय में दोनों आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों व मिलर्स के अलावा अधिकारियों के साथ बैठक भी की और खरीद व उठान कार्य की पूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद वह पिपली मंडी भी पहुंचे, जहां पर भी उन्होंने पूरा जायजा लिया और अधिकारियों व खरीद एवं उठान एजेंसियों को निर्देश दिए।


शुक्रवार को हुई एक लाख क्विंटल धान की आवक
थानेसर अनाज मंडी में शुक्रवार को एक लाख 6 हजार क्विंटल धान की आवक हुई, जिसमें डीएफएससी ने 62 हजार, हैफेड ने 13 हजार व हरियाणा एग्रो ने 30500 क्विंटल धान की खरीद की।

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