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फर्जी डीएमसी लेकर पहुंचा यूनिविर्सिटी, कान पकड़ मांगी माफी
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 23 Jan 2016 12:36 AM IST
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केयू की रिजल्ट ब्रांच-2 में शुक्रवार को एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र सेकेंड सेमेस्टर की फर्जी डीएमसी लेकर स्केल डीएमसी बनवाने पहुंचा गया।
जब यूनिवर्सिटी ने डीएमसी की जांच की तो सेकेंड सेमेस्टर की डीएमसी फर्जी निकली। इसके बाद यूनिवर्सिटी में हंगामा मच गया। खुलासा होने पर युवक भी घबरा गया और कान पकड़कर माफी मांगी।
अंबाला स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र अपने सभी सेमेस्टरों की डीएमसी लेकर केयू की परीक्षा शाखा-2 के कमरा नंबर-205 में पहुंचा। वहां उसने अपनी सभी डीएमसी देकर स्केल डीएमसी (संपूर्ण डीएमसी पास) बनवाने का आवेदन दिया।
क्लर्क ने जब छात्र की डीएमसी की जांच की तो कर रहा था तो ूसरे सेमेस्टर की डीएमसी फर्जी निकली। उस पर किसी के हस्ताक्षर नहीं थे और न ही कहीं उसका रिकॉर्ड परीक्षा शाखा में मिला। इस पर ब्रांच के कई कर्मी मौके पर जमा हो गए।
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सभी ने युवक को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू कर दी। पकड़ में आने पर युवक घबरा गया और वह कान पकड़कर माफी मांगने लगा। इसी बीच एक कर्मचारी ने युवक की तरफ लेते हुए मामले को दबाने की कोशिश की। लेकिन, शाखा सुपरींटेंडेंट और एक कर्मचारी युवक को लेकर सहायक रजिस्ट्रार कुसुम लता गुप्ता के पास पहुंच गए। सहायक रजिस्ट्रार ने युवक को वहां से भगा दिया।
एक युवक स्केल डीएमसी बनवाने आया था। उसकी दूसरे सेमेस्टर की डीएमसी फर्जी थी। इस मामले में जांच के लिए संबंधित कर्मचारी से कहा है। डीएमसी पर किसी भी कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं थे। यह डीएमसी कहां से बनीं और किसने बनाई, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
कुसुम लता गुप्ता, सहायक रजिस्ट्रार, परीक्षा शाखा-2, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी।
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जब यूनिवर्सिटी ने डीएमसी की जांच की तो सेकेंड सेमेस्टर की डीएमसी फर्जी निकली। इसके बाद यूनिवर्सिटी में हंगामा मच गया। खुलासा होने पर युवक भी घबरा गया और कान पकड़कर माफी मांगी।
अंबाला स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र अपने सभी सेमेस्टरों की डीएमसी लेकर केयू की परीक्षा शाखा-2 के कमरा नंबर-205 में पहुंचा। वहां उसने अपनी सभी डीएमसी देकर स्केल डीएमसी (संपूर्ण डीएमसी पास) बनवाने का आवेदन दिया।
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क्लर्क ने जब छात्र की डीएमसी की जांच की तो कर रहा था तो ूसरे सेमेस्टर की डीएमसी फर्जी निकली। उस पर किसी के हस्ताक्षर नहीं थे और न ही कहीं उसका रिकॉर्ड परीक्षा शाखा में मिला। इस पर ब्रांच के कई कर्मी मौके पर जमा हो गए।
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सभी ने युवक को पकड़ लिया और पूछताछ शुरू कर दी। पकड़ में आने पर युवक घबरा गया और वह कान पकड़कर माफी मांगने लगा। इसी बीच एक कर्मचारी ने युवक की तरफ लेते हुए मामले को दबाने की कोशिश की। लेकिन, शाखा सुपरींटेंडेंट और एक कर्मचारी युवक को लेकर सहायक रजिस्ट्रार कुसुम लता गुप्ता के पास पहुंच गए। सहायक रजिस्ट्रार ने युवक को वहां से भगा दिया।
एक युवक स्केल डीएमसी बनवाने आया था। उसकी दूसरे सेमेस्टर की डीएमसी फर्जी थी। इस मामले में जांच के लिए संबंधित कर्मचारी से कहा है। डीएमसी पर किसी भी कर्मचारी के हस्ताक्षर नहीं थे। यह डीएमसी कहां से बनीं और किसने बनाई, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
कुसुम लता गुप्ता, सहायक रजिस्ट्रार, परीक्षा शाखा-2, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी।