फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Ramprasad reached Kurukshetra with the message of saving environment in Nepal, Uttarakhand by bicycle

साइकिल से नेपाल, उत्तराखंड में पर्यावरण बचाने का संदेश देकर कुरुक्षेत्र पहुंचे रामप्रसाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Nov 2021 02:33 AM IST
विज्ञापन
Ramprasad reached Kurukshetra with the message of saving environment in Nepal, Uttarakhand by bicycle
रामप्रसाद नस्कर साइकिल चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे है और देश भर में साइकिल से यात्रा कर रहे हैं। वे अब तक 25 हजार किलोमीटर से ज्यादा साइकिल चला चुके है। इसके अलावा पर्यावरण को बचाने के लिए वे भारत के साथ बांग्लादेश और नेपाल की भी साइकिल से यात्रा कर वहां के लोगों को जागरूक कर चुके हैं।
विज्ञापन

वे साल 2016 में अपनी शादी में भी दुल्हन को लेने 35 किलोमीटर साइकिल चलाकर पहुंचे थे, जबकि उनकी बारात गाड़ियों में गई थी। साइकिल पर ही वह अपनी दुल्हन को लेकर घर आए थे। मूल रूप से कोलकाता के रहने वाले रामप्रसाद पेशे से अध्यापक है तथा श्रीपुर शिक्षा सदन हाई स्कूल में ज्योलॉजी पढ़ाते हैं। सोमवार को रामप्रसाद नेपाल में साइकिल चलाने, पर्यावरण व जीव जंतुओं बचाने का संदेश देकर धर्मनगरी कुरुक्षेत्र पहुंचे थे।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि वह साल 2010 से साइकिल चला रहे है। कहीं भी आना-जाना हो वह साइकिल से ही आते-जाते है। साइकिल चलाने के अपने इसी शौक को उन्होंने पर्यावरण को बचाने में बदल लिया। हाल ही में वे नेपाल से लौटे कुरुक्षेत्र आए है। 30 सितंबर को वह कोलकाता से नेपाल के लिए चले थे। नेपाल में उन्होंने जनकपुर, चढौली, हथौरा, काठमांडू, बुटवल, कपिलवस्तु में प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने, वन को बचाने व पर्यावरण को बचाने के लिए पौधे लगाने व साइकिल चलाने का संदेश दिया। नेपाल से वह हरिद्वार और सहारनपुर होते हुए कुरुक्षेत्र आए है। वे यात्रा के दौरान स्कूल और कॉलेज में जनजागरण अभियान चलाकर छात्रों को जागरूक कर रहे है। इससे पहले उन्होंने साल 2013-2014 में पूरे भारत में पर्यावरण बचाने के लिए साइकिल चलाने के प्रति जागरूक किया था। इसमें यात्रा में उनको छह महीने से ज्यादा का समय लगा था। उन्होंने बताया कि 2019 में गंगा सागर से गंगोत्री की यात्रा भी साइकिल से की थी। अब उनकी पत्नी सुषमा मंडल भी साइकिल चलाना सीख रही है। अगली बार वह अपनी पत्नी के साथ साइकिल पर यात्रा करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बॉक्स
साइकिल में रखते हैं ड्राई फ्रूट्स
रामप्रसाद ने बताया कि वह स्कूल से छुट्टी लेकर संदेश देते है। उस दौरान उनको वेतन नहीं मिलता है और वह पिछले बचत पर ही यात्रा का खर्च निकालते है। यात्रा के वक्त उनके पास ड्राई फ्रूट्स होते है, जिनसे उनको एनर्जी मिलती है।
बॉक्स
ऐसे सफर शुरू हुआ
------------------------
- 2010 में साइकिल के शौक को पर्यावरण बचाने का बनाया लक्ष्य
- 2011 में वेस्ट बंगाल में किया प्रचार
- 2013-14 में पूरे भारत की यात्रा कर दिया संदेश
- 2017 में बांग्लादेश पर्यावरण बचाने के लिए किया जागरूक
- 2019 में गंगा सागर से गंगोत्री
- 30 सितंबर से 1 नवंबर कोलकाता से नेपाल, उत्तराखंड और हरियाणा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed