कुरुक्षेत्र। वीर चक्र विजेता कर्नल देवेंद्र सिंह राणा ने कहा कि क्षत्रिय सभा में सदस्यता को लेकर चल रहा विवाद अब पूरे प्रदेश के राजपूत समाज से जुड़ गया है। अगर अब भी क्षत्रिय सभा व सरकार के नुमाइंदे नहीं जागे तो एक बड़ा आंदोलन प्रदेश में शुरू हो जाएगा। इसमें आमरण अनशन पर बैठने का फैसला भी लिया जा सकता है। इसमें प्रदेश भर से राजपूत समाज के लोग एकजुट होंगे और क्षत्रिय सभा की सदस्यता बहाल कराने को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
वे बुधवार को राजपूत धर्मशाला सभा भवन में पत्र-प्रतिनिधियों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर को क्षत्रिय संघर्ष समिति रजिस्ट्रार कार्यालय का घेराव करेगी, जिसमें रजिस्ट्रार की कार्यशैली के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार क्षत्रिय सभा के साथ मिलकर राजपूत समाज को गुमराह कर रही है। कहा कि अगर 25 तारीख तक क्षत्रिय सभा की सदस्यता बहाल करने को लेकर विधायक थानेसर व क्षत्रिय सभा ने समाज हित में कोई फैसला नहीं लेते तो राजपूत समाज के लोग आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय ले सकते हैं। क्षत्रिय सभा पर लगे घोटालों के आरोप पर कहा कि बिना तथ्यों के कुछ भी कहना मुनासिब नहीं होगा। इसके लिए फॉरेंसिक ऑडिट कराया जा सकता है, जिसमें पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। जब तक क्षत्रिय सभा की सदस्यता बहाल नहीं होगी तब तक विधायक आवास पर धरना जारी रहेगा। इस मौके पर प्रमोद राणा, विनोद राणा, अश्वनी राणा, मोहन सिंह राणा, सीपी तंवर, तिलक राज राणा, सुरेश राणा, सतपाल सहित अन्य मौजूद रहे।