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Kurukshetra News: नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किए हिंदी विषय के सिलेबस पर उठे सवाल
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कॉलेजों में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर के तैयार किए गए हिंदी विषय के सिलेबस पर सवाल उठाए जाने लगे हैं। कॉलेज शिक्षकों ने यह सिलेबस बदलने की मांग की है। उन्होंने कुलपति, डीन, और कुल सचिव को ज्ञापन दिया गया।
शिक्षकों ने विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र द्वारा वर्ष 2023-2024 के लिए प्रस्तावित सिलेबस को हिंदी विषय के राष्ट्रीय महत्व,उपयोगिता, महानता, क्षमता,लोकप्रियता, विद्यार्थियों के मनोविज्ञान, उच्च शिक्षा-मानकों और ''राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020'' की मूल उच्च-आकांक्षाओं के विपरीत मानते हुए रद करने की अपील की है। शिक्षकों का मानना है कि इस सिलेबस से विद्यार्थियों के भविष्य और राष्ट्रीय भाषा हिन्दी के हितों पर भयंकर आघात हो रहा है।
डॉ.रविंद्र गासो, डॉ.सुनील दत्त,डॉ.कृष्ण कुमार, डॉ.नवीन बत्तरा,डॉ.बीर सिंह, डॉ.सुषमा ठाकुर,डॉ.सुनील थुआ , डॉ.ईश्वर सिंह,डॉ.जय कुमार, डॉ. बलबीर सिंह,डॉ.मनजीत कौर ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि स्नातक स्तर प्रथम वर्ष के सभी पेपरों के लिए तत्काल बिना किसी विलंब के नवीन सिलेबस जारी किया जाए। इसमें 60 प्रतिशत साहित्य/साहित्यिक विधाएं, 20 फीसदी तकनीकी पक्ष और 20 फीसदी व्यावहारिक/मौलिक उद्भावना का हिस्सा हो और उसका आकार-प्रकार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्तर और क्रेडिट के हिसाब से हो। शिक्षकों ने ऑनलाइन मीटिंग कर अपनी एक्शन -कमेटी का गठन किया है। उपर्युक्त कमेटी के उपर्युक्त सभी सदस्यों ने कुलपति से यह भी आग्रह किया है कि आगामी वर्षों के लिए भी समस्त सिलेबस नया बनाया जाए। इसके लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज गठित कर शिक्षकों के सुझाव आमंत्रित करें। उन्होंने कहा कि सत्र /कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं इसलिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।
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शिक्षकों ने विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र द्वारा वर्ष 2023-2024 के लिए प्रस्तावित सिलेबस को हिंदी विषय के राष्ट्रीय महत्व,उपयोगिता, महानता, क्षमता,लोकप्रियता, विद्यार्थियों के मनोविज्ञान, उच्च शिक्षा-मानकों और ''राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020'' की मूल उच्च-आकांक्षाओं के विपरीत मानते हुए रद करने की अपील की है। शिक्षकों का मानना है कि इस सिलेबस से विद्यार्थियों के भविष्य और राष्ट्रीय भाषा हिन्दी के हितों पर भयंकर आघात हो रहा है।
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डॉ.रविंद्र गासो, डॉ.सुनील दत्त,डॉ.कृष्ण कुमार, डॉ.नवीन बत्तरा,डॉ.बीर सिंह, डॉ.सुषमा ठाकुर,डॉ.सुनील थुआ , डॉ.ईश्वर सिंह,डॉ.जय कुमार, डॉ. बलबीर सिंह,डॉ.मनजीत कौर ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि स्नातक स्तर प्रथम वर्ष के सभी पेपरों के लिए तत्काल बिना किसी विलंब के नवीन सिलेबस जारी किया जाए। इसमें 60 प्रतिशत साहित्य/साहित्यिक विधाएं, 20 फीसदी तकनीकी पक्ष और 20 फीसदी व्यावहारिक/मौलिक उद्भावना का हिस्सा हो और उसका आकार-प्रकार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के स्तर और क्रेडिट के हिसाब से हो। शिक्षकों ने ऑनलाइन मीटिंग कर अपनी एक्शन -कमेटी का गठन किया है। उपर्युक्त कमेटी के उपर्युक्त सभी सदस्यों ने कुलपति से यह भी आग्रह किया है कि आगामी वर्षों के लिए भी समस्त सिलेबस नया बनाया जाए। इसके लिए बोर्ड ऑफ स्टडीज गठित कर शिक्षकों के सुझाव आमंत्रित करें। उन्होंने कहा कि सत्र /कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी हैं इसलिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।
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