गांव ठसका मीरांजी में होली पर रंजिशन हथियारों से लैस हमलावरों द्वारा हमला कर एक युवक को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के न होने से भड़के परिजनों ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय पर रोष प्रदर्शन किया। मामले की सूचना पाकर शाहाबाद डीएसपी सुरेंद्र मांजू मौके पर पहुंचे तथा परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। आखिरकार करीब एक घंटे की जद्दोजहद के बाद डीएसपी द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तार करने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए।
जानकारी के अनुसार गांव ठसका मीरांजी निवासी चरणदास पुत्र ओमप्रकाश ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा था कि चार साल पहले इसी गांव के रहने वाले अजय गुराया पुत्र कमल सिंह ने लड़ाई-झगड़े के दौरान चोटें मारी थी। उस समय गांव की पंचायत ने उनका इस मामले में फैसला करवा दिया था लेकिन अजय गुराया पुरानी रंजिश रखे हुए था। होली के दिन वह अपने मित्रों के साथ कार में सवार होकर गांव की ओर आ रहा था। जैसे ही वह गांव के ही स्कूल के पास उतरकर घर की ओर जा रहा था इसी दौरान हथियारों से लैस अजय गुराया, प्रिंस, अमरजीत, मनिन्द्र सोढी, मनप्रीत सिंह, विचित्र सिंह, गुरमुख सिंह सहित अन्य लोगों ने उस पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। आरोपियों ने उसे जाते समय जान से मारने की धमकी देने के अलावा जातिसूचक शब्द भी कहे थे। इस मामले में पुलिस ने 12 मार्च को घायल हुए चरणदास के ब्यानों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था। उधर, चरणदास की गंभीर हालत को देखते हुए डाक्टरों ने उसे पीजीआई रैफर कर दिया था। इस मामले में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार न करने के चलते घायल हुए युवक के परिजनों ने पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस मामले में परिजनों पुलिस पर ढील बरतने का आरोप लगा रहे है। उधर, शाहाबाद डीएसपी सुरेंद्र मांजू ने बातचीत के दौरान कहा कि इस मामले की जांच निष्पक्ष तौर पर अपराध शाखा पुलिस से करवाई जाएगी। इस मामले में पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके आश्वासन के बाद परिजन पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी से भी मिले। कप्तान ने भी घटना के शिकार हुए चरणदास के हमलावरों को गिरफ्त में लेने के लिए जांच अपराध शाखा पुलिस को सौंपने के आदेश दे दिए है।