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Kurukshetra News: निजी अस्पताल संचालक पांच तक नहीं करेंगे आयुष्मान कार्ड पर इलाज
Tue, 02 Jul 2024 07:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 02 Jul 2024 07:26 AM IST
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कुरुक्षेत्र। जिले के सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ रोष जताया। एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन) के आह्वान पर सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों ने चिकित्सक दिवस को काले दिवस के रूप में मनाया तो आईएमए के आह्वान पर आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों ने पांच जुलाई तक उपचार न करने का समर्थन किया। चिकित्सक काला रिबन लगाकर ड्यूटी करने पहुंचे।
एचसीएमएस के जिला प्रधान डॉ. प्रदीप नागर ने बताया कि सरकार की अनदेखी के चलते चिकित्सकों में रोष फैल रहा है। इसी को लेकर उन्होंने सोमवार को सरकार के खिलाफ सांकेतिक रूप से काले रिबन लगाकर रोष जताया। वे कई बार अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन कर चुके हैं, मगर सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उनकी मांग है कि सरकार सीधे तौर पर एसएमओ की भर्ती बंद कर इस पद को पदोन्नति श्रेणी में शामिल किया जाए। बताया कि विशेषज्ञ श्रेणी का कार्यान्वयन किया जाए। निदेशक, सीएमओ और एसएमओ स्तर पर समयबद्ध पदोन्नति और एमओ स्तर पर समय पर भर्ती हो। केंद्र सरकार के समान एएसपी और भत्ता दिया जाए। एमओ की पदोन्नति सूची करीब डेढ़ साल से लंबित है। उनको जल्द एसएमओ में पदोन्नति दी जाए। इसके अलावा अन्य दो मांगों को भी लागू किया जाए।
उधर, आईएमए के जिला प्रधान डॉ. ऋषि पाल गुप्ता ने बताया कि आईएमए की सरकार के साथ उनकी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है। जिले के 32 अस्पतालों का सरकार के पास 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है। सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। इसलिए आईएमए ने पांच जुलाई तक आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं करने का निर्णय लिया है।
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बाक्स
इमरजेंसी में मरीज को किया जा रहा रेफर
आयुष्मान पैनल के अस्पताल की ओर से योजना के तहत ओपीडी को बंद किया गया है। हालांकि इमरजेंसी में आयुष्मान कार्ड धारक को प्राथमिक उपचार देकर रेफर किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल में पहले से उपचाररत मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि नए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
बाक्स
सरकारी अस्पताल में कराएं उपचार
आयुष्मान योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक किसी भी सरकारी अस्पताल में उपचार करा सकते हैं। उनकी आईएमए के पदाधिकारियों से बातचीत चल रही है। सरकार की ओर से उनको इस सप्ताह तक भुगतान का आश्वासन दिया गया है।
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एचसीएमएस के जिला प्रधान डॉ. प्रदीप नागर ने बताया कि सरकार की अनदेखी के चलते चिकित्सकों में रोष फैल रहा है। इसी को लेकर उन्होंने सोमवार को सरकार के खिलाफ सांकेतिक रूप से काले रिबन लगाकर रोष जताया। वे कई बार अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन कर चुके हैं, मगर सरकार उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उनकी मांग है कि सरकार सीधे तौर पर एसएमओ की भर्ती बंद कर इस पद को पदोन्नति श्रेणी में शामिल किया जाए। बताया कि विशेषज्ञ श्रेणी का कार्यान्वयन किया जाए। निदेशक, सीएमओ और एसएमओ स्तर पर समयबद्ध पदोन्नति और एमओ स्तर पर समय पर भर्ती हो। केंद्र सरकार के समान एएसपी और भत्ता दिया जाए। एमओ की पदोन्नति सूची करीब डेढ़ साल से लंबित है। उनको जल्द एसएमओ में पदोन्नति दी जाए। इसके अलावा अन्य दो मांगों को भी लागू किया जाए।
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उधर, आईएमए के जिला प्रधान डॉ. ऋषि पाल गुप्ता ने बताया कि आईएमए की सरकार के साथ उनकी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है। जिले के 32 अस्पतालों का सरकार के पास 20 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है। सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। इसलिए आईएमए ने पांच जुलाई तक आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं करने का निर्णय लिया है।
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इमरजेंसी में मरीज को किया जा रहा रेफर
आयुष्मान पैनल के अस्पताल की ओर से योजना के तहत ओपीडी को बंद किया गया है। हालांकि इमरजेंसी में आयुष्मान कार्ड धारक को प्राथमिक उपचार देकर रेफर किया जा रहा है। इसके अलावा अस्पताल में पहले से उपचाररत मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि नए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
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सरकारी अस्पताल में कराएं उपचार
आयुष्मान योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक किसी भी सरकारी अस्पताल में उपचार करा सकते हैं। उनकी आईएमए के पदाधिकारियों से बातचीत चल रही है। सरकार की ओर से उनको इस सप्ताह तक भुगतान का आश्वासन दिया गया है।