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Kurukshetra News: प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थी करेंगे बाल रामलीला का मंचन
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कुरुक्षेत्र। निपुण हरियाणा मिशन के तहत स्कूलों में 28 अक्तूबर को जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में रामलीला का मंचन होगा। इस संबंध में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, जिला निपुण समन्वयक को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में रामलीला मंचन की तैयारियों को सुनिश्चित किया जाए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी द्वारा खंड शिक्षा एवं सभी स्कूल मुखिया काे अभ्यास करवाने के आदेश दे दिए गए हैं।
विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक रामलीला मंचन के लिए विद्यार्थियों का अभ्यास 15 दिन पहले ही शुरू हो जाएगा। अभ्यास के दौरान विभाग की ओर से जारी पांच दृश्यों में से किसी एक दृश्य पर बच्चों को अभ्यास कराना होगा, जिसमें संवाद और उच्चारण खासतौर पर शुद्ध रखने के आदेश दिए गए हैं। 12 से 27 अक्तूबर तक विद्यार्थियों को अभ्यास कराया जाएगा, जिसके बाद 28 अक्तूबर को रामलीला का मंचन होगा।
जिला कोऑर्डिनेटर ने बताया कि ये कार्यक्रम प्राथमिक कक्षाओं में निपुण हरियाणा मिशन के तहत कराया जा रहा है, जिसमें प्राथमिक कक्षाओं में बुनियाद साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर काम हो रहा है ताे वहीं अब विद्यार्थियों को धारा प्रवाह शब्द पहचान, अक्षर ज्ञान और ध्वनि जागरूकता से परिचित करवाने के लिए विभिन्न गतिविधियां करवाई जा रही हैं। निपुण रामलीला के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने से बड़ों व अन्य बच्चों के साथ बातचीत करने, खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने और आत्मविश्वास से संवाद करने की सीख देना है। भाषा के साथ ही संस्कार सिखाने के लिए भी विद्यार्थियों को निपुण बाल रामलीला सिखाई जाएगी।
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खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से पत्र जारी किया गया था, जोकि सभी राजकीय विद्यालयों के मुखिया को भेजकर अभ्यास करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। रामलीला मंचन का उद्देश्य छोटे बच्चों में शुद्ध उच्चारण, हिंदी पर पकड़ और संवाद कुशलता में विकास करना है। 12 अक्तूबर से स्कूलों में अभ्यास शुरु होगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के अभ्यास की वीडियों शिक्षकों को सोशल मीडिया पर निपुण हैशटैग के साथ अपलोड करनी होगी।
पांच दृश्यों में से किसी एक का करना होगा चयन
विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र के मुताबिक विद्यार्थियों को पांच दृश्यों में सीता किसी एक पर मंचन करना होगा। इसमें स्वयंवर, चित्रकूट भरत-मिलाप, सूर्पनखा व खर-दूषण वध, हनुमान-सुग्रीव मित्रता व बाली वध रावण-अंगद के विकल्प दिए गए हैं। मिशन के तहत साक्षरता कौशल के निर्माण के लिए रोल प्ले के महत्व पर जोर दिया गया है। विभाग द्वारा रामलीला के पांच छोटे दृश्य साझा किए जा रहे हैं, जो शिक्षकों को निपुण रामलीला के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में सहायता करेंगे। शिक्षक इन पांच दृश्यों में से किसी भी एक दृश्य को रोल प्ले के लिए चुन सकते हैं या अपने स्वयं के दृश्य की भी योजना बना सकते हैं। यदि शिक्षक अन्य कोई दृश्य चुनना चाहें तो छठी की बाल रामकथा की पुस्तक से चुन सकते हैं।
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विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक रामलीला मंचन के लिए विद्यार्थियों का अभ्यास 15 दिन पहले ही शुरू हो जाएगा। अभ्यास के दौरान विभाग की ओर से जारी पांच दृश्यों में से किसी एक दृश्य पर बच्चों को अभ्यास कराना होगा, जिसमें संवाद और उच्चारण खासतौर पर शुद्ध रखने के आदेश दिए गए हैं। 12 से 27 अक्तूबर तक विद्यार्थियों को अभ्यास कराया जाएगा, जिसके बाद 28 अक्तूबर को रामलीला का मंचन होगा।
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जिला कोऑर्डिनेटर ने बताया कि ये कार्यक्रम प्राथमिक कक्षाओं में निपुण हरियाणा मिशन के तहत कराया जा रहा है, जिसमें प्राथमिक कक्षाओं में बुनियाद साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर काम हो रहा है ताे वहीं अब विद्यार्थियों को धारा प्रवाह शब्द पहचान, अक्षर ज्ञान और ध्वनि जागरूकता से परिचित करवाने के लिए विभिन्न गतिविधियां करवाई जा रही हैं। निपुण रामलीला के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने से बड़ों व अन्य बच्चों के साथ बातचीत करने, खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने और आत्मविश्वास से संवाद करने की सीख देना है। भाषा के साथ ही संस्कार सिखाने के लिए भी विद्यार्थियों को निपुण बाल रामलीला सिखाई जाएगी।
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खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से पत्र जारी किया गया था, जोकि सभी राजकीय विद्यालयों के मुखिया को भेजकर अभ्यास करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। रामलीला मंचन का उद्देश्य छोटे बच्चों में शुद्ध उच्चारण, हिंदी पर पकड़ और संवाद कुशलता में विकास करना है। 12 अक्तूबर से स्कूलों में अभ्यास शुरु होगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के अभ्यास की वीडियों शिक्षकों को सोशल मीडिया पर निपुण हैशटैग के साथ अपलोड करनी होगी।
पांच दृश्यों में से किसी एक का करना होगा चयन
विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र के मुताबिक विद्यार्थियों को पांच दृश्यों में सीता किसी एक पर मंचन करना होगा। इसमें स्वयंवर, चित्रकूट भरत-मिलाप, सूर्पनखा व खर-दूषण वध, हनुमान-सुग्रीव मित्रता व बाली वध रावण-अंगद के विकल्प दिए गए हैं। मिशन के तहत साक्षरता कौशल के निर्माण के लिए रोल प्ले के महत्व पर जोर दिया गया है। विभाग द्वारा रामलीला के पांच छोटे दृश्य साझा किए जा रहे हैं, जो शिक्षकों को निपुण रामलीला के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में सहायता करेंगे। शिक्षक इन पांच दृश्यों में से किसी भी एक दृश्य को रोल प्ले के लिए चुन सकते हैं या अपने स्वयं के दृश्य की भी योजना बना सकते हैं। यदि शिक्षक अन्य कोई दृश्य चुनना चाहें तो छठी की बाल रामकथा की पुस्तक से चुन सकते हैं।