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नमाज अदा कर मांगी खुशहाली की दुआ
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चीनी मस्जिद में ईद-उल अजहा की नमाज पढ़ते मुस्लिम समाज के लोग। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। शहर की प्रसिद्ध चीनी मस्जिद के अलाना मस्जिदों में रविवार सुबह 8:30 बजे अकीदत के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की गई। बरसात के बावजूद भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पूरे उत्साह से मस्जिद पहुंचे और नमाज अदा करके देश की सलामती, भाईचारे व खुशहाली की दुआ मांगी।
सुबह से ही मुस्लिम समाज के बच्चे व बड़े नए-नए कपड़े पहनकर मस्जिद पहुंचना शुरू हो गए थे। नमाज अदा करने के बाद सब ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। हालांकि पहले नरकातारी रोड पर ईदगाह में नमाज अदा की जानी थी। बरसात को देखते हुए सभी लोग चीनी मस्जिद एकत्रित हुए।
चीनी मस्जिद के इमाम सगीर अहमद ने बताया कि ईद-उल-अजहा का पर्व बेहद पाक पर्व है। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक मुस्लिम समाज के लोग अपने घर पर ईद की नमाज अदा की थी। इस बार सभी मस्जिद में एक-साथ एकत्रित होकर ईद की नमाज अदा की। हालांकि ईदगाह में नमाज अदा की जानी थी, मगर बारिश के कारण मस्जिदों में ही सभी ने नमाज अदा की। सामाजिक भावनाओं का ख्याल रखते हुए मुस्लिम समाज ने मीठी सेवइयां बांटकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
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बताया कि ईद इस्लाम में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहार है। मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर उनकी राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उनके पुत्र को जीवनदान दे दिया, जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है।
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कुरुक्षेत्र। शहर की प्रसिद्ध चीनी मस्जिद के अलाना मस्जिदों में रविवार सुबह 8:30 बजे अकीदत के साथ ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की गई। बरसात के बावजूद भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग पूरे उत्साह से मस्जिद पहुंचे और नमाज अदा करके देश की सलामती, भाईचारे व खुशहाली की दुआ मांगी।
सुबह से ही मुस्लिम समाज के बच्चे व बड़े नए-नए कपड़े पहनकर मस्जिद पहुंचना शुरू हो गए थे। नमाज अदा करने के बाद सब ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। हालांकि पहले नरकातारी रोड पर ईदगाह में नमाज अदा की जानी थी। बरसात को देखते हुए सभी लोग चीनी मस्जिद एकत्रित हुए।
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चीनी मस्जिद के इमाम सगीर अहमद ने बताया कि ईद-उल-अजहा का पर्व बेहद पाक पर्व है। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक मुस्लिम समाज के लोग अपने घर पर ईद की नमाज अदा की थी। इस बार सभी मस्जिद में एक-साथ एकत्रित होकर ईद की नमाज अदा की। हालांकि ईदगाह में नमाज अदा की जानी थी, मगर बारिश के कारण मस्जिदों में ही सभी ने नमाज अदा की। सामाजिक भावनाओं का ख्याल रखते हुए मुस्लिम समाज ने मीठी सेवइयां बांटकर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
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बताया कि ईद इस्लाम में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहार है। मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर उनकी राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उनके पुत्र को जीवनदान दे दिया, जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है।