{"_id":"6473b6c7fe96831c480d7436","slug":"polices-raid-campaign-the-desire-to-travel-to-delhi-did-not-materialize-kurukshetra-news-c-18-1-134686-2023-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: पुलिस का छापामारी अभियान, दिल्ली कूच का अरमान नहीं चढ़ा परवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: पुलिस का छापामारी अभियान, दिल्ली कूच का अरमान नहीं चढ़ा परवान
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। दिल्ली में पहलवानों के समर्थन में किसानों की रवानगी रोकने के लिए पुलिस ने रातभर छापामारी अभियान चलाया। ऐसे में किसानों की ओर से दिल्ली कूच की तैयारी धरी रह गई। इस दौरान देर रात को भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस को हिरासत में ले लिया गया, वहीं सुबह होते ही करीब पौने पांच बजे गुरनाम सिंह चढूनी को भी सीआइए टू ने घर से ही हिरासत में ले लिया। इसके अलावा यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना और आइटी सेल के प्रदेशाध्यक्ष संदीप संग्रोहा के साथ-साथ यूनियन के कई अन्य पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को घरों से नहीं निकलने दिया गया। पुलिस ने सर्वजातीय सर्वखाप की महिला अध्यक्ष संतोष दहिया को भी कुरुक्षेत्र में ही उनके घर पर कैद कर कर दिया। दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई से किसानों में आक्रोश है।
राकेश बैंस को ढाई घंटे बाद रात को ही थाने से छोड़ा
भाकियू नेता राकेश बैंस को देर रात हिरासत में लेकर पुलिस शाहाबाद थाने पहुंची, जिसकी सूचना मिलने पर रात को ही किसान एकजुट होना शुरू हो गए थे। ऐसे में पुलिस ने करीब ढाई घंटे बाद ही उन्हें थाने से छोड़ दिया, लेकिन उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि दिल्ली न कूच कर सके।
किसानों ने सीआइए-टू को घेरा तो गुरनाम चढूनी को किया रिहा
गुरनाम सिंह चढूनी को अल सुबह करीब पौने पांच बजे सीआइए टू की टीम घर से ही लेकर गई। यह सूचना जैसे ही किसानों को विभिन्न ग्रुपों के जरिए दी गई तो उन्हें छुड़ाने को लेकर सीआइए टू का घेराव करने का ऐलान कर दिया गया। सुबह ही किसान सीआइए टू कार्यालय के बाहर जमा हो गए। फिर करीब ढाई घंटे तक जमकर रोष जताया। इस पर दोपहर करीब सवा एक बजे चढूनी को छोड़ा गया, जिसके बाद किसान शांत हुए।
विज्ञापन
पुलिस ने 24 घंटे घर से नहीं निकलने दिया : संतोष दहिया
सर्वजातीय सर्वखाप की महिला अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया का कहना है कि वे कोई भीड़ लेकर दिल्ली नहीं जा रही थीं। अपनी कुछ महिला कार्यकर्ताओं के साथ ही जाने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर में ही कैद कर दिया। पुलिस ने उन्हें शनिवार शाम चार बजे से रविवार शाम चार बजे तक घर पर ही कैद रखा। उन्होंने कहा कि यह पीडि़त महिला पहलवानों की आवाज दबाने का प्रयास है, लेकिन सरकार का यह प्रयास सफल नहीं होगा।
किसान बोले-जानबूझकर रद की ट्रेन, स्टेशन अधीक्षक ने बताया तकनीकी खामी
सुबह 5:35 पर कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से चलने वाली कुरुक्षेत्र -हजरत निजामुद्दीन रेलगाड़ी रद कर दी गई, जिसके बड़ी संख्या में किसान व अन्य लोग दिल्ली नहीं पहुंच पाए। किसानों व जनसंघर्ष मंच के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए कि लोगों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए ही रेलगाड़ी रद् की गई है जबकि स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार का कहना था कि तकनीकी खामी के चलते यह रेलगाड़ी रद् की गई थी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की कार्रवाई : एसपी
एसपी एसएस भौरिया का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो से तीन लोग हिरासत में लिए गए थे तो कुछ को घरों में ही रखा गया था, लेकिन बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।
अब पहलवानों संग पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सम्मान की तैयारी में भाकियू
सोनीपत के गांव मुंडलाना में चार जून को होगा आयोजन, चढ़ूनी बोले-किसान कमजोर पड़ने वाले नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पहलवानों के समर्थन में कूच करने से पहले ही भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोपहर बाद रिहा होने पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धोखे से उन्हें और अन्य किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। साथ ही चेताया कि अब चार जून को सोनीपत के गांव मुंडलाना में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहलवानों और पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का भाकियू की ओर से सम्मान किया जाएगा। इस दिन किसान भी पूरी तैयारी में होंगे।
उन्होंने बताया कि वे सामान्य दिनों की तरह ही सुबह पौने पांच बजे अपने घर पर थे। तभी अचानक पुलिस बल पहुंच गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसी तरह दूसरे किसानों व अन्य लोगों के साथ भी किया गया, ताकि वे पहलवानों के समर्थन में दिल्ली तक न जा पाएं। उन्होंने कहा कि चार जून को मुंडलाना में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को भी सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह में प्रदेश भर से किसान जुटेंगे। उन्होंने कहा कि किसान कमजोर पड़ने वाला नहीं है। अब चार जून को होने वाले समारोह की तैयारी पूरी करनी होगी। उसमें भी खलल डालने का प्रयास हो सकता है, लेकिन हम डटकर सामना करेंगे।
विज्ञापन
राकेश बैंस को ढाई घंटे बाद रात को ही थाने से छोड़ा
भाकियू नेता राकेश बैंस को देर रात हिरासत में लेकर पुलिस शाहाबाद थाने पहुंची, जिसकी सूचना मिलने पर रात को ही किसान एकजुट होना शुरू हो गए थे। ऐसे में पुलिस ने करीब ढाई घंटे बाद ही उन्हें थाने से छोड़ दिया, लेकिन उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात रहे, ताकि दिल्ली न कूच कर सके।
विज्ञापन
किसानों ने सीआइए-टू को घेरा तो गुरनाम चढूनी को किया रिहा
गुरनाम सिंह चढूनी को अल सुबह करीब पौने पांच बजे सीआइए टू की टीम घर से ही लेकर गई। यह सूचना जैसे ही किसानों को विभिन्न ग्रुपों के जरिए दी गई तो उन्हें छुड़ाने को लेकर सीआइए टू का घेराव करने का ऐलान कर दिया गया। सुबह ही किसान सीआइए टू कार्यालय के बाहर जमा हो गए। फिर करीब ढाई घंटे तक जमकर रोष जताया। इस पर दोपहर करीब सवा एक बजे चढूनी को छोड़ा गया, जिसके बाद किसान शांत हुए।
विज्ञापन
पुलिस ने 24 घंटे घर से नहीं निकलने दिया : संतोष दहिया
सर्वजातीय सर्वखाप की महिला अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया का कहना है कि वे कोई भीड़ लेकर दिल्ली नहीं जा रही थीं। अपनी कुछ महिला कार्यकर्ताओं के साथ ही जाने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर में ही कैद कर दिया। पुलिस ने उन्हें शनिवार शाम चार बजे से रविवार शाम चार बजे तक घर पर ही कैद रखा। उन्होंने कहा कि यह पीडि़त महिला पहलवानों की आवाज दबाने का प्रयास है, लेकिन सरकार का यह प्रयास सफल नहीं होगा।
किसान बोले-जानबूझकर रद की ट्रेन, स्टेशन अधीक्षक ने बताया तकनीकी खामी
सुबह 5:35 पर कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से चलने वाली कुरुक्षेत्र -हजरत निजामुद्दीन रेलगाड़ी रद कर दी गई, जिसके बड़ी संख्या में किसान व अन्य लोग दिल्ली नहीं पहुंच पाए। किसानों व जनसंघर्ष मंच के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाए कि लोगों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए ही रेलगाड़ी रद् की गई है जबकि स्टेशन अधीक्षक विनोद कुमार का कहना था कि तकनीकी खामी के चलते यह रेलगाड़ी रद् की गई थी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की कार्रवाई : एसपी
एसपी एसएस भौरिया का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दो से तीन लोग हिरासत में लिए गए थे तो कुछ को घरों में ही रखा गया था, लेकिन बाद में इन्हें छोड़ दिया गया।
अब पहलवानों संग पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के सम्मान की तैयारी में भाकियू
सोनीपत के गांव मुंडलाना में चार जून को होगा आयोजन, चढ़ूनी बोले-किसान कमजोर पड़ने वाले नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पहलवानों के समर्थन में कूच करने से पहले ही भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दोपहर बाद रिहा होने पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धोखे से उन्हें और अन्य किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। साथ ही चेताया कि अब चार जून को सोनीपत के गांव मुंडलाना में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें पहलवानों और पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का भाकियू की ओर से सम्मान किया जाएगा। इस दिन किसान भी पूरी तैयारी में होंगे।
उन्होंने बताया कि वे सामान्य दिनों की तरह ही सुबह पौने पांच बजे अपने घर पर थे। तभी अचानक पुलिस बल पहुंच गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इसी तरह दूसरे किसानों व अन्य लोगों के साथ भी किया गया, ताकि वे पहलवानों के समर्थन में दिल्ली तक न जा पाएं। उन्होंने कहा कि चार जून को मुंडलाना में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को भी सम्मानित किया जाएगा। इस समारोह में प्रदेश भर से किसान जुटेंगे। उन्होंने कहा कि किसान कमजोर पड़ने वाला नहीं है। अब चार जून को होने वाले समारोह की तैयारी पूरी करनी होगी। उसमें भी खलल डालने का प्रयास हो सकता है, लेकिन हम डटकर सामना करेंगे।