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Kurukshetra News: विधानसभा का घेराव करने जा रही आशा कर्मियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 01:19 AM IST
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Police detained Asha workers who were going to lay siege to the Vidhansabha
शाहाबाद ।थाने के बाहर प्रदर्शन करती आशा वर्कर्स।
शाहाबाद। चंडीगढ़ में विधानसभा के घेराव करने जा रही आशा कर्मियों को पुलिस ने शाहाबाद में ही रोक लिया, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया। गुस्साई अन्य आशा कर्मियों ने थाने के बाहर ही अपना डेरा जमा लिया और उनके छोड़े जाने तक जमकर नारेबाजी करती रही। आशा कर्मियों को हिरासत में लेने की प्रक्रिया अलसुबह ही कर दी गई थी जो 11 बजे तक चलती रही। हिरासत में ली गई करीब 60 आशा कर्मियों को दोपहर 2.15 बजे छोड़ दिया गया। जिसके बाद आशा कर्मियों ने थाने के बाहर से धरना हटाकर विधायक रामकरण कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और मानदेय में बढ़ोतरी करने की मांग की।
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आशा वर्कर यूनियन की जिला उपप्रधान मंजीत कौर ने बताया कि वह सभी बहने अपनी मांगों को लेकर 20वें दिन से हड़ताल पर है और प्रदेश की सरकार लगातार आशा कर्मियों का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, लेकिन आशा कर्मी सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो गई है। आशा कर्मियों को सिर्फ चार हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जाता है। ऑनलाइन काम का कोई पैसा सरकार आशा कर्मियों को नहीं दिया जा रहा है। जबकि मजदूर की दिहाड़ी भी 500 रुपए से ज्यादा है और आशा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी होनी चाहिए, लेकिन इसके बावजूद भी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली भाजपा सरकार में बेटियों को सड़क पर आने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिला उपप्रधान ने कहा कि आशा कर्मियों के आंदोलन के दौरान वर्ष 2018 में प्रदेश सरकार ने समझौता किया था, जिसका नोटिफिकेशन आज तक जारी नहीं किया गया है।
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यूनियन जिला कोषाध्यक्ष उषा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश की सभी आशा कर्मियों पर काम का दबाव कई गुना बढ़ गया है और रोजाना सरकार द्वारा नए-नए काम ऑनलाइन करने के लिए थोपे जा रहे हैं, जिसके बदले में सरकार आशाओं को किसी भी प्रकार का कोई मेहनताना नहीं देती, उल्टा विभाग के उच्च अधिकारियों एवं सरकार द्वारा आशाओं को तरह-तरह की धमकियां दी जा रही हैं। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों पर कोई सुविधा आशाओं को मुहैया नहीं करवाई गई। आशा कर्मी सुनीता ने बताया कि अस्पताल में आशाओं के लिए बैठने की जगह तो दूर, उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों में विभाग का काम करने व बैठक आदि के लिए जगह तक मुहैया नहीं करवाई गई है।
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इसलिए प्रदेशभर की आशा कर्मी आज अपनी मांगों के समर्थन में विधानसभा का घेराव करने के लिए निकली थी, लेकिन शाहाबाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। जिस कारण आशा कर्मियों में सरकार और पुलिस के प्रति रोष स्वरूप थाने के बाहर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। धरना प्रदर्शन में सीटू जिला सचिव अनिल, सहसचिव रोशन लाल, सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओम प्रकाश, जिला कोषाध्यक्ष रावल गुप्ता, आशा वर्कर परमजीत कौर, सुखबीर कौर, नरेन्द्र, सरोज, अमरजीत, रोशनी, सुनीता, कांता, अनीता, बबली, निशा, माया, सरिता और हरदीप सहित दर्जनों आशा कर्मी उपस्थित रही।




महिला पुलिस के बिना ही लिया हिरासत में
आशा कर्मियाें का आरोप है कि जब पुलिस ने आशा कर्मियों को हिरासत में लिया तो उस समय महिला पुलिस साथ नहीं थी और इसका आशा कर्मी विरोध करती हैं। वहीं मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी गीता रानी ने बताया कि सभी आशा कर्मियों को महिला पुलिस की मौजूदगी में हिरासत में लेकर शाहाबाद थाना लाया गया है और जिन गाड़ियों में आशा कर्मियाें को थाना में लाया गया उन गाड़ियों में भी महिला पुलिस कांस्टेबल ही मौजूद थीं।
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