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धोखाधड़ी के आरोपी को पुलिस ने 20 साल बाद किया काबू
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न्यायालय से भगोड़ा घोषित एक अपराधी को पुलिस ने 20 साल बाद काबू करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी के खिलाफ 1999 में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें आरोपी न्यायालय से जमानत लेकर दोबारा न्यायालय में पेश नहीं हुआ था। कार्रवाई करते हुये न्यायालय ने आरोपी को 2007 में भगोड़ा घोषित कर दिया था, जिसे अब पुलिस ने काबू कर उसके खिलाफ न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने का मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
एसपी आस्था मोदी ने बताया कि वर्ष 1999 में पुलिस ने दो आरोपी जरनैल सिंह और गुरप्रीत सिंह को ट्रक पर नकली नंबर प्लेट लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया था कि उस ट्रक पर वह नंबर प्लेट सुखदेव सिंह निवासी शेखां मोहल्ला थानेसर ने लगाई थी। जिसको पुलिस ने काबू कर न्यायालय में पेश किया था, जो न्यायालय से जमानत मिलने के बाद दोबारा न्यायालय में पेश नहीं हुआ, जिसे न्यायालय ने 2007 में भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस बार-बार आरोपी घर कर रही थी, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपता रहा तथा अपना नाम बदलकर किसी दूसरे नाम से विदेश चला गया था। गत दिवस पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि 20 साल से धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा अपराधी सुखदेव सिंह इस समय भारत में आया हुआ है। आरोपी जरनैल सिंह करतार नगर जालंधर में नकली नाम से पासपोर्ट बनवाकर स्पेन चला गया था। आरोपी 26 फरवरी 2020 को दोबारा स्पेन जाने की तैयारी कर रहा है। इसी दौरान आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस ने जब आरोपी के जालंधर के पते पर रेड की तो पता चला कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिये स्पेन में रह रही अपनी युवती को पास फोन कर 19 फरवरी की टिकट करवा ली है तथा वह इस समय वापिस जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर बैठा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पास जरनैल सिंह का पासपोर्ट का नंबर भी नहीं था और न ही उसकी कोई फोटो उनके पास थी। बावजूद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट इंक्वायरी पर जाकर जरनैल सिंह का नाम सर्च करवाया तो दिल्ली एयरपोर्ट के कर्मचारी ने बताया कि इस नाम का व्यक्ति इस समय स्पेन जाने के लिए फ्लाइट के इंतजार कर रहा है, जिसे पुलिस ने काबू करके गिरफ्तार कर लिया।
बाक्स
नकली पासपोर्ट बना गया था स्पेन
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह 2003 में अपने असली नाम पता पर एक नकली पासपोर्ट बनवाकर फ्रांस देश में चला गया था, जिसे वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर वापिस इंडिया भेज दिया था। उक्त मामला दिल्ली कोर्ट में चल रहा था, जिसमेें दिल्ली कोर्ट ने आरोपी को पचास हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। उसके बाद उसने वर्ष 2003/04 में ही अपना नकली नाम जरनैल सिंह पुत्र निर्मल सिंह निवासी करतार नगर जालंधर के नाम से जालंधर में एक नकली पासपोर्ट बनवाया और उस पासपोर्ट की सहायता से वह वर्ष 2003/04 में स्पेन में चला गया था। इस दौरान वह इंडिया में आता जाता रहता था। इस समय वह इंडिया में आया हुआ था। उसकी 26 फरवरी 2020 को स्पेन के लिए वापसी की फ्लाइट थी। उसको पता चला कि कुरुक्षेत्र पुलिस को उसकी भनक लग गई है। कुरुक्षेत्र पुलिस उसको गिरफ्तार करने की फिराक में है। उसने स्पेन में रह रही अपनी लड़की के पास फोन किया और अपनी टिकट 19 फरवरी 2020 की बनवाई। 19 फरवरी 2020 को सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर गया और अपनी टिकट व पासपोर्ट चेक करवाने के बाद वह स्पेन की फ्लाइट का इंतजार कर रहा था। उसने आगामी पूछताछ के दौरान बताया कि उस पर जिला कुरुक्षेत्र में चोरी और धोखाधड़ी के करीब 6/7 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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एसपी आस्था मोदी ने बताया कि वर्ष 1999 में पुलिस ने दो आरोपी जरनैल सिंह और गुरप्रीत सिंह को ट्रक पर नकली नंबर प्लेट लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया था कि उस ट्रक पर वह नंबर प्लेट सुखदेव सिंह निवासी शेखां मोहल्ला थानेसर ने लगाई थी। जिसको पुलिस ने काबू कर न्यायालय में पेश किया था, जो न्यायालय से जमानत मिलने के बाद दोबारा न्यायालय में पेश नहीं हुआ, जिसे न्यायालय ने 2007 में भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस बार-बार आरोपी घर कर रही थी, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपता रहा तथा अपना नाम बदलकर किसी दूसरे नाम से विदेश चला गया था। गत दिवस पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि 20 साल से धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा अपराधी सुखदेव सिंह इस समय भारत में आया हुआ है। आरोपी जरनैल सिंह करतार नगर जालंधर में नकली नाम से पासपोर्ट बनवाकर स्पेन चला गया था। आरोपी 26 फरवरी 2020 को दोबारा स्पेन जाने की तैयारी कर रहा है। इसी दौरान आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस ने जब आरोपी के जालंधर के पते पर रेड की तो पता चला कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिये स्पेन में रह रही अपनी युवती को पास फोन कर 19 फरवरी की टिकट करवा ली है तथा वह इस समय वापिस जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर बैठा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची। हालांकि पुलिस के पास जरनैल सिंह का पासपोर्ट का नंबर भी नहीं था और न ही उसकी कोई फोटो उनके पास थी। बावजूद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट इंक्वायरी पर जाकर जरनैल सिंह का नाम सर्च करवाया तो दिल्ली एयरपोर्ट के कर्मचारी ने बताया कि इस नाम का व्यक्ति इस समय स्पेन जाने के लिए फ्लाइट के इंतजार कर रहा है, जिसे पुलिस ने काबू करके गिरफ्तार कर लिया।
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नकली पासपोर्ट बना गया था स्पेन
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह 2003 में अपने असली नाम पता पर एक नकली पासपोर्ट बनवाकर फ्रांस देश में चला गया था, जिसे वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर वापिस इंडिया भेज दिया था। उक्त मामला दिल्ली कोर्ट में चल रहा था, जिसमेें दिल्ली कोर्ट ने आरोपी को पचास हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। उसके बाद उसने वर्ष 2003/04 में ही अपना नकली नाम जरनैल सिंह पुत्र निर्मल सिंह निवासी करतार नगर जालंधर के नाम से जालंधर में एक नकली पासपोर्ट बनवाया और उस पासपोर्ट की सहायता से वह वर्ष 2003/04 में स्पेन में चला गया था। इस दौरान वह इंडिया में आता जाता रहता था। इस समय वह इंडिया में आया हुआ था। उसकी 26 फरवरी 2020 को स्पेन के लिए वापसी की फ्लाइट थी। उसको पता चला कि कुरुक्षेत्र पुलिस को उसकी भनक लग गई है। कुरुक्षेत्र पुलिस उसको गिरफ्तार करने की फिराक में है। उसने स्पेन में रह रही अपनी लड़की के पास फोन किया और अपनी टिकट 19 फरवरी 2020 की बनवाई। 19 फरवरी 2020 को सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर गया और अपनी टिकट व पासपोर्ट चेक करवाने के बाद वह स्पेन की फ्लाइट का इंतजार कर रहा था। उसने आगामी पूछताछ के दौरान बताया कि उस पर जिला कुरुक्षेत्र में चोरी और धोखाधड़ी के करीब 6/7 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
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